अकोला में कोजागिरी पूर्णिमा तक भक्ति का माहौल, खोलेश्वर नवदुर्गा मंडल कर रहा होमहवन और पूजन
नवरात्रोत्सव खत्म होने के बाद भी अकोला के परशुराम चौक पर खोलेश्वर नवदुर्गा मंडल कोजागिरी पूर्णिमा तक होमहवन और पूजन कर रहा है।
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अकोला शहर में नवरात्रोत्सव खत्म हो चुका है, लेकिन भगवान श्री परशुराम चौक पर भक्ति और श्रद्धा का माहौल अब भी बना हुआ है। चौक पर मौजूद खोलेश्वर नवदुर्गा मंडल की ओर से कोजागिरी पूर्णिमा तक होमहवन और पूजन का धार्मिक आयोजन किया जा रहा है। श्रद्धालु बड़े उत्साह से इसमें हिस्सा ले रहे हैं।
आयोजन के तहत 25 अक्टूबर तक श्रद्धालुओं को सुबह से शाम 7 बजे तक माता रानी के दर्शन करने और धार्मिक अनुष्ठान में शामिल होने का मौका मिलेगा। होमहवन और पूजन पूरे विधि-विधान से आचार्य अशोकजी पाठक के मार्गदर्शन में हो रहे हैं।
इस धार्मिक आयोजन में शहर के कई प्रतिष्ठित नागरिक, श्रद्धालु और भक्त श्रद्धा से हिस्सा ले रहे हैं। इसी वजह से पूरा भगवान श्री परशुराम चौक परिसर भक्ति के रंग में रंगा हुआ है।
श्रद्धालुओं का मानना है कि माता रानी की पूजा-अर्चना, होमहवन और प्रार्थना से मन को शांति, सकारात्मकता और आत्मिक शक्ति मिलती है। उनके मुताबिक मुश्किल हालात में माता रानी को याद करने से भक्तों को मानसिक सहारा और हिम्मत मिलती है।
समिति ने लोगों से इस आयोजन में शामिल होने की अपील की है। खोलेश्वर नवदुर्गा उत्सव समिति की अध्यक्ष सौ. रचना शर्मा और महिला मंडल ने अकोला के लोगों से कहा है कि वे बड़ी संख्या में आएं, माता रानी के दर्शन करें और पूजन व होमहवन का लाभ लें।
समिति की ओर से उन सभी श्रद्धालुओं का आभार जताया गया, जिन्होंने तन, मन और धन से आयोजन में मदद की। साथ ही यह कामना भी की गई कि माता रानी की कृपा और आशीर्वाद सभी भक्तों पर हमेशा बना रहे।
धार्मिक कार्यक्रम के आखिरी चरण में 26 अक्टूबर 2026 को सुबह 10 बजे हल्दी आरती होगी। उसके बाद मां पीतांबरा की प्रतिमा को ओंकारेश्वर में पवित्र नर्मदा नदी में विसर्जित किया जाएगा।
कोजागिरी पूर्णिमा तक चलने वाले इस धार्मिक अनुष्ठान से अकोला के भगवान श्री परशुराम चौक परिसर में श्रद्धा, भक्ति और अध्यात्म का माहौल बना हुआ है।
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