पायल झांबरे की मौत: ससुराल के घर से 35 तोला सोना जब्त, पति और सास-ससुर की रिमांड दो दिन बढ़ी
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पुणे के मुकुंदनगर में पायल झांबरे की मौत के मामले में पुलिस ने घर से सोना, मोबाइल और सीसीटीव्ही फुटेज जब्त किया है। अदालत ने पति और सास-ससुर की पुलिस हिरासत दो दिन बढ़ा दी।
पुणे में पायल झांबरे की आत्महत्या के मामले में पुलिस जांच आगे बढ़ी है। दहेज के लिए शारीरिक और मानसिक उत्पीड़न करके विवाहिता को आत्महत्या के लिए उकसाने के आरोप में दर्ज इस केस में पुलिस ने झांबरे परिवार के घर से 35 तोला सोना और चांदी के गहने जब्त किए हैं। इसके साथ ही पति अक्षय और ससुर अरविंद के मोबाइल, मृतक पायल का मोबाइल और सीसीटीव्ही फुटेज भी पुलिस ने अपने कब्जे में लिया है।
पति अक्षय अरविंद झांबरे (35), ससुर अरविंद वसंतराव झांबरे (68) और सास मंगल अरविंद झांबरे (58) की पुलिस हिरासत की मियाद खत्म होने वाली थी। तीनों मुकुंदनगर के मंगलमय में रहते हैं। शनिवार को उन्हें अदालत में पेश किया गया। सरकारी पक्ष की ओर से वकील भाग्यश्री डागले-संचेती ने दलील दी। मूल फरियादी की ओर से वकील पुष्कर पाटील और वकील ऋतुराज पाटील ने पैरवी की। अदालत ने तीनों की पुलिस हिरासत दो दिन बढ़ा दी।
इसी केस में अक्षता झांबरे उर्फ निमन भी आरोपी है, जिसकी पुलिस तलाश कर रही है। पुलिस को अभी तक इस मामले का बाकी 15 तोला सोना नहीं मिला है।
मामला यह है कि सोमवार, 2 नवंबर को पुणे के मुकुंदनगर में अक्षय हाइट्स सोसायटी के एक फ्लैट में पायल अक्षय झांबरे का शव मिला। शुरुआती जानकारी के मुताबिक गले में फंदा डालकर आत्महत्या करने का शक जताया गया। खबर मिलते ही स्वारगेट पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने शव अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए ससून अस्पताल भेजा।
पायल की मौत की खबर मिलने के बाद उनके मायके वालों ने ससुराल वालों पर गंभीर आरोप लगाए। रिश्तेदारों ने शक जताया कि यह आत्महत्या नहीं, बल्कि साजिश के तहत की गई हत्या हो सकती है।
मायके वालों की शिकायत के मुताबिक शादी के बाद से ससुराल वाले पायल को लगातार मानसिक और शारीरिक तौर पर परेशान करते थे। आरोप है कि पति अक्षय झांबरे, सास, ससुर और ननद पैसे के साथ सोने की भी मांग करते थे। रिश्तेदारों का आरोप है कि हर साल दिवाली के आसपास मायके से पांच से दस तोला सोना लाने को कहा जाता था। इस साल भी ऐसी मांग की गई थी।
शिकायत में दावा है कि मायके वालों ने आर्थिक हालात का हवाला देकर यह मांग पूरी करने में असमर्थता जताई थी। पायल का परिवार किसान है और सूखे के हालात की वजह से उन्होंने अगले सीजन तक का वक्त मांगा था। इसके बावजूद उत्पीड़न जारी रहा। परिवार का आरोप है कि इन मांगों से पायल पर मानसिक दबाव बनाया जा रहा था। इन सभी आरोपों की सच्चाई पुलिस जांच से सामने आएगी।


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