मोशी कचरा डिपो के विस्तार पर विरोध, लोगों ने PCMC को दिए 15 दिन
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मोशी, चिखली और चर्होली के नागरिकों और नगरसेवकों ने डिपो के प्रस्तावित विस्तार को रोकने की मांग की है। फैसला न हुआ तो अनिश्चितकालीन आंदोलन की चेतावनी दी गई है।
पिंपरी-चिंचवड महानगरपालिका (PCMC) मोशी के कचरा डिपो का विस्तार करना चाहती है, और इस प्रस्ताव का नए शामिल हुए गांवों में जोरदार विरोध शुरू हो गया है। स्थानीय नागरिक और नगरसेवक सड़क पर उतर आए हैं। मोशी, चिखली और चर्होली के लोगों ने प्रशासन को 15 दिन की मोहलत दी है। उनका कहना है कि इतने दिनों में कोई ठोस फैसला नहीं हुआ तो अनिश्चितकालीन जन आंदोलन होगा।
हाल ही में गांव के एक मंदिर में लोगों की आपात बैठक हुई। इसमें प्रस्तावित विस्तार का कड़ा विरोध किया गया। बैठक के बाद महानगरपालिका आयुक्त को एक ज्ञापन सौंपा गया। उसमें लिखा है कि प्रशासन 15 दिन में ठोस फैसला नहीं लेता तो हजारों नागरिक तेज आंदोलन में शामिल होंगे।
लोगों में मोशी डिपो से हो रही गंभीर परेशानियों को लेकर नाराजगी है। वार्ड नंबर 3 में चर्होली, मोशी, इंद्रायणी नगर, चिखली, भोसरी और स्पाइन रोड का इलाका आता है। पिछले कुछ सालों में यहां तेजी से विकास हुआ है और आबादी काफी बढ़ी है। लेकिन डिपो की बदबू पूरे इलाके में फैल गई है, जिससे लोगों की सेहत खतरे में है। स्थानीय लोगों का कहना है कि हवा के प्रदूषण और भूजल के दूषित होने से सांस की बीमारियां, त्वचा के रोग और दूसरी गंभीर तकलीफें हो रही हैं।
स्थानीय नगरसेवकों और गांव वालों की मांग है कि मोशी डिपो का विस्तार रोका जाए और कचरा प्रबंधन की सुविधाएं शहर में आठ से 10 अलग-अलग जगहों पर बनाई जाएं। उनका कहना है कि पिंपरी-चिंचवड को अपना सारा कचरा एक ही जगह नहीं डालना चाहिए। महानगरपालिका शहर के अलग-अलग हिस्सों में कचरा प्रबंधन के प्रोजेक्ट बनाकर चलाए, ताकि एक ही इलाके के लोगों पर पूरा बोझ न पड़े।
बैठक में एक पूर्व महापौर, मौजूदा नगरसेवक नितिन कलजे, राहुल जाधव, सचिनभाऊ टापकीर, निखिल बोरहाडे, अर्चना सस्ते, डॉ. सुहास कांबले, सागर गवळी, सारिका बोराडे, सुजाता बोराटे और नम्रता योगेश लोंढे मौजूद थे। इनके साथ पूर्व नगरसेवक, अलग-अलग संगठनों के पदाधिकारी, पर्यावरण कार्यकर्ता और बड़ी संख्या में स्थानीय लोग भी आए।
नगरसेवकों और नागरिकों के हस्ताक्षर वाले ज्ञापन में प्रशासन से इस मामले को तुरंत और गंभीरता से लेने की अपील की गई है। ज्ञापन के मुताबिक अगर 15 दिन में प्रस्तावित विस्तार रोकने और कचरा प्रबंधन को अलग-अलग जगहों पर बांटने का ठोस फैसला नहीं हुआ, तो आसपास के इलाकों के हजारों लोग कचरा डिपो पर अनिश्चितकालीन और तेज जन आंदोलन करेंगे। ज्ञापन में यह भी चेतावनी है कि आंदोलन से कानून-व्यवस्था की कोई स्थिति बनी तो उसकी पूरी जिम्मेदारी PCMC प्रशासन की होगी।
मोशी के स्थानीय नगरसेवक निखिल बोरहाडे ने कहा, "मोशी, चिखली, चर्होली और भोसरी के लोग कई सालों से डिपो की बदबू और प्रदूषण झेल रहे हैं। इन इलाकों में अब लाखों लोग बस चुके हैं, और ये पिंपरी-चिंचवड के सबसे तेजी से बढ़ते हिस्सों में हैं। फिर भी प्रशासन उसी डिपो का फिर से विस्तार करने की सोच रहा है और लोगों की सेहत से खिलवाड़ कर रहा है। हमने प्रशासन से कई बार कहा कि अपने फैसले पर दोबारा सोचे।"
बोरहाडे ने आगे कहा, "पूरे शहर के कचरे का बोझ हमारा इलाका क्यों उठाए? महानगरपालिका को कचरा प्रबंधन बांटकर आठ से 10 अलग जगहों पर ले जाना चाहिए। हमने प्रशासन को 15 दिन दिए हैं। इस बीच विस्तार का फैसला वापस नहीं लिया गया तो हम लोगों के साथ सड़क पर उतरेंगे और महानगरपालिका की कचरा गाड़ियां रोकेंगे। यह आंदोलन रुकने वाला नहीं है।"
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