गंगाधाम चौक पर तीन दिन से खुला ड्रेनेज गड्ढा, न बैरिकेड न रोशनी, येरवडा हादसे के दस दिन बाद
पुणे के महर्षि नगर में गंगाधाम चौक पर ड्रेनेज का गड्ढा तीन दिन से खुला है। लोगों को एक और हादसे का डर है।
तस्वीरें सत्यापित नहीं हैं
पुणे के महर्षि नगर में गंगाधाम चौक पर ड्रेनेज के लिए खोदा गया गड्ढा तीन दिन से खुला पड़ा है। गड्ढे के आसपास न बैरिकेड लगे हैं, न चेतावनी का कोई बोर्ड है और न ही रोशनी का इंतजाम है। वहां के लोगों का कहना है कि इससे एक और हादसे का डर बना हुआ है। यह डर इसलिए भी बढ़ा है कि दस दिन पहले ही येरवडा में ऐसे ही एक गड्ढे में गिरकर 69 साल के एक बुजुर्ग की मौत हो चुकी है।
गड्ढा ठीक चौराहे पर है, जो इलाके की सबसे व्यस्त जगहों में से एक है। लोगों के मुताबिक खुदाई शुरू होने के बाद से सुरक्षा का कोई इंतजाम नहीं किया गया। अंधेरा होने पर गड्ढा तब तक दिखता ही नहीं, जब तक आदमी उसके बिल्कुल करीब न पहुंच जाए।
इस चौक से हर दिन हजारों लोग गुजरते हैं। इनमें स्कूल जाने वाले बच्चे, बुजुर्ग और महिलाएं भी शामिल हैं। स्थानीय लोगों को डर है कि रात में या ट्रैफिक से बचने की कोशिश में कोई इस गड्ढे में गिर सकता है।
17 अक्टूबर को येरवडा में फिश मार्केट के पास पुणे महानगरपालिका (PMC) के खोदे हुए गहरे ड्रेनेज गड्ढे में गिरकर 69 साल के प्रदीप परदेशी की मौत हो गई थी। बताया गया है कि वे एक रिक्शा की टक्कर लगने के बाद गड्ढे में गिरे, गंभीर रूप से घायल हुए और इलाज के दौरान उनकी जान चली गई। वहां के लोगों का कहना था कि उस गड्ढे के आसपास भी सुरक्षा का ठीक इंतजाम नहीं था।
गंगाधाम चौक के लोगों का कहना है कि PMC और ठेकेदार ने उस हादसे से कोई सबक नहीं लिया। यह काम वार्ड नंबर 20 और 21 के बीच पड़ता है और PMC का ड्रेनेज विभाग इसे करवा रहा है। स्थानीय लोगों के मुताबिक विभाग साइट पर ठीक से निगरानी नहीं रख रहा।
नागरिकों की मांग है कि गड्ढे के चारों तरफ तुरंत बैरिकेड और चेतावनी के बोर्ड लगाए जाएं। साथ ही जब तक काम पूरा होकर गड्ढा भर नहीं दिया जाता, रात में अच्छी रोशनी का इंतजाम भी किया जाए।
बिबवेवाड़ी क्षेत्रीय कार्यालय की सहायक आयुक्त शीतल वाकडे से उनकी प्रतिक्रिया के लिए संपर्क करने की कोशिश की गई, लेकिन उनसे बात नहीं हो सकी।
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