बुधवार, 4 नवंबर 2026

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पुणे में दिवाली से पहले निजी बसों पर RTO की सख्ती, 929 में से 315 बसों में गड़बड़ी, 25.82 लाख की वसूली

पुणे में दिवाली से पहले निजी बसों पर RTO की सख्ती, 929 में से 315 बसों में गड़बड़ी, 25.82 लाख की वसूली तस्वीरें सत्यापित नहीं हैं
कारोबार PT24 टीम

त्योहारों की भीड़ से पहले सितंबर और अक्टूबर में चले अभियान में 929 बसों की जांच की गई। टैक्स और जुर्माने के रूप में कुल 25.82 लाख रुपये वसूल हुए।

दिवाली और बाकी त्योहारों पर पुणे से लोग बड़ी तादाद में गांव और घूमने की जगहों की तरफ निकलते हैं, तो निजी बसों में भीड़ बढ़ जाती है। इसी भीड़ से पहले पुणे के क्षेत्रीय परिवहन कार्यालय यानी RTO ने शहर और आसपास चलने वाली निजी यात्री बसों की जांच का खास अभियान चलाया। यह अभियान 1 सितंबर से 31 अक्टूबर तक चला।

अभियान में देखा गया कि बस वाले ट्रांसपोर्ट के नियम मान रहे हैं या नहीं, यात्रियों से जुड़ी कोई गड़बड़ी तो नहीं है, किराया तय सीमा से ज्यादा तो नहीं लिया जा रहा और गाड़ी के कागजात वैध हैं या नहीं। इन दो महीनों में कुल 929 बसें चेक हुईं। इनमें से 315 बसों में कमी या नियम तोड़ने की बात सामने आई। विभाग के आंकड़ों के हिसाब से लगभग हर तीन में से एक बस में कुछ न कुछ गड़बड़ निकली।

पूरे अभियान में RTO के खजाने में 25.82 लाख रुपये आए। इसमें 23.53 लाख रुपये जुर्माने के हैं और 2.29 लाख रुपये टैक्स के। 315 बसों पर हुई कार्रवाई में से अब तक 185 मामले निपट चुके हैं। एक बात और, इस पूरे दौर में किसी भी बस को जब्त नहीं किया गया।

अब महीने के हिसाब से देखें। सितंबर में 433 बसों की जांच हुई और 154 में खामी मिली। उस महीने 122 मामले निपटे। टैक्स के 1.37 लाख और जुर्माने के 12.43 लाख रुपये मिलाकर सितंबर की वसूली 13.80 लाख रुपये रही।

अक्टूबर में जांच की रफ्तार और बढ़ी। इस महीने 496 बसें चेक की गईं और 161 में उल्लंघन पकड़ा गया। 63 मामलों का फैसला हुआ। इनसे 92,000 रुपये टैक्स और 11.10 लाख रुपये जुर्माना, यानी कुल 12.02 लाख रुपये वसूल हुए। सितंबर के मुकाबले अक्टूबर में ज्यादा बसें जांची गईं, पर फैसले तक पहुंचे मामले कम रहे।

उप क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी स्वप्निल भोसले के मुताबिक अभियान का मकसद यही पक्का करना था कि त्योहारों के सीजन में, जब सफर की मांग काफी चढ़ी रहती है, बस चलाने वाले परिवहन के नियम मानें। उनका कहना है कि इस कार्रवाई से यात्रियों की सुरक्षा बेहतर होनी चाहिए और बस ऑपरेटर RTO के नियमों का पालन करने के लिए खुद आगे आएंगे। भोसले ने यह भी कहा कि आगे भी ऐसी कार्रवाई जारी रहेगी।

अधिकारियों की सलाह साफ है: निजी बस चलाने वाले नियमों पर चलें और यात्रियों की हिफाजत का ख्याल रखें, खासकर तब, जब बसों में सवारियों की भीड़ ज्यादा हो।

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