वास्तुशास्त्र के मुताबिक रुमाल, नमक और लोहा दूसरों से मुफ्त न लें
वास्तुशास्त्र की मान्यता के अनुसार तीन चीजें रुमाल, नमक और लोहा बिना पैसे दिए न लें और न दें।
तस्वीरें सत्यापित नहीं हैं
घर में सुख-शांति रहे, पैसा टिके और झगड़े न हों, इसके लिए लोग कई तरह की कोशिश करते हैं। कुछ लोग इसके लिए वास्तुशास्त्र के नियम भी मानते हैं। वास्तुशास्त्र में सिर्फ यही नहीं बताया गया है कि घर की दिशा किधर हो, बल्कि यह भी बताया गया है कि कौन सी चीज किससे लेनी चाहिए और कौन सी नहीं।
वास्तुशास्त्र की मान्यता के मुताबिक कुछ चीजें ऐसी होती हैं जिन्हें किसी से मुफ्त में लेने पर उसके घर की बुरी एनर्जी आपके घर में आ जाती है। इससे घर में अड़चनें बढ़ती हैं। ऐसी तीन चीजें ये हैं।
पहली चीज है रुमाल। किसी का इस्तेमाल किया हुआ रुमाल कभी न लें। चाणक्य कहते हैं कि रुमाल देना और लेना, दोनों ही गलत है। लोग रुमाल से पसीना और आंसू पोंछते हैं, इसलिए उसमें उस आदमी का दुख और उसके नेगेटिव विचार होते हैं। अगर आपने दोस्त का रुमाल मुफ्त में ले लिया, तो उसकी प्रॉब्लम आपके पास आ सकती हैं। और अगर आपने किसी को रुमाल तोहफे में दिया, तो आपकी दोस्ती में दूरी आ जाती है। इसलिए रुमाल हमेशा खुद खरीदना चाहिए।
दूसरी चीज है नमक। नमक ऐसी चीज है जो हर घर में लगती है। लेकिन वास्तु में नमक को शनि ग्रह से जोड़ा गया है, और शनि को न्याय देने वाला ग्रह माना जाता है। इसलिए किसी से भी नमक मुफ्त में न लें और न दें। ऐसा करने से घर में पैसों की तंगी आती है, कर्ज बढ़ता है और घर में बार-बार झगड़े होते हैं। कभी-कभी पड़ोसी से नमक मांगना पड़ जाता है। ऐसे में खाली हाथ न लें। उसके बदले थोड़े पैसे या कोई चीज दी जा सकती है।
तीसरी चीज है लोहा। लोहा भी शनि देव की धातु है। लोहे की चीज बिना पैसे दिए लेना अशुभ माना जाता है। इसलिए लोहा हमेशा दुकान से पैसे देकर ही लें। कोई मुफ्त में दे रहा हो, तब भी उसे 10-20 रुपये देकर ही लें।
इसके अलावा झाड़ू, तेल, पेन और घड़ी जैसी चीजें भी मुफ्त में नहीं लेनी चाहिए, ऐसा कहा जाता है। लेकिन सबसे ज्यादा महत्व इन तीन चीजों का है, रुमाल, नमक और लोहा। आपको ठीक लगे तो ये नियम मानें, न लगे तो भी कोई हर्ज नहीं। पर इन छोटी बातों का ध्यान रखने से घर में अच्छी एनर्जी रहती है, यह तय है।