पुणे के प्रदर्शन में मूकबधिर दंपती के हाथों की कारीगरी, 11 साल से चला रहे अपना कारोबार
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आंबेगाव बुद्रुक की शीतल कवठेकर और उनके पति सुन नहीं सकते, बोल भी नहीं सकते। बालगंधर्व रंगमंदिर के प्रदर्शन में उनका स्टॉल लोगों का ध्यान खींच रहा है।
पुणे के बालगंधर्व रंगमंदिर में पुणे महानगरपालिका की तरफ से लगाए गए प्रदर्शन में तरह-तरह की चीजों के स्टॉल सजे हैं। खरीदारों की भीड़ है और विक्रेता अपने सामान के साथ भाग-दौड़ में लगे हैं। इसी शोरगुल के बीच एक स्टॉल ऐसा है जो अलग से नजर आता है। यहां बातचीत शब्दों में नहीं होती, भावनाएं हाथों की हरकतों से जाहिर होती हैं।
यह स्टॉल एक मूकबधिर दंपती का है। दोनों ने अपने हाथों से बनी कलाकृतियों के दम पर अपनी अलग पहचान बनाई है।
आंबेगाव बुद्रुक की रहने वाली शीतल कवठेकर पिछले 11 साल से हस्तकला और तरह-तरह की कलात्मक चीजें बनाने का काम कर रही हैं। वे "विश्व एक्सक्लूसिव आर्ट गैलरी" के नाम से अपना सामान बनाती और बेचती हैं। इस काम में उनके पति भी उनके साथ लगे रहते हैं। दोनों न सुन सकते हैं, न बोल सकते हैं, फिर भी उन्होंने इस कमी को अपनी कला के आड़े नहीं आने दिया और अपना खुद का कारोबार खड़ा कर लिया।
उनके स्टॉल पर हाथ से बनी कई चीजें देखने को मिलती हैं। इनमें आकर्षक नेमप्लेट, की-होल्डर, फ्रिज मैग्नेट, रिंग प्लेटर, गणपति की सजावट का सामान, दिवाली के दीये और पारंपरिक रांगोली की सजावट की चीजें शामिल हैं। इसके अलावा वे जूट की थैलियों पर हाथ से रंगाई करके उन्हें खूबसूरत बनाती हैं।
ग्राहक अपनी पसंद बताएं तो रंग, आकार और थीम के हिसाब से अलग डिजाइन भी तैयार करके दिया जाता है। शादी-ब्याह, कॉर्पोरेट गिफ्ट और त्योहारों के लिए खास ऑर्डर भी वे लेते हैं।
ग्राहकों को सामान दिखाते हुए, उनकी पसंद समझते हुए और आपस में इशारों की भाषा में बात करते हुए इस दंपती का आत्मविश्वास साफ झलकता है। हर चीज में उनकी सूझबूझ, मेहनत और बारीकी दिखाई देती है। उनके पास बात करने के लिए शब्द नहीं हैं, लेकिन हर कलाकृति कुछ न कुछ कहती है।
आवाज की दुनिया में चुपचाप खड़े रहकर अपने काम से पहचान बनाने वाला यह दंपती हिम्मत और आत्मनिर्भरता की सच्ची मिसाल है।
शीतल कवठेकर के स्टॉल पर मिलने वाली चीजों की सूची: अपनी पसंद के डिजाइन वाली नेमप्लेट, सजावटी की-होल्डर, फ्रिज मैग्नेट और स्टिकी नोट्स, रिंग प्लेटर डिजाइन, गणपति सजावट का सामान, दिवाली के सजावटी दीये, पारंपरिक रांगोली की सजावट की चीजें, हाथ से रंगी जूट की थैलियां, शादी के लिए खास तोहफे, कॉर्पोरेट गिफ्ट और मनचाहे तोहफे, और ग्राहकों की पसंद के रंग, आकार और थीम पर बनी खास कलावस्तुएं।
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