बुधवार, 4 नवंबर 2026

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महादेव बेटिंग ऐप मामले में सौरभ चंद्राकर आठ दिन की सीबीआई कस्टडी में, 12 नवंबर को फिर पेशी

महादेव बेटिंग ऐप मामले में सौरभ चंद्राकर आठ दिन की सीबीआई कस्टडी में, 12 नवंबर को फिर पेशी तस्वीरें सत्यापित नहीं हैं
जुर्म PT24 टीम

रायपुर की सीबीआई की विशेष अदालत ने महादेव ऑनलाइन बेटिंग ऐप घोटाले के मुख्य आरोपी सौरभ चंद्राकर को 8 दिन की सीबीआई कस्टडी में भेजा।

महादेव ऑनलाइन बेटिंग ऐप घोटाले के मुख्य आरोपी सौरभ चंद्राकर को रायपुर की सीबीआई की विशेष अदालत ने 8 दिन की सीबीआई कस्टडी में भेज दिया है। बुधवार (4 तारीख) को हुई सुनवाई में अदालत ने यह आदेश दिया। पूछताछ के लिए अब चंद्राकर को दिल्ली में सीबीआई के मुख्यालय ले जाया जाएगा। उसे 12 नवंबर को दोबारा अदालत में पेश किया जाएगा।

सुनवाई के वक्त प्रवर्तन निदेशालय (ED) के अधिकारी और वकील भी अदालत में मौजूद थे। ईडी ने भी सौरभ चंद्राकर की कस्टडी मांगी है। दूसरी तरफ चंद्राकर के वकील तुषार गिरी ने सीबीआई की रिमांड याचिका का विरोध किया और उसे गलत बताया। सुनवाई को देखते हुए अदालत परिसर में भारी पुलिस बंदोबस्त लगाया गया था।

करीब छह हजार करोड़ रुपये के कथित ऑनलाइन सट्टेबाजी घोटाले में मुख्य आरोपी सौरभ चंद्राकर को सीबीआई मंगलवार को दिल्ली से रायपुर लाई थी। उसे ओमान से प्रत्यर्पण की प्रक्रिया के जरिए भारत लाया गया। इससे पहले सोमवार को दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने उसे दो दिन के ट्रांजिट रिमांड पर सीबीआई के हवाले किया था।

छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने बताया कि इस मामले के मुख्य आरोपी को भारत लाया जा चुका है। उन्होंने कहा कि सीबीआई की पूछताछ में कुछ और नाम सामने आ सकते हैं। इसी दौरान उन्होंने कांग्रेस पर निशाना साधा और आरोप लगाया कि पार्टी ने अपने फायदे के लिए लोकतंत्र को कमजोर किया।

उधर कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष दीपक बैज ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में दावा किया कि सह-आरोपी रवि उप्पल और शुभम सोनी अब तक फरार हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि शुभम सोनी कहां है। बैज के मुताबिक 2023 के चुनाव के दौरान महादेव ऐप से जुड़ा वीडियो उसी ने जारी किया था। बैज ने यह भी दावा किया कि पिछली कांग्रेस सरकार के समय इस मामले में 72 से ज्यादा एफआईआर दर्ज हुई थीं और कई छापे मारकर गिरफ्तारियां भी की गई थीं।

चंद्राकर के वकीलों ने उसके प्रत्यर्पण की प्रक्रिया पर पहले ही सवाल उठाए थे। उन्होंने ओमान की अदालत के आदेश का हवाला देकर दलील दी कि भारत की मांग को सिर्फ ईडी के मामले में मंजूरी मिली थी, सीबीआई के मामले में नहीं। वकीलों का कहना है कि जिन मामलों के आधार पर प्रत्यर्पण हुआ, कार्रवाई भी उन्हीं मामलों में हो सकती है।

महादेव बेटिंग ऐप से जुड़े मामलों की जांच सीबीआई कर रही है। छत्तीसगढ़ सरकार ने इस मामले की 13 एफआईआर सीबीआई को सौंपी थीं, जिनमें से दो में चार्जशीट दाखिल हो चुकी है। ईडी मनी लॉन्ड्रिंग के एंगल से अलग जांच कर रही है और सौरभ चंद्राकर के खिलाफ अभियोजन शिकायत दाखिल की जा चुकी है।

सीबीआई की जानकारी के मुताबिक सौरभ चंद्राकर, रवि उप्पल और उनके साथियों ने महादेव ऐप का प्रचार किया, ऑनलाइन सट्टेबाजी के लिए कई प्लेटफॉर्म बनाए और उनसे मिला पैसा अलग-अलग बैंक खातों के जरिए संयुक्त अरब अमीरात भेजा।

चंद्राकर 2023 से दुबई में फरार था और उसके खिलाफ इंटरपोल ने रेड कॉर्नर नोटिस जारी किया था। ओमान की रॉयल पुलिस ने उसे 8 जुलाई को गिरफ्तार किया। इसके 116 दिन बाद, 1 नवंबर को उसे भारत लाया गया।

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