दिवाली से पहले पुणे में चीनी महंगी, खुदरा भाव 59 रुपये किलो तक पहुंचा
पिछले 10 दिनों में खुदरा दाम 5 रुपये प्रति किलो बढ़े हैं। व्यापारियों के मुताबिक मिलों की महंगी सप्लाई, थोक भाव में बढ़त और त्योहार की मांग इसकी वजहें हैं।
तस्वीरें सत्यापित नहीं हैं
दिवाली से ठीक पहले पुणे के घरों का चीनी का बिल बढ़ गया है। पिछले 10 दिनों में शहर में चीनी का खुदरा भाव 5 रुपये प्रति किलो चढ़ चुका है। व्यापारियों का कहना है कि इसके पीछे तीन वजहें हैं: चीनी मिलों से आने वाली सप्लाई का महंगा होना, थोक भाव में बढ़ोतरी और त्योहार की वजह से बढ़ी मांग।
पुणे शुगर मर्चेंट्स एसोसिएशन के अध्यक्ष ईश्वर नाहर ने बताया कि इस दौरान थोक भाव 52 रुपये से बढ़कर 54 रुपये प्रति किलो हो गया। वहीं खुदरा बाजार में चीनी 54 रुपये से चढ़कर 59 रुपये प्रति किलो पर पहुंच गई है।
यह बढ़त ऐसे वक्त आई है जब घर-घर में मिठाइयां और दूसरे त्योहारी पकवान बनाने की तैयारी चल रही है। ऐसे में घर के बजट पर दबाव और बढ़ गया है।
नाहर के मुताबिक थोक और खुदरा, दोनों बाजारों में दाम चढ़ने की एक बड़ी वजह यह है कि चीनी मिलें खुद ज्यादा भाव ले रही हैं। इस वक्त मिलें करीब 50 रुपये प्रति किलो के भाव से चीनी बेच रही हैं, जबकि पिछले साल इसी समय यह भाव लगभग 39 रुपये प्रति किलो था।
व्यापारियों का यह भी कहना है कि उत्पादन की लागत बढ़ी है और मौसमी मांग भी है। इन दोनों ने भी दामों को ऊपर धकेला है।
राहत की बात यह है कि इस बढ़ोतरी के बावजूद महाराष्ट्र में चीनी की उपलब्धता को लेकर फिलहाल चिंता की कोई बात नहीं है। राज्य में नौ लाख टन से ज्यादा चीनी उपलब्ध है, और इसे त्योहार के दिनों की मांग पूरी करने के लिए काफी माना जा रहा है।
चीनी मिलों ने मौजूदा गन्ना पेराई सीजन भी शुरू कर दिया है। इससे आने वाले हफ्तों में सप्लाई को सहारा मिल सकता है।
स्टॉक मौजूद है और पेराई का काम चल रहा है, इसलिए हाल की यह बढ़त चीनी की किसी फौरी किल्लत से ज्यादा मिल और बाजार के स्तर पर तय हो रहे भाव से जुड़ी दिखती है।
फिर भी दिवाली की खरीदारी जैसे-जैसे जोर पकड़ेगी, खरीदारों को खुदरा भाव की इस बढ़ोतरी का असर महसूस होने की संभावना है।
कमेंट
अभी कोई कमेंट नहीं। पहले आप लिखिए।