पुणे में दिवाली के बाद एक दिन छोड़कर मिलेगा पानी, जून 2027 तक बचा सिर्फ 7.15 टीएमसी
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नहर सलाहकार समिति की बैठक में पुणे के पानी के कोटे की समीक्षा हुई। आने वाली कमी से बचने के लिए दिवाली खत्म होते ही पूरे शहर में एक दिन छोड़कर पानी सप्लाई करने का फैसला नगर निगम प्रशासन ने लिया है।
पुणे शहर पर आने वाले दिनों में पानी का बड़ा संकट मंडरा रहा है। दिवाली के त्योहार के बाद पूरे शहर में 'एक दिन छोड़कर' पानी की सप्लाई की जाएगी। यह फैसला महानगरपालिका प्रशासन ने लिया है।
यह मामला नहर सलाहकार समिति की बैठक में सामने आया। बैठक की अध्यक्षता राज्य की उपमुख्यमंत्री और पुणे की प्रभारी मंत्री सुनेत्रा पवार ने की। जल संसाधन मंत्री राधाकृष्ण विखे पाटिल और कृषि मंत्री दत्तात्रय भरणे भी इसमें मौजूद थे। बैठक में पुणे शहर के पानी के कोटे का जायजा लिया गया, और आगे की भीषण किल्लत से बचने के लिए यही रास्ता तय किया गया।
अब कोटे का हिसाब देखिए। पुणे शहर के लिए सालभर में 13.5 टीएमसी पानी का कोटा मंजूर है। महानगरपालिका के आंकड़ों के मुताबिक 1 जुलाई से अब तक 6.35 टीएमसी पानी इस्तेमाल हो चुका है। इसका मतलब यह है कि 30 जून 2027 तक, यानी अगले आठ से नौ महीनों के लिए, शहर के हिस्से में सिर्फ 7.15 टीएमसी पानी बचा है। बढ़ती आबादी और रोज की जरूरत को देखते हुए यह बचा हुआ स्टॉक बहुत कम पड़ने की पूरी आशंका है।
इस बार राज्य में अल नीनो के असर से बारिश कम हुई। अगस्त और सितंबर, यानी मुख्य महीनों में जितनी बारिश की उम्मीद थी, उतनी नहीं हुई। इस वजह से ग्रामीण इलाकों की रब्बी फसलों और पीने के पानी के लिए बांधों से पानी छोड़ना पड़ा। हालात को गंभीरता से लेते हुए राज्य सरकार ने 20 प्रतिशत पानी कटौती के निर्देश दिए हैं।
फिलहाल खडकवासला बांध श्रृंखला में 24 टीएमसी पानी का स्टॉक है। फिर भी भाप बनकर उड़ने, रिसाव और ग्रामीण इलाकों के रोटेशन को ध्यान में रखें तो शहर के लिए पानी की सीमा का पालन करना जरूरी हो गया है।
त्योहार के दिनों में लोगों को परेशानी न हो, इसलिए दिवाली तक सप्लाई रोज की तरह नियमित चलती रहेगी। लेकिन दिवाली खत्म होते ही महानगरपालिका एक दिन छोड़कर पानी देने की योजना सख्ती से लागू करेगी। प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि वे पानी बहुत किफायत से इस्तेमाल करें और उसकी बर्बादी से बचें।
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