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23:34 IST

9,000 रुपये की नौकरी से 8 करोड़ की कंपनी तक: कोयंबटूर के शशी धरन की कहानी

कोयंबटूर के 34 साल के शशी धरन ने 2020 में 1,000 वर्ग फुट के छोटे तहखाने से शुरुआत की थी। आज उनकी कंपनी कोवाई किऑस्क का कारोबार 8 करोड़ रुपये तक पहुंच चुका है।

9,000 रुपये की नौकरी से 8 करोड़ की कंपनी तक: कोयंबटूर के शशी धरन की कहानी तस्वीरें सत्यापित नहीं हैं

कोयंबटूर के रहने वाले 34 साल के शशी धरन की कहानी बताती है कि जिद और टिके रहने की आदत इंसान को कहां से कहां पहुंचा सकती है। सही सोच हो तो छोटे-छोटे कदम भी बड़ी चीजें हासिल करा देते हैं। शशी ने 2020 में 1,000 वर्ग फुट के एक छोटे से तहखाने से काम शुरू किया था और आज वे एक बड़ी कंपनी चला रहे हैं।

शशी की कंपनी का नाम कोवाई किऑस्क है। इस कंपनी का टर्नओवर अब 8 करोड़ रुपये तक पहुंच गया है। कंपनी खाने-पीने के छोटे स्टॉल, बड़ी व्यावसायिक इमारतें, किचन के उपकरण और आधुनिक कैप्सूल घर बनाती है।

शशी ने मैकेनिकल इंजीनियरिंग की पढ़ाई की है। नौकरी की शुरुआत उन्होंने सिर्फ 9,000 रुपये की तनख्वाह से की थी। अनुभव बढ़ता गया तो तनख्वाह भी बढ़कर 60,000 रुपये तक पहुंच गई। इसके बावजूद वे रुके नहीं, क्योंकि उन्हें अपना खुद का कारोबार करना था।

कारोबार की शुरुआत 6 लाख रुपये से हुई। शशी ने अपनी बचत में से 2 लाख रुपये लगाए। सरकार की PMEGP योजना से उन्हें 4 लाख रुपये का कर्ज मिला, जिससे इस सफर में बड़ी मदद हुई। पहले डेढ़ साल तक उनकी पत्नी धनू, जो एक आईटी कंपनी में काम करती थीं, अपनी तनख्वाह से कंपनी का खर्च और कर्मचारियों की तनख्वाह संभालती रहीं। दोनों ने एक-दूसरे का साथ देकर कंपनी की नींव रखी।

शुरुआत में शशी सिर्फ रेस्टोरेंट और होटलों के लिए किचन के उपकरण बनाते थे। फिर 2022 में एक ग्राहक ने उन्हें 1.8 लाख रुपये का फिश फ्राई स्टॉल बनाने का ऑर्डर दिया। यह प्रोडक्ट इतना पसंद किया गया कि ऐसे और भी ऑर्डर आने लगे, और इसी ऑर्डर ने उनकी किस्मत पूरी तरह पलट दी। हाल ही में उनकी कंपनी ने 60 लाख रुपये का एक बड़ा किऑस्क प्रोजेक्ट पूरा किया है।

जिस कारोबार में शुरू में सिर्फ दो लोग काम करते थे, वहां अब 100 लोग काम करते हैं। घर के तहखाने से शुरू हुआ यह काम अब 80,000 वर्ग फुट की बड़ी फैक्ट्री तक फैल चुका है। कोवाई किऑस्क अब पोर्टेबल कैप्सूल हाउस भी बनाती है, यानी ऐसे घर जिन्हें आसानी से एक जगह से दूसरी जगह ले जाया जा सकता है। रिसॉर्ट और गार्डन के लिए यह एक नया ट्रेंड बनता जा रहा है।

आज कंपनी की कमाई का 60 फीसदी हिस्सा किऑस्क से, 20 फीसदी किचनवेयर से और 20 फीसदी कैप्सूल हाउस से आता है। वंडरला, जेएसडब्ल्यू स्टील और एचसीएल जैसी बड़ी कंपनियां भी उनकी ग्राहक हैं।

शशी धरन का मानना है कि कारोबार में कामयाबी एक रात में नहीं मिलती, लेकिन मेहनत की जाए तो वह एक न एक दिन जरूर मिलती है। नए उद्यमियों को उनकी सलाह है कि पहले 5-6 साल कड़ी मेहनत और संघर्ष के लिए तैयार रहें। उनके मुताबिक संघर्ष कभी खत्म नहीं होता, बस उसका तरीका बदल जाता है। इसलिए सब्र रखें और काम करते रहें।

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