मंगलवार, 6 अक्टूबर 2026

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17:46 IST

मोहरम जुलूस में 15 हजार लोगों को ज़हर देने की साज़िश, पुणे के फैयाज प्रेमजी पर चार्जशीट

मुंबई पुलिस ने माझगाव कोर्ट में 700 पन्नों की चार्जशीट दाखिल की है। आरोप है कि आरोपी ने मोहरम के जुलूस में चूहे मारने वाले ज़हर की कैप्सूल बाँटी थीं।

मोहरम जुलूस में 15 हजार लोगों को ज़हर देने की साज़िश, पुणे के फैयाज प्रेमजी पर चार्जशीट
एआई से बनाई गई प्रतीकात्मक तस्वीर; यह घटना का वास्तविक फोटो नहीं है | PT24

जून में निकले मोहरम के जुलूस के दौरान मुंबई में करीब 15 हजार लोगों को ज़हर देने की एक खौफनाक साज़िश का मुंबई पुलिस ने पर्दाफाश किया था। अब इस मामले में पुणे के रहने वाले 39 साल के फैयाज प्रेमजी के खिलाफ माझगाव कोर्ट में 700 पन्नों की विस्तृत चार्जशीट दाखिल कर दी गई है। फैयाज पेशे से रंग बनाने का काम करता है। इस घटना से पूरे राज्य में हड़कंप मच गया है। आरोपी फिलहाल आर्थर रोड जेल में बंद है।

जाँच में सामने आया है कि फैयाज ने बैचलर ऑफ बिज़नेस एडमिनिस्ट्रेशन की डिग्री ली हुई है। वारदात से पहले वह मुंबई के डोंगरी इलाके के एक लॉज में लगातार दो हफ्ते रुका था। इसी दौरान उसने 30 हजार खाली कैप्सूल मँगवाए और उनमें 50 किलो से ज़्यादा वज़न का 'ज़िंक फॉस्फाइड' (Zinc Phosphide) भर दिया। यह बेहद ज़हरीला केमिकल आमतौर पर चूहे मारने के काम आता है। पुलिस की कार्रवाई में 14900 से ज़्यादा ज़हरीली कैप्सूल ज़ब्त की गई थीं।

आरोप है कि फैयाज ने मोहरम के जुलूस में शामिल श्रद्धालुओं को ये कैप्सूल दर्द की दवा (पेनकिलर) और रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने वाली गोलियाँ बताकर बाँटना शुरू कर दिया था। पूछताछ में उसने अपना बचाव करते हुए कहा कि मोहरम में 'मातम' यानी खुद को चोट पहुँचाने की प्रथा के दौरान होने वाले दर्द को कम करने के लिए वह ये गोलियाँ बाँट रहा था।

लेकिन जुलूस में शामिल सलमान सय्यद नाम के नौजवान ने जैसे ही यह कैप्सूल ली, उसे फौरन उलटियाँ होने लगीं और बेचैनी महसूस हुई। उसे तुरंत अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा।

26 जून को जुलूस की सुरक्षा में लगी पुलिस टीम की चौकसी से यह बड़ा हादसा टल गया। पुलिस ने शक भरी हरकत देखकर फैयाज को और कैप्सूल बाँटने से पहले ही रंगे हाथ पकड़ लिया। शुरुआती जाँच के मुताबिक आरोपी को अपनी ही कम्युनिटी के कुछ लोगों से सख़्त नाराज़गी थी। पुलिस का कहना है कि इसी निजी झगड़े और नफ़रत में उसने यह सामूहिक हत्या की साज़िश रची।

इस मामले में पुलिस ने 30 से ज़्यादा गवाहों के बयान दर्ज किए हैं। ज़ब्त की गई कैप्सूल में मौजूद चीज़ों की आख़िरी केमिकल जाँच के लिए उन्हें फॉरेंसिक साइंस लैबोरेटरी (FSL) भेजा गया है। फॉरेंसिक रिपोर्ट आने के बाद इस मामले में और बड़े खुलासे होने की पूरी उम्मीद है।

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