पर्यटन विभाग ने सह्याद्री फार्म्स और टाटा स्ट्राइव्ह से किया करार, गांवों में बढ़ेगा रोजगार
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महाराष्ट्र पर्यटन विभाग ने सह्याद्री फार्म्स और टाटा स्ट्राइव्ह के साथ त्रिपक्षीय करार किया है। इसके तहत कृषि पर्यटन, कौशल प्रशिक्षण और गांवों में रोजगार पर जोर रहेगा।
मुंबई: महाराष्ट्र में पर्यटन के विकास को अब कौशल विकास, ग्रामीण उद्यमिता और स्थानीय लोगों की भागीदारी से जोड़ा जाएगा। इसके लिए महाराष्ट्र पर्यटन विभाग ने सह्याद्री रूरल डेवलपमेंट फाउंडेशन (Sahyadri Farms) और टाटा कम्युनिटी इनिशिएटिव्ज ट्रस्ट (Tata STRIVE) के साथ त्रिपक्षीय समझौता ज्ञापन किया। यह करार नरिमन पॉइंट के पर्यटन निदेशालय में हुआ।
पर्यटन मंत्री शंभूराज देसाई के नेतृत्व में यह करार पर्यटन क्षेत्र के सर्वांगीण विकास, पर्यटन और आतिथ्य क्षेत्र के लिए कुशल मानव संसाधन तैयार करने, कृषि पर्यटन के विस्तार और गांवों में रोजगार व स्वरोजगार के मौके बनाने के मकसद से किया गया है।
करार पर पर्यटन निदेशालय के निदेशक विकास पानसरे, सह्याद्री रूरल डेवलपमेंट फाउंडेशन के मुख्य कार्यकारी अधिकारी प्रमोद राजेभोसले और टाटा स्ट्राइव के मुख्य परिचालन अधिकारी अमेय वंजारी ने दस्तखत किए। इसके तहत पर्यटन और आतिथ्य क्षेत्र में कौशल विकास की ट्रेनिंग चलाई जाएगी, कृषि पर्यटन और ग्रामीण पर्यटन स्थलों का विकास होगा, पर्यटन पर आधारित उद्यमिता को बढ़ावा मिलेगा और किसानों, युवाओं व महिलाओं के लिए रोजगार के मौके बनाए जाएंगे।
विकास पानसरे ने इस मौके पर कहा, "महाराष्ट्र में पर्यटन के विकास के लिए प्राकृतिक, सांस्कृतिक, ऐतिहासिक और कृषि पर्यटन की बड़ी क्षमता है। इस क्षमता का असरदार इस्तेमाल करते हुए स्थानीय समुदायों को पर्यटन विकास की मुख्य धारा में लाना और उन्हें जरूरी कौशल व उद्यमिता के मौके देना अहम है। सह्याद्री फार्म्स और टाटा स्ट्राइव के साथ यह समझौता ज्ञापन इस लिहाज से महत्वपूर्ण कदम है। इस सहयोग से गांवों के युवाओं, महिलाओं और किसानों को पर्यटन क्षेत्र में नए मौके मिलेंगे। साथ ही कृषि पर्यटन और ग्रामीण पर्यटन के आदर्श मॉडल बनाकर उन्हें पूरे राज्य में फैलाने में मदद होगी। खास तौर पर नाशिक-त्र्यंबकेश्वर सिंहस्थ कुंभ मेले के मद्देनजर स्थानीय मानव संसाधन को पर्यटन और हॉस्पिटैलिटी क्षेत्र के लिए ट्रेन करने में भी यह पहल काम आएगी।"
इस पहल के तहत नाशिक जिले के दिंडोरी तहसील में सह्याद्री मोहाडी क्लस्टर और पुणे जिले में पवना बांध के इलाके में आदर्श कृषि पर्यटन व ग्रामीण पर्यटन क्लस्टर बनाने की योजना है। इसके जरिए किसान उत्पादक कंपनियों, किसानों, युवाओं, महिलाओं और ग्रामीण समुदायों को पर्यटन से जोड़कर उनकी क्षमता बढ़ाई जाएगी। खेती, खाद्य प्रसंस्करण और कृषि पर्यटन से जुड़ी, सीधे अनुभव पर आधारित गतिविधियों को भी बढ़ावा दिया जाएगा।
टाटा स्ट्राइव के जरिए ट्रेनिंग लेने वालों का शुरुआती चयन, पात्रता की जांच और काउंसलिंग होगी। स्थानीय संस्कृति और हॉस्पिटैलिटी क्षेत्र की जरूरतों के मुताबिक पाठ्यक्रम तैयार किया जाएगा, प्रशिक्षित मार्गदर्शक ट्रेनिंग देंगे और कामयाब प्रशिक्षणार्थियों को सर्टिफिकेट दिया जाएगा। इसके अलावा पहले से मौजूद हुनर को पहचानकर उसे औपचारिक मान्यता और सर्टिफिकेट देने के लिए 'रिकग्निशन ऑफ प्रायर लर्निंग' (आरपीएल) की प्रक्रिया को भी आगे बढ़ाया जाएगा।
नाशिक-त्र्यंबकेश्वर सिंहस्थ कुंभ मेला 2026-27 को देखते हुए पर्यटन और हॉस्पिटैलिटी क्षेत्र के लिए जरूरी कुशल मानव संसाधन तैयार करने पर भी इस सहयोग में जोर रहेगा। इससे कुंभ मेले के दौरान श्रद्धालुओं और पर्यटकों को अच्छी पर्यटन सेवाएं देने के लिए स्थानीय मानव संसाधन की क्षमता बढ़ाने में मदद मिलेगी।
इस पहल के लिए पर्यटन निदेशालय नीतिगत मार्गदर्शन और संस्थागत सहयोग देगा और संबंधित सरकारी विभागों, स्थानीय संस्थाओं और पर्यटन क्षेत्र के हितधारकों के बीच तालमेल बिठाएगा। सह्याद्री फार्म्स किसानों, किसान उत्पादक कंपनियों, युवाओं, महिलाओं और ग्रामीण समुदायों को साथ लाकर पहल को लागू करने में सहयोग करेगा। वहीं टाटा स्ट्राइव कौशल विकास के अपने अनुभव, ट्रेनिंग व्यवस्था और तकनीक पर आधारित प्रणाली से ट्रेनिंग और सर्टिफिकेशन की प्रक्रिया को मजबूत करेगा।
यह समझौता ज्ञापन पर्यटन विकास को सिर्फ पर्यटन स्थलों के बुनियादी ढांचे तक सीमित न रखकर स्थानीय समुदायों की भागीदारी, कौशल विकास, ग्रामीण उद्यमिता और टिकाऊ रोजगार से जोड़ने के लिहाज से अहम माना गया है। इस त्रिपक्षीय सहयोग से जो पर्यटन विकास के मॉडल बनेंगे, उन्हें राज्य के दूसरे हिस्सों में भी फैलाने का मौका मिलेगा।
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