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23:20 IST
PT24 खास खबर

प्रोफेसर दो साल से कर रहा था छात्रा का शोषण

फेल करने की धमकी देकर बुलाता था कैफे, सच्चाई दबाने में जूटा है लॉ संस्थान, पालकों में तीव्र रोष

नागपुर.

देश के मशहूर लॉ संस्थाना का प्रोफेसर दो साल से ब्लैकमेल करके छात्रा का शोषण कर रहा था. प्रोफेसर की सच्चाई सामने आने के बावजूद उसके वरिष्ठ बचाने में जूटे हुए है. इसीलिए प्रोफेसर को छूट्टी पर रवाना किया गया है. इस प्रकरण में पुलिस भले ही शिकायत नहीं आने का बताकर कार्रवाई करने से बच रही है लेकिन संस्थान से जूड़े विद्यार्थी और उनके पालकों में बेहद रोष है.

सूत्रों के अनुसार पीड़ित लॉ छात्रा दो साल के प्रोफेसर के चंगुल में फंसी हुई थी. छात्रा शहर के एक बड़े व्यापारी परिवार की सदस्य है. प्रोफेसर ने शुरुआत में मार्गदर्शन करने के बहाने छात्रा से नजदिकी बनाई. इसके बाद उसे धार्मिक और दूसरी बातों की जानकारी देकर बरगलाने लगा. उसने छात्रा को परीक्षा में फेल करने का भय बताकर अपने करीब लाने का प्रयास किया. संस्थान में बात करने के अलावा व छात्रा को धरमपेठ और दूसरे इलाके के कैफे में भी बुलाता था. इसके चंगुल में फंसकर भयभीत होने से छात्रा ने परिजनों को भी इसकी जानकारी नहीं दी. व्यापारी परिवार होने से उसके परिजन व्यस्त रहते है. इस वजह से उनका भी बेटी पर ध्यान नहीं गया. कुछ दिनों से छात्रा के बर्ताव और रिती-रिवाज में बदलाव देखकर परिजनों को संदेह हुआ. इसके बाद उन्होंने छात्रा को भरोसे में लेकर पूछताछ की. जिसके बाद सच्चाई पता चली. संतप्त होकर उसके परिजन दो दिन पहले संस्थान पहुंच गए. उन्होंने संस्थान में हंगामा मचाकर प्रोफेसर की पिटाई कर दी. जिसके बाद से संस्थान में खलबली मची हुई है.

बताया जाता है कि प्रोफेसर 2017 से लॉ संस्थाना में कार्यरत है. पहले वह हैदराबाद में था. 2022 में नागपुर आया है. उसके परिवार में पत्नी और दो बच्चे है. बताया जाता है कि संस्थान की एक महिला टिचर से भी उसकी दोस्ती है. ताजा प्रकरण चर्चा में आने के बाद महिला टिचर ने लोगों के सामने प्रोफेसर की छवि को सुधारने का प्रयास किया था. प्रोफेसर द्वारा पहले भी छात्राओं का शोषण किए जाने की चर्चा को देखते हुए भांडेवाड़ी पुलिस ने संस्थान के अधिकारियों संपर्क करके प्रोफेसर की जानकारी हासिल की. बताया जाता है कि संस्थान प्रकरण की सच्चाई सामने लाने की बजाय खूद की छवि बचाने में जूटा हुआ है. इसीलिए उससे प्रोफेसर पर पहले मर्तबा आरोप लगने का बताया है. प्रोफेसर को बचाने में विभाग प्रमुख की अहम भूमिका बताई जा रही है. उसके निर्देश पर ही संस्थान के कुछ लोगों ने छात्रा के पालकों से माफी मांगते हुए संस्थान का नाम उजागर नहीं करने की याचना किए जाने का पता चला है. 15 अक्तूबर की शाम शहर पुलिस के आला अधिकारियों ने भी संस्थान परिसर का मुआयना करके प्रकरण की जानकारी हासिल की थी.

लव जेहाद का लग रहा आरोप

कई पालक ताजा प्रकरण को लव जेहाद बता रहे है. इससे प्रकरण बेहद संवेदनशील हो गया है. सूत्रों के अनुसार गृह विभाग की ओर से भी शहर पुलिस के आला अधिकारियों को दिशा-निर्देश जारी किए गए है. इसके बाद से शहर पुलिस में भी खलबली मची हुई है. आला अधिकारियों ने छात्रा के परिजनों से भी संपर्क किया है. गड़बड़ी की आशंका को देखते हुए शिक्षा संस्थान परिसर की निगरानी की जा रही है. पुलिस अधिकारी अधिकृत जानकारी देने से बच रहे है.

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