गुरूवार, 5 नवंबर 2026

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आयुष कोमकर हत्या मामले में लक्ष्मी आंदेकर को बॉम्बे हाईकोर्ट से जमानत मिली

आयुष कोमकर हत्या मामले में लक्ष्मी आंदेकर को बॉम्बे हाईकोर्ट से जमानत मिली तस्वीरें सत्यापित नहीं हैं
जुर्म PT24 टीम

पुणे की एनसीपी पार्षद लक्ष्मी आंदेकर MCOCA के तहत हिरासत में थीं। हाईकोर्ट ने शर्तों के साथ उन्हें राहत दी।

बॉम्बे हाईकोर्ट ने पुणे की पार्षद और एनसीपी नेता लक्ष्मी आंदेकर को जमानत दे दी है। मामला सितंबर 2025 में हुई 18 साल के आयुष कोमकर की हत्या का है। इस केस में लक्ष्मी आंदेकर महाराष्ट्र कंट्रोल ऑफ ऑर्गनाइज्ड क्राइम एक्ट (MCOCA) के तहत हिरासत में थीं।

लक्ष्मी आंदेकर अजित पवार की अगुवाई वाले एनसीपी गुट से जुड़ी हैं। रिहाई के लिए उन्होंने कई बार अदालतों का दरवाजा खटखटाया था। उनकी अर्जियों पर पुणे सेशंस कोर्ट और हाईकोर्ट में सुनवाई हुई, और अब हाईकोर्ट के ताजा आदेश से उन्हें राहत मिली है।

यह मामला इसलिए भी चर्चा में रहा कि लक्ष्मी आंदेकर ने जेल में रहते हुए ही पुणे म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन का चुनाव लड़ा और जीत भी गईं। लेकिन चुनाव जीतने से उनकी हिरासत की स्थिति नहीं बदली। हाईकोर्ट का जमानत आदेश आने तक वे हिरासत में ही रहीं।

आयुष कोमकर पर सितंबर 2025 में पुणे में एक पार्किंग एरिया में हमला हुआ था। केस की जानकारी के मुताबिक हमलावर उसके इंतजार में थे। उन्होंने पहले गोली चलाई और फिर धारदार हथियारों से वार किया। आयुष की मौके पर ही मौत हो गई।

जांच करने वालों ने इस हत्या को एनसीपी के पार्षद वनराज आंदेकर की पहले हुई हत्या से जोड़ा। वनराज आंदेकर को 1 सितंबर 2024 को नाना पेठ में गोली मारकर मार दिया गया था। आयुष, वनराज का भतीजा था।

पुलिस की जांच में सामने आया कि सितंबर 2025 का हमला कथित तौर पर वनराज की हत्या से जुड़ी बदले की साजिश का हिस्सा था। पुलिस जांच के मुताबिक आयुष के पिता पर पहले वाली हत्या में भूमिका होने का शक था। वहीं उसके दादा बंडू आंदेकर, जिन्हें आंदेकर गैंग का सरगना बताया गया है, पर आरोप है कि उन्होंने बाद वाले हमले की साजिश रची।

आयुष कोमकर हत्या मामले में लक्ष्मी आंदेकर को गिरफ्तार किया गया था और उन पर MCOCA के तहत कार्यवाही चली। हाईकोर्ट के फैसले से इस केस में उन्हें हिरासत से रिहाई मिल गई है, लेकिन यह रिहाई अदालत की लगाई शर्तों के अधीन है।

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