देश की 6 बड़ी कार कंपनियों में CNG कारों की होड़, ग्राहकों के पास बढ़ेंगे विकल्प
पेट्रोल और डीजल का खर्च बढ़ने से CNG कारों की तरफ ग्राहकों का रुझान बढ़ा है और देश की 6 अग्रणी कार कंपनियों के बीच इस सेगमेंट में मुकाबला तेज हो रहा है।
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भारत में पेट्रोल और डीजल का खर्च बढ़ने की वजह से ग्राहकों का रुझान CNG कारों की तरफ बढ़ रहा है। इसी माहौल में देश की 6 अग्रणी कार कंपनियों के बीच CNG सेगमेंट में मुकाबला तेज होता जा रहा है। कम रनिंग कॉस्ट, रोज के सफर के लिए आसान इस्तेमाल और पेट्रोल के मुकाबले मुमकिन बचत की वजह से CNG कारें कई परिवारों को पसंद आ रही हैं। इसलिए कंपनियां भी अपने लोकप्रिय मॉडल्स में CNG का ऑप्शन बढ़ाने पर जोर दे रही हैं।
CNG कारों की मांग क्यों बढ़ रही है, इसकी वजह भी साफ है। रोज ऑफिस जाने वाले कर्मचारियों, कमर्शियल इस्तेमाल के लिए कार चलाने वाले ड्राइवरों और ज्यादा सफर करने वाले परिवारों के लिए ईंधन का खर्च बड़ी बात होती है। सही हालात में CNG से प्रति किलोमीटर खर्च कम हो सकता है। लेकिन असल बचत CNG के दाम, कार के माइलेज, सालाना सफर और मेंटेनेंस के खर्च पर निर्भर करती है। CNG स्टेशन कहां और कितने मिलते हैं, और भीड़ के वक्त गैस भरवाने में कितना समय लगता है, यह भी कार चुनते वक्त देखना पड़ता है।
बड़ी कंपनियों के बीच मुकाबला तेज है। मारुति सुजुकी ने अपनी कई लोकप्रिय कारों में CNG का ऑप्शन देकर इस सेगमेंट में मजबूत मौजूदगी बना ली है। टाटा मोटर्स भी CNG कारों में निवेश कर रही है और उसके कुछ मॉडल्स में ट्विन-सिलेंडर व्यवस्था दी जाती है। इससे CNG स्टोरेज के साथ बूट स्पेस का इस्तेमाल ज्यादा आसान बनाने की कोशिश की जाती है। हुंडई समेत दूसरी कंपनियां भी कम खर्च में कार चलाना चाहने वाले ग्राहकों को खींचने के लिए इस सेगमेंट पर ध्यान दे रही हैं।
अब CNG कार का मतलब सिर्फ कम खर्च नहीं रह गया है। कंपनियां सुरक्षा, कनेक्टेड फीचर्स, आरामदायक केबिन और आधुनिक डिजाइन पर भी ध्यान दे रही हैं। खरीदने से पहले CNG सिलेंडर की जगह, बूट स्पेस, पेट्रोल से CNG में बदलने की सुविधा और सर्विस नेटवर्क जैसी बातें जांचनी चाहिए।
कार चुनते वक्त ग्राहक को क्या देखना चाहिए, इस पर भी ध्यान देना जरूरी है। CNG कार की शुरुआती कीमत पेट्रोल मॉडल से ज्यादा हो सकती है। इसलिए यह हिसाब लगाना जरूरी है कि उम्मीद की गई बचत कितने महीनों या सालों में मिलेगी। सिर्फ माइलेज के दावे पर फैसला न करें। टेस्ट ड्राइव लें, असल इस्तेमाल का खर्च देखें और सुरक्षा के फीचर्स जांचें। मुकाबला बढ़ने से ग्राहकों को ज्यादा विकल्प मिल सकते हैं, लेकिन सही कार चुनते वक्त अपने सफर की जरूरतों और बजट को पहले रखना जरूरी है।
सवाल उठता है कि क्या CNG कार पेट्रोल कार से सस्ती पड़ती है। CNG का प्रति किलोमीटर खर्च कम हो सकता है, लेकिन कार की शुरुआती कीमत, ईंधन के दाम, माइलेज और मेंटेनेंस का मिला-जुला हिसाब लगाने के बाद ही असल बचत समझ आती है। खरीदते वक्त माइलेज, CNG स्टेशन की उपलब्धता, बूट स्पेस, सुरक्षा के फीचर्स, सर्विस नेटवर्क और पेट्रोल मॉडल के मुकाबले कीमत जांचनी चाहिए। रोज के सफर का खर्च घटाने की जरूरत, CNG मॉडल्स के बढ़ते विकल्प और आधुनिक फीचर्स की वजह से ग्राहक इन कारों की तरफ खिंच रहे हैं।