पुणे में त्योहारों के दौरान निजी बसों की जांच, 315 बसों में खामी, 25.82 लाख वसूले गए
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पुणे के आरटीओ ने सितंबर और अक्टूबर में 929 निजी यात्री बसों की जांच की। 315 बसों में नियमों का उल्लंघन या कमी मिली और कर व जुर्माना मिलाकर 25.82 लाख रुपये वसूले गए।
पुणे में त्योहारों के मौसम में निजी यात्री बसों से सफर करने वालों की तादाद काफी बढ़ जाती है। इसी को देखते हुए क्षेत्रीय परिवहन विभाग (आरटीओ) ने एक खास जांच मुहिम चलाई। इसका मकसद बसों में नियमों के उल्लंघन, यात्रियों से ज्यादा किराया वसूलने और गाड़ियों के कागजात पूरे होने पर नजर रखना था।
सितंबर और अक्टूबर, इन दो महीनों में कुल 929 निजी यात्री बसों की जांच की गई। इनमें से 315 बसों में नियमों का उल्लंघन या कोई कमी पाई गई। इस कार्रवाई में कर और जुर्माना मिलाकर कुल 25 लाख 82 हजार रुपये वसूल किए गए। आरटीओ के आंकड़ों के मुताबिक इसमें 2.29 लाख रुपये कर और 23.53 लाख रुपये जुर्माना है।
महीने के हिसाब से देखें तो सितंबर में 433 निजी यात्री बसों की जांच हुई और 154 बसों में कमियां मिलीं। उसी महीने 122 मामलों का निपटारा किया गया। इनसे एक लाख 37 हजार रुपये कर और 12 लाख 43 हजार रुपये जुर्माना, यानी कुल 13 लाख 80 हजार रुपये वसूल हुए।
अक्टूबर में जांच की रफ्तार बढ़ाई गई। इस महीने 496 बसों की जांच हुई और उनमें से 161 बसों में नियमों का उल्लंघन पाया गया। अक्टूबर में 63 मामलों का निपटारा हुआ। इनसे 92 हजार रुपये कर और 11 लाख 10 हजार रुपये जुर्माना, यानी कुल 12 लाख दो हजार रुपये की वसूली हुई।
दोनों महीनों के आंकड़े जोड़ें तो 315 बसों में खामियां मिलीं और 185 मामलों का निपटारा किया जा चुका है। खास बात यह है कि इस पूरी अवधि में एक भी बस को जब्त नहीं किया गया, यानी कब्जे में लेने की नौबत नहीं आई।
यह जांच मुहिम इसलिए अहम मानी जा रही है कि निजी बसों के चालक और मालिक यात्रियों की सुरक्षा को पहली प्राथमिकता दें और परिवहन विभाग के नियमों का पालन करें।
एक नजर आंकड़ों पर: कुल जांची गई बसें 929, खामी वाली बसें 315, निपटाए गए मामले 185, वसूला गया कर 2.29 लाख रुपये, वसूला गया जुर्माना 23.53 लाख रुपये, कुल वसूली 25.82 लाख रुपये और जब्त की गई बसें शून्य।
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