भारत ए की जीत एक विकेट से रह गई, खराब रोशनी में न्यूज़ीलैंड ए के साथ पहला टेस्ट ड्रॉ
भारत ए को जीत के लिए सिर्फ एक विकेट चाहिए था, तभी खराब रोशनी की वजह से खेल रोकना पड़ा और मैच ड्रॉ रहा।
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भारत ए और न्यूज़ीलैंड ए के बीच खेला गया पहला अनधिकृत टेस्ट ड्रॉ पर खत्म हुआ। वजह खराब रोशनी रही। भारतीय टीम के लिए यह फैसला किसी झटके से कम नहीं था, क्योंकि मैच रोका गया तब उसे जीत के लिए सिर्फ एक विकेट चाहिए था।
अब मैच की पूरी कहानी। न्यूज़ीलैंड ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी चुनी। पहले बल्लेबाजी करने उतरी भारतीय टीम का खेल निराशाजनक रहा और पूरी टीम सिर्फ 113 रन पर आउट हो गई। भारत की तरफ से यश राठौड़ ने सबसे ज्यादा 44 रन बनाए, जबकि देवदत्त पड्डिकल 32 रन के साथ दूसरे सबसे बड़े स्कोरर रहे।
इसके बाद न्यूज़ीलैंड की बारी आई। कप्तान राइस मारिउ ने 76 रन और डिन फॉक्सक्रॉफ्ट ने 51 रन की पारी खेली। इन्हीं के दम पर न्यूज़ीलैंड ने पहली पारी में 317 रन बना लिए और भारत पर 204 रन की बढ़त ले ली।
दूसरी पारी में भारत ने जोरदार वापसी की और 516 रन का बड़ा स्कोर खड़ा किया। तीसरे नंबर पर उतरे देवदत्त पड्डिकल ने 248 गेंदों में 24 चौके और 3 छक्कों की मदद से 199 रन बनाए। वे दोहरे शतक से सिर्फ एक रन दूर रह गए। साई सुदर्शन भी शतक से चूक गए। उन्होंने 184 गेंदों में 12 चौकों के साथ 91 रन की पारी खेली। यश राठौड़ ने 66 रन और वॉशिंगटन सुंदर ने 52 रन बनाए।
इस तरह न्यूज़ीलैंड के सामने जीत के लिए 313 रन का टारगेट था। लेकिन दूसरी पारी में कीवी टीम भारतीय गेंदबाजों के सामने टिक नहीं पाई और 187 रन पर उसके 9 विकेट गिर गए। मैच का एक घंटे का खेल अभी बाकी था, तभी खराब रोशनी की वजह से खेल रोकना पड़ा। आखिर में मैच ड्रॉ घोषित हुआ। भारतीय टीम को इसका झटका लगा, क्योंकि जीता हुआ मैच उसके हाथ से निकल गया।
भारत के लिए एक चिंता की बात भी है। ओपनिंग जोड़ी यशस्वी जायसवाल और के. एल. राहुल दोनों पारियों में नाकाम रहे। जायसवाल ने पहली पारी में 17 और दूसरी में 5 रन बनाए। राहुल पहली पारी में खाता भी नहीं खोल सके और दूसरी पारी में सिर्फ 4 रन जोड़ पाए। इन दोनों को न्यूज़ीलैंड के खिलाफ टेस्ट सीरीज में भारतीय सीनियर टीम के लिए पारी की शुरुआत करनी है।
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