अकोला में अब AI कैमरे वाली गाड़ी रखेगी ट्रैफिक नियम तोड़ने वालों पर नजर, घर पहुंचेगा ई-चालान
अकोला आरटीओ के बेड़े में AI, रडार और खास कैमरों वाली मोबाइल एन्फोर्समेंट ट्रैकिंग सिस्टिम (एमटीईएस) शामिल हुई है।
तस्वीरें सत्यापित नहीं हैं
अकोला में ट्रैफिक नियम तोड़ने वाले वाहनचालकों पर अब आधुनिक तकनीक से नजर रखी जाएगी। अकोला प्रादेशिक परिवहन कार्यालय (आरटीओ) के बेड़े में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआय), रडार और खास कैमरों से लैस मोबाइल एन्फोर्समेंट ट्रैकिंग सिस्टिम (एमटीईएस) शामिल हो गई है।
आंकड़ों की बात करें तो अप्रैल से सितंबर, यानी छह महीनों में जिले के 2 हजार 938 वाहनों पर कार्रवाई की गई। इनसे कुल 1 करोड़ 6 लाख 18 हजार रुपये का जुर्माना वसूल किया गया है।
इस सिस्टिम में गाड़ी की छत पर एक एआय कैमरा लगाया गया है, जो 360 अंश में नजर रखता है। इसके साथ स्पीड रडार, ऑटोमैटिक नंबर प्लेट रेकग्निशन (एएनपीआर), ब्रेथ अॅनालायझर और टिंट मीटर जैसे उपकरण भी हैं। नियम तोड़ने की तस्वीरें और करीब 10 सेकंड का वीडियो तारीख, वक्त और जगह की जानकारी के साथ कंट्रोल रूम भेजा जाता है।
जिन बातों पर नजर रखी जा रही है, उनमें तेज रफ्तार से गाड़ी चलाना, हेल्मेट और सीट बेल्ट न लगाना, दोपहिया पर तीन लोगों का सफर, उल्टी दिशा में गाड़ी चलाना, लेन कटिंग और गलत नंबर प्लेट का इस्तेमाल शामिल हैं। नियम तोड़ने वाले चालकों के कागजात की जांच की जाती है और फिर तस्वीरों के साथ ई-चालान भेजा जाता है।
इस गाड़ी की छत पर लगा खास कैमरा 180 अंश के कोण में घूमकर सड़क पर गाड़ियों की हरकत कैद कर सकता है। बताया गया है कि रडार तकनीक के साथ इन्फ्रारेड लाइट की सुविधा भी है, इसलिए रात के अंधेरे में भी गाड़ियों की रिकॉर्डिंग हो सकेगी। उम्मीद है कि इससे नियम तोड़ने वालों को पकड़ने का काम और तेज होगा।
फिलहाल ये गाड़ियां अकोला-नागपुर बायपास, मूर्तिजापुर रोड और शहर के हादसे वाली जगहों पर तैनात हैं। आगे के चरण में अकोट, बालापुर, पातुर, तेल्हारा और बार्शीटाकळी तालुकों में भी चरणबद्ध तरीके से घूमकर कार्रवाई शुरू करने की योजना है। जिले के सभी तालुकों में यह प्रणाली धीरे-धीरे लागू की जाएगी। जिले के लिए अकोला में अलग कंट्रोल रूम प्रस्तावित है।
रवींद्र भुयार, प्रादेशिक परिवहन अधिकारी।