रविवार, 11 अक्टूबर 2026

अभी सब्सक्राइब करें
प्राइम अलर्ट
सारे लाइव अपडेट
15:54 IST

भद्रावती के डॉ. ज्ञानेश हटवार की किताब को श्रीस्थानक साहित्य पुरस्कार

मराठी ग्रंथ संग्रहालय ठाणे ने "ग्रामगीतेतील क्रांतिदर्शित्व" को राज्य स्तरीय पुरस्कार के लिए चुना है।

भद्रावती के डॉ. ज्ञानेश हटवार की किताब को श्रीस्थानक साहित्य पुरस्कार तस्वीरें सत्यापित नहीं हैं

भद्रावती के साहित्यकार प्रा. डॉ. ज्ञानेश हटवार की किताब "ग्रामगीतेतील क्रांतिदर्शित्व" को इस साल का श्रीस्थानक साहित्य पुरस्कार मिलने का ऐलान हुआ है। यह पुरस्कार मराठी ग्रंथ संग्रहालय ठाणे की ओर से दिया जाता है और इसे प्रतिष्ठा वाला सम्मान माना जाता है।

संग्रहालय हर साल साहित्यकारों की अलग-अलग तरह की रचनाओं को पुरस्कार देता है। इसके पीछे मकसद यह है कि लिखने वालों की कलम को प्रेरणा मिले। पुरस्कार बांटने का यह आठवां साल है, और हर बार 15 अलग-अलग साहित्य प्रकारों की खास कृतियों को इससे सम्मानित किया जाता है।

डॉ. हटवार की यह किताब वंदनीय राष्ट्रसंत तुकडोजी महाराज की ग्रामगीता पर लिखी गई है। ग्रामगीता को ग्रामीण विकास का सूत्र माना गया है। किताब में बताया गया है कि राष्ट्रसंत तुकडोजी महाराज के ग्रामगीता में दिए विचारों की आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में समाज के हर तबके को कितनी जरूरत है। साथ ही यह भी खोला गया है कि राष्ट्रसंत के विचार किस तरह प्रगतिशील, विज्ञान पर आधारित और विवेक पर आधारित हैं, और समाज के जीवन की उन्नति के लिए क्यों जरूरी हैं।

मराठी ग्रंथ संग्रहालय ठाणे ने इस किताब का संज्ञान लेकर पुरस्कार घोषित किया। यह राज्य स्तरीय पुरस्कार "अभिजात मराठी भाषा गौरव सप्ताह" के दौरान घोषित हुआ है। पुरस्कार 25 अक्टूबर 2026 को मराठी ग्रंथ संग्रहालय ठाणे में मान्यवर और वरिष्ठ साहित्यकारों के हाथों दिया जाएगा।

पुरस्कार की घोषणा के बाद डॉ. हटवार को कई लोगों ने बधाई दी है। इनमें वरिष्ठ साहित्यकार और समीक्षक प्राचार्य डॉ. श्याम मोहरकर, वरिष्ठ साहित्यकार श्रीमती प्रतिमा इंगोले, श्रीमती विनाताई मोहरकर और गोंडवाना विद्यापीठ गडचिरोली के मराठी विभाग प्रमुख डॉ. सविता सादमवार शामिल हैं। भद्रावती शिक्षण संस्था भद्रावती के अध्यक्ष डॉ. विवेक शिंदे, सचिव डॉ. कार्तिक शिंदे, सहसचिव डॉ. विशाल शिंदे, श्रीमती नीलिमाताई शिंदे और ट्रस्टी डॉ. जयंत वानखेडे ने भी अभिनंदन किया है।

इनके अलावा डॉ. परमानंद बावनकुळे, डॉ. राम वासेकर, प्राचार्य डॉ. सुधीर मोते, प्रकाशक पराग लोणकर (पुणे), डॉ. विठ्ठल चौथाले (गडचिरोली), डॉ. पांडुरंग कंद (पुणे), प्रा. बाळासाहेब माने (मुंबई), प्रा. यश पवार (यवतमाळ), डॉ. शालिनीताई तेलरांधे (नागपुर), पवन कटरे (गोंदिया), संजय लेनगुरे (भंडारा), प्राचार्य सुभाष पारिसे, प्रा. अरूण मेश्राम, प्रा. ओमप्रकाश ढोरे (अमरावती) और नामदेव मोरे (चंद्रपुर) ने भी उन्हें बधाई दी है।

विदर्भ साहित्य संघ, झाडीबोली साहित्य मंडळ और भद्रावती के गुरुदेव सेवा मंडळ के पदाधिकारियों के साथ साहित्य, सामाजिक और शैक्षिक क्षेत्र के कई मान्यवरों ने भी डॉ. हटवार का अभिनंदन किया है।

क्या हम इस विज़िट को गिन लें? PT24 गूगल एनालिटिक्स से देखता है कि कौन सी खबरें किस पर पढ़ी जाती हैं। आपके हां कहने तक यह बंद है, आप सोच रहे हैं तब तक कुछ नहीं गिना जाता, और आप You पर कभी भी अपना मन बदल सकते हैं। हम क्या लेंगे