पुणे में अपने दो छोटे बच्चों की हत्या की दोषी मां को दोहरी उम्रकैद, 10 हजार रुपये जुर्माना
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पुणे सत्र न्यायालय ने मुलशी के शिरवली में 2022 में अपने साढ़े तीन साल की बेटी और दो साल के बेटे का गला घोंटने वाली मां को सजा सुनाई।
पुणे सत्र न्यायालय ने अपने ही दो छोटे बच्चों की हत्या के मामले में उनकी मां को दोषी ठहराते हुए दोहरी उम्रकैद की सजा सुनाई है। अदालत ने इसके साथ 10 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। सबूत नष्ट करने के आरोप में उसे तीन साल की सश्रम कैद अलग से दी गई है।
अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश एस. बी. भंसाली ने यह फैसला सुनाया। सजा पाने वाली महिला का नाम पूना उर्फ पूनम संजय सोलंकी है। उसकी उम्र 28 साल है और वह मूल रूप से मध्य प्रदेश के खंडवा की रहने वाली है।
मामला 5 जनवरी 2022 का है। पूनम ने मुलशी तहसील के शिरवली इलाके में अपनी साढ़े तीन साल की बेटी और दो साल के बेटे का गला घोंटकर उनकी जान ले ली थी। इस घटना को लेकर उसके पति संजय सोलंकी ने पौड पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई थी।
सोलंकी परिवार मूल रूप से मध्य प्रदेश का है और रोजी-रोटी के लिए पुणे आया था। परिवार शिरवली इलाके में निर्माण मजदूरों के लिए बने एक छोटे से घर में रहता था। जांच में सामने आया कि पूनम बच्चों को अक्सर पीटती थी, और जब उसे समझाया जाता कि बच्चों को मत मारो, तो वह चिड़चिड़ाने लगती थी।
घटना के दिन, यानी 5 जनवरी को पूनम दोनों बच्चों को साथ लेकर घर से निकली। काफी देर तक पत्नी और बच्चे घर नहीं लौटे तो पति संजय ने उनकी तलाश शुरू कर दी। इसी बीच पूनम दोनों बच्चों को जंगल में ले गई और रस्सी से गला घोंटकर उनकी हत्या कर दी। इसके बाद वह बच्चों को वहीं छोड़कर लोणावला में रहने वाले अपने भाई के पास चली गई।
अगले दिन पूनम के भाई ने संजय को फोन करके बताया कि वह बच्चों के बिना लोणावला पहुंची है। बच्चों के बारे में पूछे जाने पर पूनम ने बताया कि उसने दोनों को मारकर घास में फेंक दिया है।
मुकदमे में सरकारी पक्ष की ओर से सरकारी वकील विजय फरगडे और अनिलकुमार वर्मा ने पैरवी की। अदालत ने उपलब्ध सबूतों और गवाहों के बयानों के आधार पर पूनम को बच्चों की हत्या का दोषी ठहराया। आखिर में उसे दोहरी उम्रकैद, 10 हजार रुपये जुर्माना और सबूत नष्ट करने के मामले में तीन साल की सश्रम कैद की सजा सुनाई गई।
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