बुधवार, 28 अक्टूबर 2026

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नया GST नंबर अब 3 कामकाजी दिन में, पंजीकरण के नियमों में 5 बदलाव

नया GST नंबर अब 3 कामकाजी दिन में, पंजीकरण के नियमों में 5 बदलाव तस्वीरें सत्यापित नहीं हैं
कारोबार PT24 टीम

CBIC ने 26 अक्टूबर 2026 को नई गाइडलाइन जारी की है। कुछ पात्र छोटे कारोबार तीन कामकाजी दिन में GST पंजीकरण पा सकते हैं।

अपना कारोबार या फ्रीलांसिंग शुरू करने की तैयारी में हैं तो GST नंबर जरूरी होता है। पहले यह नंबर मिलने में एक महीने तक इंतजार करना पड़ता था, लेकिन अब यह प्रक्रिया काफी आसान हो गई है। सेंट्रल बोर्ड ऑफ इनडायरेक्ट टैक्सेज एंड कस्टम्स यानी CBIC ने GST पंजीकरण से जुड़े नियमों और कार्यपद्धति में बड़े बदलाव किए हैं।

प्रक्रिया को सरल बनाने के लिए 26 अक्टूबर 2026 को नई गाइडलाइन जारी की गई है। इसका मकसद आवेदन में होने वाली देरी, अतिरिक्त कागजात की मांग और बार-बार होने वाली पूछताछ को कम करना है। नई गाइडलाइन के मुताबिक कुछ पात्र छोटे कारोबार तीन कामकाजी दिन में GST पंजीकरण हासिल कर सकते हैं। इसके अलावा कारोबार के पते का सबूत, बैंक खाते की जानकारी और टैक्स अधिकारियों की ओर से मांगे जाने वाले अतिरिक्त कागजात के नियम भी साफ किए गए हैं। इसलिए नया GST नंबर लेने से पहले ये पांच बदलाव समझ लेना ठीक रहेगा।

पहला मुद्दा तीन कामकाजी दिन के नियम का है। GST नियमों के नियम 14A के तहत पात्र आवेदकों को सरल पंजीकरण प्रक्रिया का फायदा मिल सकता है। तय शर्तें पूरी करने वाले कारोबार आवेदन के तीन कामकाजी दिन में GST पंजीकरण पा सकते हैं। यह सुविधा उन लोगों के लिए है जो तय पात्रता शर्तों के हिसाब से इस योजना को चुनते हैं और तय सीमा से ज्यादा इनपुट टैक्स क्रेडिट यानी ITC का दावा नहीं करना चाहते।

सामान्य पंजीकरण आवेदन में, अगर आधार प्रमाणीकरण सफल रहा, तो प्रक्रिया आम तौर पर सात कामकाजी दिन में पूरी हो जानी चाहिए। आधार प्रमाणीकरण पूरा न हुआ हो या कारोबार की जगह का मौके पर जाकर सत्यापन जरूरी हो, तो पंजीकरण में 30 दिन तक लग सकते हैं।

अब पांच बदलावों पर आते हैं। पहला बदलाव संपत्ति पर आधारित कागजात का है। कारोबार का पता साबित करने के लिए कौन से कागजात लगेंगे, यह इस पर निर्भर करता है कि जगह खुद की है, किराए की है या परिवार के किसी सदस्य की। ऐसे मामलों में प्रॉपर्टी टैक्स की रसीदें, बिजली या पानी के बिल और नगर निगम के कागजात लग सकते हैं। अगर आप माता-पिता या परिवार के किसी सदस्य के घर से कारोबार चला रहे हैं, तो मालिक की सहमति और मान्य पते का सबूत देना पड़ सकता है।

दूसरा बदलाव को-वर्किंग स्पेस से जुड़ा है। साझा दफ्तर से काम करने वाले फ्रीलांसरों को सदस्यता का करार और जरूरी संपत्ति के कागजात जमा करने होंगे।

तीसरा बदलाव गैरजरूरी कागजात पर रोक का है। अधिकारी बिना वैध कारण अतिरिक्त कागजात नहीं मांग सकते। स्पष्टीकरण की जरूरत हो तो GST REG-03 नोटिस जारी किया जा सकता है, जिसका जवाब आम तौर पर 7 कामकाजी दिन में देना होता है।

चौथा बदलाव यह है कि शुरुआत में बैंक का ब्योरा जरूरी नहीं है। GST पंजीकरण के समय बैंक खाते की जानकारी नहीं चाहिए। हालांकि पंजीकरण मिलने के 30 दिन के भीतर या बाहरी आपूर्ति का ब्योरा दर्ज करने से पहले, इनमें से जो पहले आए, तब तक बैंक का ब्योरा देना जरूरी है।

पांचवां बदलाव आवेदनों के लिए साफ अंतिम समयसीमा का है। आधार सत्यापन और बाकी सत्यापन के आधार पर आवेदनों को निपटाने की एक समयसीमा तय की गई है। देरी होने पर लागू नियमों के मुताबिक मानित मंजूरी दी जा सकती है।

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