रेलवे स्टेशन पर मिले पुलिस को हलाकान करनेवाले पंड्या
मनपा के नोटिस से थे आहत, 37 दिनों के बाद घर वापसी, लकड़गंज पुलिस की कार्रवाई
नागपुर.
लकड़गंज पुलिस को हलाकान करनेवाले गोसेवक राजेश उर्फ राजूभाई पंड्या 37 दिनों के बाद सकुशल मिल गए है. इससे लकड़गंज पुलिस ने राहत की सांस ली है.
62 वर्षीय राजेश पंड्या 1 सितंबर से लापता थे. वे छाप्रू नगर के बरबटे गार्डन के पास कामधेनु गोशाला चलाते हैं. बेसहारा तथा बीमार गोवंश की सेवा करते है. उनके अचानक लापता होने से गोशाला की जमीन हड़पने के लिए अपहरण किए जाने की आशंका जताई जा रही थी. स्थानीय पार्षद की बड़े नेताओं से चल रही रंजिश से मामले ने तुल पकड़ लिया था. बड़े नेता के समर्थक लकड़गंज थाने पर प्रदर्शन करके पुलिस को कटघरे में खड़ा कर रहे थे. राजनीतिक बवाल पैदा होने का संदेह होते ही प्रकरण की जांच के लिए एसआईटी गठित कर दी गई थी. पुलिस ने 120 संदिग्धों के बयान दर्ज किए थे. 111 गोशाला में खोजबीन की गई थी. 6 राज्यों के 21 शहरों में जांच टीम भेजी गई थी.
8 अक्तूबर की शाम पीआई मुकुंद कवाड़े को पंड्या के नागपुर रेलवे स्टेशन पर आने का पता चला. उन्होंने सभी प्लेटफॉर्म पर टीम तैनात कर दी. प्लेटफॉर्म नंबर एक पर पंड्या रायपुर जाने वाली ट्रेन का इंतजार करते मिल गए. उन्हें कब्जे में लेकर थाने लाया गया. उन्होंने बताया कि वह गोसेवा का सामाजिक कार्य करते है. लोगों की शिकायत के चलते मनपा ने उन्हें गोशाला हटाने का नोटिस दिया था. इससे संतप्त होकर वह खूद ही चले गए थे. उनके बयान से पुलिस की जान में जान आई है. पंड्या को उनके परिजना को सौंप दिया गया. उनसे मिलते ही परिजनों के भी खुशी के आंसू छलक गए. इस प्रकरण में लकड़गंज पुलिस ने सुजबुझ से काम लेकर पंड्या को सकुशल खोज निकाला है.