पुणे मेट्रो लाइन 3 के लिए फीडर बस और स्काईवॉक की मांग, पिंपरी-चिंचवड सोसायटी फेडरेशन ने दिया ज्ञापन
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पिंपरी-चिंचवड को-ऑपरेटिव हाउसिंग सोसायटीज फेडरेशन ने PMRDA, PCMC और पुणे जिलाधिकारी को ज्ञापन देकर मेट्रो स्टेशनों तक आसान पहुंच की मांग की है।
हिंजवडी, 1 नवंबर 2026: पिंपरी-चिंचवड को-ऑपरेटिव हाउसिंग सोसायटीज फेडरेशन (PCCSHF) ने हाल ही में शुरू हुई पुणे मेट्रो लाइन 3 के यात्रियों के लिए बेहतर लास्ट-माइल कनेक्टिविटी की मांग की है। इसके लिए फेडरेशन ने पुणे महानगर क्षेत्र विकास प्राधिकरण (PMRDA), पिंपरी-चिंचवड महानगरपालिका (PCMC) और पुणे जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपा है।
फेडरेशन चाहता है कि वाकड, पिंपले सौदागर, पुनावले, ताथवडे और रावेत जैसे बड़े रिहायशी इलाकों से नजदीकी मेट्रो स्टेशनों तक फीडर बस और ऑटोरिक्शा सेवा चले। साथ ही यात्रियों की सुरक्षित आवाजाही के लिए खास जगहों पर पैदल पुल यानी स्काईवॉक और फुटब्रिज बनाने का प्रस्ताव भी रखा गया है।
प्रस्ताव के मुताबिक फीडर बसें वाकड के उत्सव चौक और डांगे चौक के आसपास की बड़ी हाउसिंग सोसायटियों, पिंपले सौदागर के कोकणे चौक, पुनावले की रिहायशी बस्तियों, ताथवडे की अक्षरा एलिटिज्म सोसायटी और गंगा रोड को जोड़ें। रावेत पुल से वाकड और बालेवाडी मेट्रो स्टेशन तक भी बस रूट रखने की बात कही गई है।
फेडरेशन का सुझाव है कि दफ्तर के वक्त फीडर बसें करीब 10 से 15 मिनट के अंतराल पर चलें और यात्रियों की मांग के हिसाब से फेरे बढ़ाए जाएं। उसने PMRDA, PCMC, पुणे मेट्रो और PMPML से आपसी तालमेल बनाकर यात्रियों की मांग का सर्वे करने और मेट्रो स्टेशनों के एंट्री गेट के पास फीडर बसों के अलग स्टॉप बनाने को भी कहा है।
पैदल सुविधाओं पर भी फेडरेशन ने जोर दिया है। छत्रपति शिवाजी महाराज चौक को इन्फोसिस, साइबरहिल क्लिनिक, लक्ष्मी चौक और हिंजवडी फेज 2 इलाकों से जोड़ने वाले स्काईवॉक का प्रस्ताव है। इसके अलावा वाकड मेट्रो स्टेशन से वाकड गांव और उत्सव चौक तक, और छत्रपति शिवाजी महाराज चौक से बालेवाडी मेट्रो स्टेशन और बालेवाडी गांव तक भी कनेक्शन सुझाए गए हैं।
प्रस्तावित स्काईवॉक में सोलर पावर वाली छत, LED लाइटिंग, CCTV कैमरे, रैम्प, लिफ्ट, दिशा बताने वाले साइनबोर्ड और आपात मदद की सुविधा रखने की उम्मीद जताई गई है। फेडरेशन ने तकनीकी रूप से मुमकिन होने की शर्त पर, सही जगहों पर करीब 500 मीटर से एक किलोमीटर तक की पैदल कनेक्टिविटी का सुझाव दिया है।
फेडरेशन के अध्यक्ष सचिन लोंढे ने कहा, "मेट्रो कनेक्टिविटी सिर्फ रेलवे स्टेशनों तक सीमित नहीं होनी चाहिए। लोगों को अपनी हाउसिंग सोसायटी से स्टेशन तक आराम से और किफायती तरीके से पहुंचने की सुविधा मिलनी चाहिए। ठीक लास्ट-माइल कनेक्टिविटी के बिना कई यात्री निजी गाड़ियों पर निर्भर रहेंगे, जिससे सार्वजनिक परिवहन का मकसद ही बेकार हो जाएगा। इसलिए हमने फीडर बस, ऑटोरिक्शा कनेक्टिविटी और पैदल स्काईवॉक का प्रस्ताव रखा है, ताकि मेट्रो का सफर ज्यादा सुलभ और सुरक्षित बने।"
फेडरेशन ने संबंधित अधिकारियों से 15 दिन के भीतर संयुक्त बैठक बुलाने की मांग की है। साथ ही शुरुआती तौर पर यात्रियों की मांग और रूट का सर्वे कराने, व्यवहार्यता रिपोर्ट और खर्च का अनुमान तैयार करने और फीडर बस सेवा पायलट आधार पर शुरू करने को कहा है।
प्रस्तावित पैदल ढांचे के लिए फेडरेशन ने विस्तृत प्रोजेक्ट रिपोर्ट (DPR) बनाने की भी मांग की है। इसमें जमीन की उपलब्धता, ट्रैफिक की आवाजाही, ढांचे की मजबूती, पहुंच की सुविधा और रखरखाव की जरूरतों को शामिल करने को कहा गया है।
फेडरेशन का कहना है कि इन कदमों से मेट्रो में सवारियां बढ़ेंगी, निजी गाड़ियों पर निर्भरता घटेगी, लास्ट-माइल कनेक्टिविटी सुधरेगी और मेट्रो स्टेशनों के आसपास का ट्रैफिक जाम भी कम होगा।
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