9 अक्टूबर को मुंबई से नागपुर तक चढ़ेगा पारा, बारिश की जगह धूप और उमस का असर
दक्षिण-पश्चिम मॉनसून की पूरी विदाई के बाद महाराष्ट्र में मौसम शुष्क हो गया है और तापमान बढ़ रहा है।
तस्वीरें सत्यापित नहीं हैं
महाराष्ट्र से दक्षिण-पश्चिम मॉनसून पूरी तरह लौट चुका है और अब मौसम का मिजाज बदल गया है। राज्य के कई हिस्सों में बारिश कम हो गई है और तापमान चढ़ने लगा है। शुक्रवार, 9 अक्टूबर को मुंबई, पुणे और मध्य महाराष्ट्र के कई इलाकों में गर्मी का असर बढ़ने की संभावना है।
भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के मुताबिक मॉनसून की विदाई के बाद राज्य में शुष्क मौसम का दौर मजबूत हो रहा है। यानी दिन में तेज धूप और उमस झेलनी पड़ सकती है।
मुंबई और आसपास के इलाकों में अक्टूबर की गर्मी लोगों को परेशान कर सकती है। मौसम शुष्क रहने से दिन में तापमान ऊपर जाने की संभावना है। जो लोग दोपहर में बाहर निकलते हैं, उन्हें खास सावधानी रखनी होगी। भरपूर पानी पीना, हल्के कपड़े पहनना और देर तक सीधी धूप में न रहना ठीक रहेगा।
नागपुर में 9 अक्टूबर को तापमान 23 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। यहां अधिकतम तापमान 30 डिग्री और न्यूनतम 22 डिग्री रहने का अनुमान है। सूरज सुबह 5:51 बजे निकलेगा और शाम 5:35 बजे डूबेगा। हवा में नमी 94 प्रतिशत और वायुमंडलीय दबाव 1012 दर्ज किया गया है।
नागपुर की हवा की बात करें तो वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 110 दर्ज हुआ है। PM2.5 का स्तर 61 और PM10 का स्तर 145 बताया गया है। इसलिए जिन लोगों पर प्रदूषण का असर जल्दी होता है, उन्हें देर तक इसके संपर्क में रहने से बचना चाहिए।
पुणे में भी मॉनसून जाने के बाद मौसम शुष्क बना हुआ है। शिवाजीनगर मौसम केंद्र में 8 अक्टूबर को अधिकतम तापमान 35.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। आने वाले दिनों में पारा 36 डिग्री तक पहुंचने की संभावना जताई गई है। मध्य महाराष्ट्र के कुछ इलाकों में भी तापमान सामान्य से ऊपर चल रहा है। इसलिए दिन की गर्मी और सुबह की अपेक्षाकृत राहत के बीच फर्क महसूस हो सकता है।
विदर्भ के लिए मौसम विभाग ने 9 अक्टूबर को कोई चेतावनी जारी नहीं की है। नागपुर, चंद्रपुर, गोंदिया और आसपास के इलाकों में लोगों को बारिश के बजाय गर्म और शुष्क मौसम के लिए तैयार रहना चाहिए। हालांकि स्थानीय स्तर पर मौसम बदल सकता है, इसलिए किसी खास जिले की यात्रा से पहले ताजा पूर्वानुमान देख लेना ठीक रहेगा।
मॉनसून जाने के बावजूद इस सीजन में राज्य के कई जिलों में बारिश की कमी दर्ज की गई है। ऐसे में किसानों के लिए मिट्टी में नमी बनाए रखना, उपलब्ध पानी का सोच-समझकर इस्तेमाल करना और फसलों की जरूरत के हिसाब से सिंचाई की योजना बनाना जरूरी है।
आम लोग भी गर्मी से बचने के लिए दोपहर में बेवजह बाहर न निकलें। बच्चों और बुजुर्गों का खास ख्याल रखें। कुल मिलाकर 9 अक्टूबर को महाराष्ट्र में बारिश के मुकाबले शुष्क मौसम और चढ़ते तापमान का असर ज्यादा रहने की संभावना है।