दिवाली खरीदारी: पुणे के सेंट्रल बाजारों में सुबह 9 से रात 11 बजे तक माल गाड़ियों की एंट्री बंद
26 अक्टूबर से 12 नवंबर तक पुणे के भीड़ वाले बाजारों में दिन में माल गाड़ियों पर रोक रहेगी।
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दिवाली की खरीदारी के लिए पुणे के भीड़भाड़ वाले सेंट्रल बाजारों में जाने वालों को इस बार दिन में माल गाड़ियां नहीं दिखेंगी। ट्रैफिक पुलिस ने सुबह 9 बजे से रात 11 बजे तक सप्लाई वाली गाड़ियों के मुख्य कमर्शियल इलाकों में घुसने पर रोक लगा दी है। यह रोक अस्थायी है और 26 अक्टूबर से 12 नवंबर तक लागू रहेगी।
पुलिस का मकसद त्योहार की भीड़ में ट्रैफिक जाम कम करना है और पैदल चलने वालों के लिए रास्ता आसान बनाना है।
नए इंतजाम के हिसाब से व्यापारी अपना माल सिर्फ रात 11 बजे से सुबह 9 बजे के बीच ही उतरवा सकेंगे, और वह भी लाइट कमर्शियल व्हीकल से। बाकी वक्त में तय किए गए मार्केट इलाकों में माल गाड़ियों को आने की इजाजत नहीं होगी।
रोक के दायरे में कई भीड़ वाली जगहें आती हैं। इनमें लक्ष्मी रोड, कुमठेकर रोड, केलकर रोड, बाजीराव रोड, तुलशीबाग, महात्मा फुले मंडई, बोहरी अली, गणेश पेठ, रविवार पेठ, शुक्रवार पेठ और तपकीर गल्ली के नाम शामिल हैं। सेंट्रल मार्केट एरिया के दूसरे हिस्सों में भी यही नियम चलेगा।
दिवाली के दिनों में इन जगहों पर खरीदारों की बड़ी भीड़ रहती है, क्योंकि कपड़े, घर का सामान, सजावट की चीजें और त्योहार की जरूरत का सामान इन्हीं दिनों में सबसे ज्यादा बिकता है।
ट्रैफिक पुलिस का कहना है कि खरीदारी के पीक टाइम में माल गाड़ियां बाजारों में घुसती थीं, जिससे सड़कों पर अड़चन पैदा होती थी और भीड़ भरी गलियों में पैदल चलना मुश्किल हो जाता था। दिन में डिलीवरी रोकने से खरीदारों और दूसरे ट्रैफिक के लिए सड़क पर कुछ जगह खाली हो सकती है।
डिप्टी कमिश्नर ऑफ पुलिस (ट्रैफिक) डॉ. संदीप भाजीभाकरे ने व्यापारियों, सप्लायरों और गाड़ी चलाने वालों से अपील की है कि रोक की पूरी अवधि में नया टाइमटेबल मानें।
दुकानदारों और डिस्ट्रीब्यूटरों को अब अपनी डिलीवरी रात और तड़के की इसी इजाजत वाली खिड़की के हिसाब से प्लान करनी पड़ेगी। जो गाड़ियां तय वक्त के बाहर पहुंचेंगी, उन्हें रोक वाले इलाकों में अंदर नहीं जाने दिया जाएगा। इसलिए माल का इंतजाम पहले से सोचकर करना होगा।
ट्रैफिक पुलिस ने यह इंतजाम खास तौर पर त्योहार के मौसम के लिए किया है। इन दिनों भारी भीड़ रहती है और माल की आवाजाही भी बार-बार होती है, जिससे पुणे की पुरानी मार्केट वाली सड़कों पर और दबाव पड़ता है। 12 नवंबर तक टाइमिंग का पालन करना जरूरी होगा, ताकि बाजार वाले इलाके खरीदारों के लिए खुले रहें और बेवजह का जाम न लगे।
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