दिवाली से पहले पुणे डिवीजन में FDA के छापे, 3,196 किलो मिठाई-नमकीन जब्त, 8 लाइसेंस सस्पेंड
पुणे, पिंपरी चिंचवड, सोलापुर, सांगली और कोल्हापुर में 15 प्रतिष्ठानों से 16.93 लाख रुपये का माल जब्त, तीन कारोबारियों को काम बंद करने का आदेश।
दिवाली नज़दीक आते ही फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन यानी FDA ने पुणे डिवीजन में मिठाई और खाने के कारोबारियों पर सख्ती कर दी। मंगलवार को एक ही दिन में 15 प्रतिष्ठानों से कुल 3,196.2 किलो मिठाई, नमकीन, डेयरी प्रोडक्ट और दूसरा खाने का सामान पकड़ा गया। इस पूरे माल की कीमत 16.93 लाख रुपये आंकी गई है। आठ दुकानदारों और यूनिटों के लाइसेंस फौरन सस्पेंड कर दिए गए, और तीन और कारोबारियों को अपना काम बंद करने का आदेश थमाया गया।
यह छापेमारी 3 नवंबर को पुणे, पिंपरी चिंचवड, सोलापुर, सांगली और कोल्हापुर में हुई। FDA कमिश्नर तुकाराम मुंढे के चलाए 'सेफ फूड, सेफ महाराष्ट्र' अभियान के तहत टीमें निकलीं। उनकी नज़र मिठाई की दुकानों, डेयरियों, बेकरियों और सूखे मेवे के व्यापारियों पर थी, क्योंकि त्योहार के दिनों में मिठाई और नमकीन की खपत सबसे ज्यादा होती है। अफसरों के मुताबिक कार्रवाई की वजहें अलग-अलग थीं: माल की क्वालिटी पर शक, बनाने की जगह पर गंदगी, स्टोरेज और हैंडलिंग में लापरवाही, गलत लेबल, एक्सपायर हो चुका कच्चा माल और बिना लाइसेंस के कारोबार।
जब्त किए गए कुल माल में से 1,440.5 किलो, जिसकी कीमत 4.35 लाख रुपये बैठती है, मौके पर ही नष्ट करा दिया गया।
पुणे और पिंपरी चिंचवड में अकेले 10 प्रतिष्ठानों पर कार्रवाई हुई। मुंधवा के केशव नगर में जनता स्वीट्स बिना वैध FSSAI लाइसेंस या रजिस्ट्रेशन के चल रही थी, इसलिए उसे बंदी का नोटिस दिया गया। कैंप के कराची स्वीट मार्ट से 186 किलो मोतीचूर लड्डू, खोया और मलाई पेड़ा उठाया गया और नष्ट कर दिया गया। इसकी कीमत 90,780 रुपये है। वहां अफसरों को फूड कलर के रिकॉर्ड अधूरे मिले, खोये को ठीक से रखा नहीं गया था, एक्सपायर सामग्री पड़ी थी और शेड्यूल 4 की शर्तें भी तोड़ी जा रही थीं।
शिक्रापुर की श्री गणेश लड्डूवाले से 605 किलो मैसूर पाक और लड्डू जब्त करके नष्ट किए गए, जिनकी कीमत 1.22 लाख रुपये है। आरोप है कि यह यूनिट गंदगी के बीच चल रही थी और उसके पास लाइसेंस भी नहीं था। मुलशी की चामुंडा माँ रबड़ीवाला से 486 किलो मलाई रबड़ी और अंगूरी रसगुल्ला पकड़ा गया, जिसकी कीमत 1.75 लाख रुपये है। मंचर की राजमिलन स्वीट्स में 250 किलो मीठे मावे की क्वालिटी पर शक हुआ। यह माल 80,000 रुपये का था और इसे जब्त करके नष्ट किया गया।
मोहम्मदवाडी की बीकानेर मिठाईवाले से 268 किलो बर्फी, कीमत 88,440 रुपये, जब्त हुई। वहां स्टोरेज और हैंडलिंग ठीक नहीं थी, इसलिए बर्फी नष्ट कर दी गई। शिवाजीनगर की न्यू क्वालिटी डेयरी फार्म से 104.7 किलो डेयरी प्रोडक्ट उठाए गए, जिनकी कीमत 31,493 रुपये है। पिंपले सौदागर की भाईल स्वीट्स से 92.5 किलो मिठाई और नमकीन जब्त हुई, कीमत 32,860 रुपये।
वानवडी की पौर्णिमा स्वीट्स से 58 किलो कलाकंद, यानी 37,120 रुपये का माल, पकड़ा गया। वहां लाइसेंस या रजिस्ट्रेशन नहीं मिला, तो दुकान को बंदी का नोटिस भी जारी हुआ। कालेवाडी की पुणेरी स्वीट्स में 35 किलो कलाकंद के घटिया होने का शक था। इसकी कीमत 19,600 रुपये है और इसे नष्ट करा दिया गया।
पुणे के बाहर सबसे बड़ी जब्ती सांगली में हुई। वसंतदादा मार्केट यार्ड की आशीष ट्रेडर्स से 749 किलो बादाम पकड़े गए, जिनकी कीमत 8.98 लाख रुपये है। अफसरों को शक है कि बादाम घटिया क्वालिटी के हैं और उन पर गलत लेबल चिपका है। पूरे दिन की कार्रवाई में यह सबसे महंगी अकेली जब्ती रही। सोलापुर और कोल्हापुर के खाने के कारोबारियों के यहां भी छापे पड़े, जहां से मिठाई, काजू और दूसरा सामान उठाया गया।
FDA ने सभी खाने का धंधा करने वालों से अपील की है कि वे वैध लाइसेंस और रजिस्ट्रेशन जरूर लें, अपनी जगह साफ-सुथरी रखें, माल का स्टोरेज और हैंडलिंग सही ढंग से करें, और लेबलिंग तथा फूड सेफ्टी के नियमों का पालन करें। त्योहार के दिनों में ऐसी जांच आगे भी जारी रहने की उम्मीद है, ताकि लोग दिवाली पर साफ और सुरक्षित मिठाई खा सकें।
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