शनिवार, 7 नवंबर 2026

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बुलढाणा में सूखे की आशंका, किसानों से जबरन वसूली न करने के निर्देश

बुलढाणा में सूखे की आशंका, किसानों से जबरन वसूली न करने के निर्देश तस्वीरें सत्यापित नहीं हैं
शहर PT24 टीम

राहत और पुनर्वास मंत्री और प्रभारी मंत्री मकरंद जाधव पाटील ने बुलढाणा में संभावित सूखे की समीक्षा की। उन्होंने मदद किसानों तक जल्दी पहुंचाने, चारे और पानी की तैयारी करने और सूखे वाली तहसीलों में जबरन वसूली न करने को कहा।

बुलढाणा जिले में सूखे के हालात बनने की आशंका को देखते हुए राहत एवं पुनर्वास मंत्री और जिले के प्रभारी मंत्री मकरंद जाधव पाटील ने प्रशासन को कई निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि सभी विभाग आपसी तालमेल और जिम्मेदारी के साथ काम करें।

यह निर्देश एक ऑनलाइन बैठक में दिए गए। बैठक जिले की संभावित सूखे जैसी स्थिति और उससे बचाव के उपायों की समीक्षा के लिए बुलाई गई थी। इसमें प्रभारी मंत्री और सह-प्रभारी मंत्री मौजूद थे।

बैठक में केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण राज्यमंत्री प्रतापराव जाधव, विधायक श्वेता महाले, विधायक सिद्धार्थ खरात और विधायक मनोज कायंदे ऑनलाइन जुड़े थे। कलेक्टर कार्यालय में विधायक संजय गायकवाड, कलेक्टर डॉ. प्रवीणकुमार देवरे, मुख्य कार्यकारी अधिकारी भालचंद्र चव्हाण और पुलिस अधीक्षक नीलेश तांबे के साथ जल संरक्षण, कृषि, मृदा और जल संरक्षण और पशुपालन विभाग के अधिकारी बैठे थे। उपविभागीय अधिकारी और अलग-अलग विभागों के प्रमुख भी वहां थे।

पाटील ने कहा कि सरकार की ओर से मिलने वाली आर्थिक मदद, रियायतें और योजनाओं का फायदा पात्र किसानों तक तेजी से पहुंचना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि पशुओं के लिए चारे, लोगों के लिए पीने के पानी और बचे हुए जल भंडार को सिंचाई में लगाने की योजना अभी से बनाई जाए।

बैठक में किसान कर्जमाफी पर अमल की भी समीक्षा हुई। बताया गया कि जिले में अब तक 1 लाख 59 हजार किसानों को कर्जमाफी का लाभ मिल चुका है। बाकी पात्र किसानों की प्रक्रिया जल्दी पूरी करने के निर्देश प्रभारी मंत्री ने दिए। संबंधित विभागों से कहा गया कि कोई भी पात्र किसान इस लाभ से छूटना नहीं चाहिए।

सूखे में किसानों पर आर्थिक संकट और गहरा न हो, इसके लिए पाटील ने साफ कहा कि सूखा प्रभावित तहसीलों में किसी भी तरह की जबरन वसूली न की जाए। राजस्व और कृषि विभाग आपस में तालमेल से काम करें, ताकि किसानों को सरकार की अलग-अलग रियायतें आसानी से मिल सकें। सरकार किसानों को 5 हजार रुपये की अग्रिम मदद दे चुकी है।

चारे की संभावित कमी से बचने के लिए पशुपालन और कृषि विभाग को अभी से योजना बनाने को कहा गया। किसानों को चारे की खेती और चारा उत्पादन के लिए प्रोत्साहित करने के निर्देश भी दिए गए। जिले के पशुओं के लिए पर्याप्त चारा बना रहे, इसके लिए जरूरी कदम उठाने को कहा गया।

प्रभारी मंत्री ने वन विभाग से कहा कि जंगलों में आग न लगे, इसके लिए रोकथाम के उपाय किए जाएं। उन्होंने सभी संबंधित विभागों को आपस में तालमेल रखकर काम करने के निर्देश दिए।

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