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वाकड, ताथवडे, रावेत में बढ़ी प्रीमियम घरों की मांग, पिंपरी चिंचवड बन रहा नया ठिकाना

घर खरीदने वाले अब सोच-समझकर फैसला कर रहे हैं और बेहतर कनेक्टिविटी और सुविधाओं के चलते पीसीएमसी इलाका पुणे के प्रीमियम घरों का अहम ठिकाना बन रहा है।

वाकड, ताथवडे, रावेत में बढ़ी प्रीमियम घरों की मांग, पिंपरी चिंचवड बन रहा नया ठिकाना तस्वीरें सत्यापित नहीं हैं

पिंपरी चिंचवड, 27 अक्टूबर 2026: घर खरीदने वाले अब पहले से ज़्यादा सोच-समझकर फैसला कर रहे हैं, और इसका फायदा पीसीएमसी इलाके को मिल रहा है। बेहतर कनेक्टिविटी, जमी-जमाई सामाजिक सुविधाएं और अच्छे रहन-सहन की बढ़ती चाह के चलते पीसीएमसी एक अहम ग्रोथ कॉरिडोर बनकर उभर रहा है।

पुणे का रियल एस्टेट बाज़ार त्योहारों के मौसम में एक बड़े बदलाव के साथ दाखिल हो रहा है। नवरात्रि, दशहरा और दिवाली से जुड़ी पुरानी भावना अब भी खरीदारी के फैसलों पर असर डालती है, लेकिन बाज़ार को अब ऐसे जानकार खरीदार चला रहे हैं जो बेहतर लोकेशन, प्रीमियम सुविधाएं, अच्छी कनेक्टिविटी और लंबे समय की कीमत देखते हैं। पिंपरी-चिंचवड में यह बदलाव सबसे ज़्यादा दिख रहा है, जहां सिर्फ कीमत देखकर लिए जाने वाले घरों से हटकर अब अच्छे रहन-सहन वाले घरों की तरफ रुख तेज़ हो रहा है।

आंकड़े भी यही कहानी बताते हैं। ANAROCK Research के मुताबिक 2026 की तीसरी तिमाही में पुणे में करीब 18,730 नए रिहायशी प्रोजेक्ट लॉन्च हुए, जो पिछली तिमाही से 47 प्रतिशत ज़्यादा है। इससे भी अहम बात यह है कि नई सप्लाई का 51 प्रतिशत से ज़्यादा हिस्सा 80 लाख से 1.5 करोड़ रुपये वाले सेगमेंट में रहा। यानी शहर के बाज़ार में महंगे घरों की अहमियत बढ़ रही है।

यह रुझान एक दिन में नहीं बना। ANAROCK के 2025 के रिहायशी बाज़ार विश्लेषण में 80 लाख से 1.5 करोड़ रुपये वाले सेगमेंट का हिस्सा पुणे के लॉन्च में 39 प्रतिशत था, जबकि 2024 में यह 31 प्रतिशत था। 1.5 करोड़ से 2.5 करोड़ रुपये की श्रेणी का हिस्सा 5 प्रतिशत से दोगुना होकर 10 प्रतिशत हो गया। इससे दिखता है कि डेवलपर अब प्रीमियम घरों पर ज़्यादा ध्यान दे रहे हैं।

त्योहारों का मौसम घरों की बिक्री के लिए अब भी बड़ा सहारा है, पर खरीदारी का तरीका ज़्यादा नपा-तुला हो गया है। खरीदार अब डेवलपर की साख, प्रोजेक्ट की क्वालिटी, कब्ज़ा मिलने की समय-सीमा, पैसे की ज़िम्मेदारियां और रहने वालों की कम्युनिटी में मिलने वाली जीवनशैली को परख रहे हैं।

2026 की तीसरी तिमाही में पुणे में करीब 15,690 घर बिके, जो पिछले साल के मुकाबले 6 प्रतिशत की गिरावट है। यानी त्योहारी माहौल बेहतर होने के बावजूद मांग छांट-छांटकर निकल रही है। इसे मांग की कमी न मानकर यह समझा जा सकता है कि सही लोकेशन पर, सही कीमत में, सही प्रोडक्ट देना कितना ज़रूरी है। इंडस्ट्री के अनुमान हैं कि अक्टूबर 2026 से मार्च 2027 के बीच पुणे में करीब 40,000 से 45,000 रिहायशी यूनिट लॉन्च हो सकती हैं। इससे खरीदारों के पास विकल्प बढ़ेंगे और डेवलपरों के बीच मुकाबला भी तेज़ होगा।

पीसीएमसी को औद्योगिक रोज़गार, आईटी कॉरिडोर से नज़दीकी, बढ़ते कमर्शियल प्रतिष्ठान, शिक्षण संस्थान, स्वास्थ्य सुविधाएं और रिटेल ठिकानों का एक साथ फायदा मिल रहा है। वाकड, ताथवडे, पुनावळे, रावेत, मोशी और चिखली जैसे माइक्रो-मार्केट अब जमे-जमाए रिहायशी इलाके बनते जा रहे हैं। इलाके की बेहतर कनेक्टिविटी और नौकरी-धंधे के केंद्रों तक आसान पहुंच से प्रोफेशनल, उद्यमी और आगे बढ़ते परिवारों की मांग को सहारा मिल रहा है।

प्रीमियम घर की परिभाषा भी बदल रही है। लोग अब सिर्फ स्क्वेयर फुट या लोकेशन देखकर प्रॉपर्टी नहीं परखते। आर्किटेक्चर, लैंडस्केपिंग, क्लबहाउस, वेलनेस सुविधाएं, सिक्योरिटी, कम्युनिटी के लिए जगह और पूरे रहन-सहन का अनुभव अब फर्क पैदा करने वाली बातें बन गई हैं।

ऐश्वर्यम ग्रुप के मैनेजिंग डायरेक्टर सतीश अग्रवाल ने बदलते बाज़ार पर कहा: "पुणे और पीसीएमसी में रिहायशी मांग का ढांचा ही बदल रहा है। आज का घर खरीदने वाला ज़्यादा जानकार है, पैसे को लेकर सजग है और बेहतर की चाह रखता है। किफायत अब भी मायने रखती है, लेकिन खरीदार बेहतर डिज़ाइन वाले घरों, लाइफस्टाइल सुविधाओं, कनेक्टिविटी और कम्युनिटी के अनुभव में निवेश करने को तैयार हैं। त्योहारों का मौसम गंभीर खरीदारों को बाज़ार में वापस ला रहा है, लेकिन फैसले सिर्फ त्योहारी ऑफर से नहीं, लंबे समय की कीमत से हो रहे हैं।

पिछले 17 साल में हमने ऐश्वर्यम में इस बदलाव को करीब से देखा है। किफायती घरों से प्रीमियम रिहायशों की तरफ हमारा सफर, जिसमें FashionTV से जुड़ा हमारा F पोर्टफोलियो भी शामिल है, पीसीएमसी के घर खरीदारों की बदलती चाह को दिखाता है। डेवलपरों के लिए मौका सिर्फ महंगे घर लाने का नहीं है, बल्कि सचमुच बेहतर रिहायशी अनुभव देने का है।"

आने वाली तिमाहियों में फायदा उन डेवलपरों को मिलने की उम्मीद है जो प्रीमियम घरों के साथ किफायत, लोकेशन के फायदे, समय पर काम और ग्राहकों के भरोसे का संतुलन बनाए रखेंगे। पीसीएमसी के लिए मौका सिर्फ अलग-अलग प्रोजेक्ट तक सीमित नहीं है। इंफ्रास्ट्रक्चर का लगातार विकास, कमर्शियल बढ़त और फैलता लाइफस्टाइल इकोसिस्टम पुणे के रियल एस्टेट बाज़ार में उसकी जगह को धीरे-धीरे मज़बूत कर रहे हैं।

रिहायशी बढ़त का अगला दौर इससे तय नहीं होगा कि कितने घर लॉन्च हुए, बल्कि इससे होगा कि डेवलपर बदलती चाह का कितना अच्छा जवाब देते हैं। जैसे-जैसे पुणे के खरीदार जीवन की गुणवत्ता को प्राथमिकता दे रहे हैं, पीसीएमसी इलाके के सबसे अहम प्रीमियम रिहायशी ठिकानों में से एक बनने की अच्छी स्थिति में है।

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