अनिरुद्ध रविचंदर से शादी करेंगी काव्या मारन, जानिए कितनी पढ़ी-लिखी हैं
सनराइजर्स हैदराबाद की मालकिन काव्या मारन के विवाह की खबर के बीच उनकी पढ़ाई, परिवार और कारोबारी जिम्मेदारी पर एक नजर।
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सनराइजर्स हैदराबाद (SRH) फ्रेंचाइजी की मालकिन और सन ग्रुप की एक्जीक्यूटिव डायरेक्टर काव्या मारन मशहूर दक्षिण भारतीय म्यूजिक कंपोजर अनिरुद्ध रविचंदर के साथ शादी के बंधन में बंधने जा रही हैं। इसी बहाने लोग जानना चाह रहे हैं कि काव्या ने कितनी पढ़ाई की है।
काव्या भारत के दिग्गज मीडिया हाउस सन ग्रुप के संस्थापक कलानिधि मारन की इकलौती बेटी हैं। उनका जन्म 3 नवंबर 1991 को चेन्नई में हुआ। उनका परिवार कारोबार और राजनीति, दोनों ही क्षेत्रों में बेहद ताकतवर माना जाता है। उनकी मां कावेरी मारन सन टीवी नेटवर्क की सीईओ हैं और देश की सबसे ज्यादा तनख्वाह पाने वाली महिला अधिकारियों में गिनी जाती हैं। काव्या तमिलनाडु के पूर्व मुख्यमंत्री एम. करुणानिधि की परपोती हैं और पूर्व केंद्रीय मंत्री मुरासोली मारन की नातिन हैं।
पढ़ाई की बात करें तो स्कूल की पढ़ाई पूरी करने के बाद काव्या ने चेन्नई के स्टेला मारिस कॉलेज से बीकॉम की डिग्री ली। इसके बाद ऊंची पढ़ाई के लिए वे विदेश गईं और यूनाइटेड किंगडम के वारविक बिजनेस स्कूल से एमबीए किया। इसी मजबूत बुनियाद की मदद से वे सन ग्रुप का मीडिया और स्पोर्ट्स वर्टिकल संभालती हैं।
वारविक बिजनेस स्कूल में काव्या को असली ग्लोबल एक्सपोजर मिला। वहां उन्होंने इंटरनेशनल बिजनेस, लीडरशिप और स्ट्रेटेजिक मैनेजमेंट जैसे विषयों में महारत हासिल की। खबर के मुताबिक वारविक से एमबीए करने का मतलब है कि उनके पास बाजार की अनिश्चितता को समझने और मुश्किल वक्त में टीम की अगुआई करने की खास ट्रेनिंग है। यह सनराइजर्स की कमान संभालने और ऑक्शन स्ट्रेटेजी में साफ दिखाई देता है।
फिलहाल काव्या सन टीवी नेटवर्क की एक्जीक्यूटिव डायरेक्टर हैं। ग्रुप के स्पोर्ट्स वर्टिकल की पूरी जिम्मेदारी उन्हीं के पास है, जिसमें SRH, सनराइजर्स ईस्टर्न केप और सनराइजर्स लीड्स शामिल हैं। उनकी गिनती देश की सबसे कम उम्र की महिला अचीवर्स में होती है। रिपोर्ट्स के मुताबिक काव्या की निजी नेट वर्थ 400 करोड़ रुपये से ज्यादा है, जबकि उनके परिवार का कुल साम्राज्य 19,000 करोड़ रुपये से ज्यादा का है।
ज्यादातर लोग काव्या को सिर्फ सन ग्रुप की वारिस मानते हैं, लेकिन उनकी असली ताकत उनकी पढ़ाई है। यूके से मैनेजमेंट की डिग्री लेने की वजह से उनकी सोच काफी आधुनिक बताई जाती है। उन्होंने सीखा कि पारंपरिक ढंग से चलने वाले कारोबार में नई तकनीक और डेटा का सही इस्तेमाल कैसे किया जाए। इसीलिए चाहे आईपीएल हो या दक्षिण अफ्रीका की SA20 लीग, खिलाड़ियों को चुनने और टीम चलाने में काव्या का तरीका बेहद प्रोफेशनल और धैर्य वाला दिखाई देता है।