मंगलवार, 3 नवंबर 2026

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मुंबई-बेंगलुरु हाईवे चौड़ीकरण में बार-बार कटीं केबल, औंध-बाणेर-महालुंगे की बिजली पर खतरा

मुंबई-बेंगलुरु हाईवे चौड़ीकरण में बार-बार कटीं केबल, औंध-बाणेर-महालुंगे की बिजली पर खतरा तस्वीरें सत्यापित नहीं हैं
कारोबार PT24 टीम

महावितरण ने हाईवे के ठेकेदार के खिलाफ बावधन पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई है।

पुणे में वाकड ब्रिज से चांदनी चौक के बीच मुंबई-बेंगलुरु हाईवे का चौड़ीकरण चल रहा है। इस काम के दौरान जमीन के नीचे बिछी बिजली की केबल बार-बार कट रही हैं। इससे शहर में बिजली ढांचे की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है। महाराष्ट्र राज्य विद्युत वितरण कंपनी लिमिटेड (MSEDCL) ने बताया है कि 16, 17 और 31 अक्टूबर को केबल टूटने की तीन घटनाएं हुईं। इनसे बिजली सप्लाई बाधित हुई और उपभोक्ताओं को परेशानी उठानी पड़ी।

MSEDCL का आरोप है कि खुदाई से पहले अंडरग्राउंड केबल को सुरक्षित तरीके से हटाने की बार-बार चेतावनी दी गई थी, फिर भी हाईवे का काम चलता रहा। कंपनी ने ठेकेदार के खिलाफ बावधन पुलिस स्टेशन में शिकायत दी है और सार्वजनिक संपत्ति के नुकसान पर कानूनी कार्रवाई की मांग की है।

MSEDCL के वरिष्ठ अधिकारियों के मुताबिक हाईवे चौड़ीकरण और सर्विस रोड के रास्ते में आने वाली केबल तय प्रक्रिया से ही शिफ्ट करनी होती हैं। संबंधित एजेंसी को MSEDCL से एस्टीमेट लेना होता है, मंजूरी लेनी होती है और उसके बाद जरूरी काम पूरा करके ही निर्माण आगे बढ़ाना होता है। अधिकारियों ने कहा कि नेशनल हाईवेज अथॉरिटी ऑफ इंडिया (NHAI) ने पिंपरी-चिंचवड महानगरपालिका (PCMC) की सीमा के काम के लिए MSEDCL की मंजूरी ले ली है, लेकिन पुणे महानगरपालिका (PMC) की सीमा के काम के लिए ऐसी इजाजत नहीं ली गई।

पहली घटना 16 अक्टूबर को हुई, जब हाईवे के काम में 22 kV बेवर्ली फीडर की केबल क्षतिग्रस्त हो गई। अगले दिन, 17 अक्टूबर को बिटवाइज चौक के पास 22 kV बिटवाइज निया फीडर की एक और केबल कट गई। तीसरी घटना 31 अक्टूबर को दर्ज हुई।

कंपनी का कहना है कि बार-बार ऐसी घटनाओं से प्रभावित इलाकों में बिना रुकावट बिजली देना मुश्किल हो गया है। मरम्मत और बिजली बहाली के काम में कंपनी का अनुमानित नुकसान लाखों रुपये का है। बिजली गुल होने से उपभोक्ता भी परेशान हुए और कंपनी के राजस्व पर भी असर पड़ा।

MSEDCL ने चेताया है कि मौजूदा 22 kV हाई-टेंशन और लो-टेंशन अंडरग्राउंड केबल की ठीक से योजना बनाए बिना हाईवे बना देने से आगे चलकर गंभीर दिक्कतें खड़ी हो सकती हैं। इन केबल में कोई भी खराबी आई तो औंध, बाणेर और महालुंगे के बड़ी संख्या में उपभोक्ताओं की बिजली पर असर पड़ सकता है। कंपनी ने जोर दिया कि आगे सड़क बनाने से पहले मौजूदा केबल की जगह पहचानी जाए और उन्हें सुरक्षित शिफ्ट किया जाए।

MSEDCL की एक और बड़ी चिंता यह है कि अभी सड़क किनारे पड़ी अंडरग्राउंड केबल चौड़ी की गई कैरिजवे के नीचे आ सकती हैं या निर्माण के दौरान कंक्रीट के नीचे दब सकती हैं। ऐसे में खराबी ढूंढना और मरम्मत करना बेहद मुश्किल हो जाएगा। खराब केबल तक पहुंचने के लिए कंक्रीट की सड़क खोदनी पड़ी तो बहाली में देरी हो सकती है और लाखों उपभोक्ताओं की बिजली पर असर पड़ सकता है। कंपनी का कहना है कि हाईवे जैसा अहम ढांचा बनाते समय बिजली नेटवर्क समेत जरूरी सेवाओं को नुकसान से बचाने के पूरे इंतजाम किए जाने चाहिए।

MSEDCL के औंध सब-डिवीजन के तहत आने वाले बाणेर शाखा कार्यालय ने 27 अक्टूबर 2026 को बावधन पुलिस स्टेशन में औपचारिक शिकायत दर्ज कराई। शिकायत में कहा गया है कि अंडरग्राउंड केबल सुरक्षित शिफ्ट करने की पहले से दी गई चेतावनियों के बावजूद निर्माण चलता रहा। कंपनी ने सार्वजनिक संपत्ति को और नुकसान रोकने के लिए संबंधित ठेकेदार पर कानूनी कार्रवाई की मांग की है।

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