मंगलवार, 3 नवंबर 2026

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पुणे: फाइव-स्टार होटल में देह व्यापार का आरोप, बाहरी राज्यों के एजेंटों पर केस

पुणे: फाइव-स्टार होटल में देह व्यापार का आरोप, बाहरी राज्यों के एजेंटों पर केस तस्वीरें सत्यापित नहीं हैं
जुर्म PT24 टीम

पुणे पुलिस के मानव तस्करी विरोधी सेल ने संगमवाड़ी के क्राउन प्लाजा में छापा मारा। आरोप है कि दिल्ली से महिलाओं को लाकर देह व्यापार कराया जा रहा था।

पुणे में देह व्यापार चलाने वाले दलाल अब सस्ते लॉज और आम होटलों से हटकर फाइव-स्टार होटलों का रुख कर रहे हैं। पुणे पुलिस के मानव तस्करी विरोधी सेल ने हाल ही में संगमवाड़ी के क्राउन प्लाजा होटल में छापा मारा और दो महिलाओं को हिरासत में लिया। इसी कार्रवाई से यह बदलता तरीका सामने आया है।

पुलिस के मुताबिक उसे अपने सूत्रों से खबर मिली थी कि इस फाइव-स्टार होटल में कथित तौर पर युवतियों से देह व्यापार कराया जा रहा है। टीम भेजने से पहले पुलिस ने इस जानकारी की पड़ताल की। कार्रवाई की अगुवाई करने वाली पुलिस इंस्पेक्टर (क्राइम) आशालता खापरे ने बताया, "पूछताछ में छुड़ाई गई दोनों महिलाओं ने कहा कि वे दिल्ली की रहने वाली हैं और मॉडल का काम करती हैं। इस कथित गतिविधि के लिए वे एजेंटों के जरिए देश की राजधानी से पुणे आई थीं।"

आगे की जांच में पुलिस को एजेंटों के एक अंतरराज्यीय नेटवर्क का पता चला। आरोप है कि इसी नेटवर्क ने महिलाओं को पुणे लाने का इंतजाम किया। पुलिस ने चार "एजेंटों" के खिलाफ केस दर्ज किया है। इनमें से तीन की पहचान रोहन उर्फ राजकुमार (32), विवेव उर्फ मयंक कबीर (34) और विक्रम उर्फ पीयूष (34) के रूप में हुई है। तीनों असम के रहने वाले हैं। चौथे आरोपी की पहचान अभी बाकी है।

पुलिस का कहना है कि आरोपी एजेंटों ने कथित तौर पर महिलाओं को दिल्ली से पुणे पहुंचाने में मदद की और पूरा इंतजाम ऑनलाइन तालमेल से किया। खापरे ने कहा कि ऐसी छापेमारी में छुड़ाई गई महिलाएं एजेंटों और उनके नेटवर्क के बारे में बताने से कतराती हैं, इसलिए जांच करने वालों को जानकारी निकालने में दिक्कत आती है। उन्होंने कहा, "पिछले महीने भी येरवडा के एक होटल से लड़कियों को छुड़ाया गया था। ऐसे मामलों का पता लगाने में वक्त लगता है, क्योंकि एजेंट यह गैरकानूनी धंधा ऑनलाइन करते हैं और ज्यादातर महिलाएं दूसरे राज्यों की होती हैं।"

खापरे के मुताबिक, "ये महिलाएं अक्सर पढ़ी-लिखी और अच्छे परिवारों की होती हैं, इसलिए तुरंत कुछ नहीं बतातीं। जानकारी लेने से पहले हमें उनकी काउंसलिंग करनी पड़ती है। पूरा रैकेट दूसरे राज्यों में बैठे एजेंट चलाते हैं।" पुलिस अधिकारियों ने महिलाओं से अपील की है कि मॉडलिंग के काम या आसान कमाई के दूसरे लुभावने ऑफर देने वाले एजेंटों के झांसे में न आएं, क्योंकि ऐसे ऑफर के बहाने उन्हें देह व्यापार में धकेला जा सकता है।

पुलिस अधिकारियों के मुताबिक जांच करने वाले अब सिर्फ पुराने ढर्रे के लॉज तक सीमित नहीं हैं। वे यह भी देख रहे हैं कि अंतरराज्यीय एजेंट ऑनलाइन बुकिंग और नामी होटलों का इस्तेमाल कैसे कर रहे हैं। एक अधिकारी ने नाम न छापने की शर्त पर कहा, "ऐसे रैकेट पहले लॉज और छोटे ठिकानों से जुड़े माने जाते थे, लेकिन अब एजेंट कथित तौर पर नामी होटलों को निशाना बना रहे हैं, इस भरोसे में कि वे पुलिस की नजर से बचे रहेंगे।"

पुलिस का कहना है कि असम जैसे महाराष्ट्र से बाहर के राज्यों में बैठे एजेंट ऑनलाइन प्लेटफॉर्म और व्हाट्सऐप जैसे मैसेजिंग ऐप के जरिए ग्राहकों से बात करते हैं और कमरे बुक कराते हैं। बुकिंग अक्सर किसी व्यक्ति के नाम पर होती है, जिससे फौरन शक नहीं होता। बड़े होटलों की तरफ झुकाव की एक वजह यह भी बताई गई कि वहां एजेंट ग्राहकों से ज्यादा रकम वसूल सकते हैं। ऑनलाइन बुकिंग की गुमनामी और लोगों का एक राज्य से दूसरे राज्य जाना जांच को और मुश्किल बना देता है।

पुलिस ने साफ किया कि किसी होटल में कथित देह व्यापार का मिलना अपने आप यह साबित नहीं करता कि उसका मैनेजमेंट या स्टाफ इसमें शामिल है। डिप्टी कमिश्नर ऑफ पुलिस (क्राइम) गौहर हसन ने कहा, "इतने बड़े होटल का नाम पहली बार सामने आया है। हमारी जांच के हिसाब से इस मामले में होटल की सीधी भागीदारी नहीं है। कमरे कुछ लोगों ने बुक किए थे और हमने उन्हें पकड़ा।"

पुलिस अधिकारियों ने यह भी बताया कि होटलों को मेहमानों का ठीक से वेरिफिकेशन करने और बुकिंग की जानकारी असली रखने की सलाह दी गई है। उनका कहना है कि एजेंटों की पहचान करना, उनके संपर्कों का पता लगाना और यह समझना कि महिलाओं को शहर में कैसे लाया जाता है, इसके लिए बारीक पूछताछ और अलग-अलग राज्यों के साथ तालमेल चाहिए। आगे के शोषण को रोकने के लिए इन एजेंटों तक पहुंचना जरूरी है।

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