आजाद मैदान में DYFI और SFI का प्रदर्शन, मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार से इस्तीफे की मांग
मुंबई के आजाद मैदान में DYFI और SFI के कार्यकर्ताओं ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर "वोट चोरी" का आरोप लगाते हुए इस्तीफे की मांग की।
तस्वीरें सत्यापित नहीं हैं
देश के मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर मुंबई के आजाद मैदान में प्रदर्शन हुआ। डेमोक्रेटिक यूथ फेडरेशन ऑफ इंडिया (DYFI) और स्टूडेंट्स फेडरेशन ऑफ इंडिया (SFI) के कार्यकर्ता इसमें शामिल हुए।
प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने चुनाव प्रक्रिया में कथित गड़बड़ियों का आरोप लगाया। उनका यह भी कहना था कि मुख्य चुनाव आयुक्त ने केंद्र सरकार की मदद की है। इसी वजह से उन्होंने मांग की कि ज्ञानेश कुमार अपने पद से इस्तीफा दें।
प्रदर्शन में शामिल कार्यकर्ताओं ने ज्ञानेश कुमार पर "वोट चोरी" करने का आरोप लगाया। आंदोलनकर्ताओं का दावा था कि उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार की मदद की। चुनाव प्रक्रिया की निष्पक्षता पर सवाल उठाते हुए आंदोलकों ने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था पर जनता का भरोसा बना रहे, इसके लिए मुख्य चुनाव आयुक्त को पद छोड़ देना चाहिए।
आजाद मैदान में कार्यकर्ताओं के हाथ में ऐसे बैनर दिखे, जिन पर लिखा था "ज्ञानू तू तो गया"। इस नारे के जरिए आंदोलकों ने मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ अपनी नाराजगी जाहिर की। मौके पर कार्यकर्ताओं के हाथों में डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर की तस्वीरें और तिरंगे झंडे भी थे। लोकतंत्र, संविधान और चुनाव प्रक्रिया की पारदर्शिता का मुद्दा उठाते हुए उन्होंने अपनी बात रखी।
आंदोलकों का कहना था कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में चुनाव आयोग की भूमिका बेहद अहम मानी जाती है। इसलिए चुनाव प्रक्रिया को लेकर कोई भी सवाल उठे तो उसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और साफ व पारदर्शी स्पष्टीकरण भी मिलना चाहिए। मुख्य चुनाव आयुक्त पर लगे आरोपों को देखते हुए DYFI और SFI के कार्यकर्ताओं ने उनके इस्तीफे की मांग की और आजाद मैदान से अपना विरोध दर्ज कराया।
इस तरह आजाद मैदान का यह प्रदर्शन चुनाव प्रक्रिया की पारदर्शिता, संविधान और लोकतंत्र के सवालों के इर्द-गिर्द रहा। आंदोलकों की मांग एक ही थी कि मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार इस्तीफा दें।