शनिवार, 31 अक्टूबर 2026

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31 अक्टूबर को विश्व बचत दिवस: कमाई का 20% पहले बचाने वाला 50-30-20 फॉर्मूला

31 अक्टूबर को विश्व बचत दिवस: कमाई का 20% पहले बचाने वाला 50-30-20 फॉर्मूला तस्वीरें सत्यापित नहीं हैं
कारोबार PT24 टीम

हर साल 31 अक्टूबर को मनाए जाने वाले विश्व बचत दिवस पर जानिए इस दिन का इतिहास, बचत की जरूरत और 50-30-20 का नियम।

आज की तेज रफ्तार और खर्च वाली दुनिया में बचत सिर्फ एक शब्द नहीं रह गई है। यह हर आदमी के सुरक्षित भविष्य का सबसे बड़ा हथियार बन चुकी है। इसी बात की याद दिलाने के लिए हर साल 31 अक्टूबर को दुनिया भर में विश्व बचत दिवस (World Savings Day) मनाया जाता है।

इस दिन का मकसद लोगों में पैसों के मैनेजमेंट, बचत की आदत और आर्थिक साक्षरता को लेकर जागरूकता लाना है। पैसा कमा लेना काफी नहीं होता। आर्थिक रूप से मजबूत होने के लिए उस पैसे का सही प्लान बनाना और बचाना भी उतना ही जरूरी है।

बचत का फायदा सिर्फ एक आदमी तक सीमित नहीं है। उसे किसी भी देश की आर्थिक तरक्की की रीढ़ माना जाता है। लोग जब बैंक या दूसरी सुरक्षित वित्तीय योजनाओं में पैसा जमा करते हैं, तो वह पैसा देश के इन्फ्रास्ट्रक्चर, कारोबार और उद्योगों के विकास में लगता है। इस तरह निजी बचत सीधे और घुमाकर, दोनों तरह से राष्ट्रीय विकास में हाथ बंटाती है।

इस दिन को मनाने की परंपरा सौ साल से भी पुरानी है। इसकी आधिकारिक शुरुआत 1924 में हुई। इटली के मिलान शहर में पहली इंटरनेशनल सेविंग्स बैंक कांग्रेस (International Savings Bank Congress) हुई थी। उसके आखिरी दिन इटली के प्रोफेसर फिलिपो रविझा ने यह दिन मनाने का प्रस्ताव रखा। 29 देशों के प्रतिनिधियों ने इस विचार को पसंद किया, और तभी से लोगों में बैंक में पैसा जमा करने की आदत डालने के लिए यह दिन मनाया जाने लगा।

पहले और दूसरे विश्व युद्ध के बाद कई देशों की अर्थव्यवस्था तबाह हो गई थी। उस वक्त लोगों का बैंकिंग सिस्टम पर भरोसा दोबारा कायम करने और उन्हें बचत की अहमियत समझाने में इस दिन से मदद मिली। आज ज्यादातर देशों में बैंक, वित्तीय संस्थाएं और स्कूल-कॉलेज इस दिन खास कार्यक्रम करते हैं और बचत को लेकर गाइडेंस देते हैं।

क्रेडिट कार्ड, ऑनलाइन शॉपिंग और बाय नाउ पे लेटर (BNPL) के जमाने में लोगों की जरूरतें और ख्वाहिशें काफी बढ़ गई हैं। ऐसे में सोच-समझकर खर्च करना और हर महीने एक तय रकम अलग रखना मुश्किल हो गया है। फिर भी जिंदगी में अचानक आने वाली मुश्किलों से निपटने के लिए बचत ही सबसे बड़ी ढाल होती है।

नौकरी चली जाए, अचानक मेडिकल इमरजेंसी आ जाए या कोई और आपात स्थिति हो, तो कम से कम 3 से 6 महीने का खर्च चल जाए, इतनी रकम इमरजेंसी फंड (Emergency Fund) के तौर पर जमा रहनी चाहिए। बच्चों की ऊंची पढ़ाई, अपना घर खरीदना या रिटायरमेंट के बाद आराम की जिंदगी जैसे बड़े लक्ष्यों के लिए जवानी से ही अनुशासन के साथ बचत करना जरूरी है। जिसके पास काफी बचत होती है, वह किसी आर्थिक संकट में घबराता नहीं। बचत से आर्थिक आजादी मिलती है और भविष्य की फिक्र नहीं रहती।

अगर आप भी बचत करना चाहते हैं, लेकिन शुरुआत कहां से करें समझ नहीं आ रहा, तो पर्सनल फाइनेंस का मशहूर 50-30-20 का नियम आजमा सकते हैं। इसके मुताबिक अपनी मासिक कमाई का 50% हिस्सा घर खर्च, किराना, बिजली बिल और बाकी जरूरी चीजों पर लगाइए। 30% हिस्सा अपनी पसंद, घूमने-फिरने, फिल्म या शौक की चीजों पर खर्च कर सकते हैं। और हर महीने कम से कम 20% रकम शुरुआत में ही अलग निकालकर सुरक्षित जगह निवेश कीजिए या बचाकर रखिए।

विश्व बचत दिवस की सीख यही है कि जो पैसा बच जाए उसमें से बचत करने के बजाय, पहले बचत कीजिए और फिर बाकी पैसा खर्च कीजिए। आज छोटे कदमों से शुरू की गई बचत आगे चलकर बड़े वटवृक्ष की तरह आपको और आपके परिवार को छाया देगी।

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