मेहनताने पर छिड़े विवाद में मंगेश कदम और लीना भागवत ने रखा अपना पक्ष
तस्वीरें सत्यापित नहीं हैं
नाटक 'आमने सामने' के निर्माताओं ने कहा कि कलाकारों ने तीसरी बार मेहनताना बढ़ाने की मांग की थी और हर साल बढ़ोतरी उनके लिए मुमकिन नहीं थी।
मराठी रंगमंच पर चल रहे नाटक 'आमने सामने' को लेकर पिछले दो दिनों से मेहनताने का मामला चर्चा में है। नाटक के कलाकार रोहन गुजर और केतकी विलास ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो डालकर दावा किया था कि उन्हें नाटक से निकाल दिया गया है। उन्होंने वीडियो में यह भी कहा था कि मेहनताने की वजह से उनसे नाटक रोकने को कहा गया। इस पर दूसरे कलाकारों और दर्शकों ने भी सोशल मीडिया पर अपनी राय रखी। अब नाटक के निर्माता और कलाकार मंगेश कदम और लीना भागवत ने भी वीडियो के जरिए अपनी बात सामने रखी है।
लीना भागवत ने बताया कि उन्होंने रोहन गुजर और केतकी विलास के वीडियो पर आई प्रतिक्रियाएं पूरे दिन देखीं। इसके बाद उन्हें लगा कि कुछ बातें साफ करना जरूरी है, इसीलिए उन्होंने अपना पक्ष रखने का फैसला किया।
उनके मुताबिक, कलाकारों के वीडियो से ऐसा लग रहा था कि मेहनताना बढ़ाने की मांग करने पर उन्हें अचानक नाटक से हटा दिया गया। लेकिन इस चर्चा में एक अहम बात छूट गई। वह यह कि कलाकारों ने मेहनताना बढ़ाने का प्रस्ताव तीसरी बार दिया था।
लीना भागवत ने कहा कि पहली बार जब प्रस्ताव आया, तब नाटक शुरू ही नहीं हुआ था और कई साल बाद मेहनताना बढ़ाना जरूरी था। इसलिए निर्माताओं ने उसे मान लिया। फिर नाटक के प्रयोग शुरू होने के बाद दोबारा बढ़ोतरी का प्रस्ताव आया।
मंगेश कदम ने बताया कि दूसरी बार प्रस्ताव आने पर उन्होंने खुद कलाकारों से बात की थी। उनसे पूछा था कि उनकी अपेक्षा क्या है, और उन्होंने जो रकम बताई, निर्माताओं ने वह मान ली। मंगेश कदम के मुताबिक इससे जुड़े मैसेज उनके पास लिखित में मौजूद हैं। बढ़ोतरी के बाद नाटक के प्रयोग फिर से ठीक चलने लगे। लेकिन साल पूरा होने से पहले ही कनाडा दौरे के दौरान एक बार फिर मेहनताना बढ़ाने का प्रस्ताव आ गया।
मंगेश कदम ने यह भी साफ किया कि दूसरी बार मेहनताना बढ़ाते वक्त उन्होंने कलाकारों से पूछा था कि क्या उनकी कोई और अपेक्षा है। तब कलाकारों ने कहा था कि मौजूदा मेहनताना काफी है।
तीसरे प्रस्ताव के बारे में लीना भागवत ने कहा कि इस बार बताया गया था कि मेहनताने में बढ़ोतरी हर साल चाहिए। उनके मुताबिक मराठी रंगमंच के किसी भी निर्माता के लिए हर साल कलाकारों का मेहनताना बढ़ाना जरूरी नहीं कि मुमकिन हो। उन्होंने कहा, "हमारे लिए मुमकिन नहीं हो पाया। इसलिए हमने ना कह दिया।"
लीना भागवत ने यह भी कहा कि कलाकारों को जितना मेहनताना चाहिए, अगर निर्माता के तौर पर वह दिया ही नहीं जा सकता, तो उनसे काम करवाना ठीक नहीं है। इसी वजह से नाटक रोकने का फैसला लिया गया।
अपनी बात रखने के बाद लीना भागवत ने बताया कि वे अब इस मामले पर कोई वीडियो या सोशल मीडिया पोस्ट नहीं करेंगी। उन्होंने कहा कि इस वीडियो के जरिए उन्होंने अपनी बात साफ करने की कोशिश की है। कलाकारों के दावों और निर्माता मंगेश कदम व लीना भागवत की सफाई के बाद मेहनताने का यह मुद्दा मराठी रंगमंच में चर्चा का विषय बना हुआ है।
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