लोणीकंद में मेफेड्रोन गिरोह का भंडाफोड़, सात लोग गिरफ्तार, तीन देसी पिस्तौल बरामद
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पुणे जिले में मेफेड्रोन की सप्लाई चलाने के शक में लोणीकंद पुलिस ने सात लोगों को गिरफ्तार किया है। उनके पास से ड्रग्स, तीन देसी पिस्तौल और पांच जिंदा कारतूस मिले हैं।
पुणे जिले में मेफेड्रोन की सप्लाई का नेटवर्क चलाने के शक में लोणीकंद पुलिस ने सात लोगों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने इस कार्रवाई में कुल 128.3 ग्राम मेफेड्रोन, तीन देसी पिस्तौल और पांच जिंदा कारतूस बरामद किए हैं। मेफेड्रोन प्रतिबंधित नशीला पदार्थ है।
मामले की शुरुआत कटकेवाड़ी फाटा के पास हुई। यहां एक आदमी को हिरासत में लिया गया, जिस पर आरोप है कि वह ड्रग्स और हथियार लेकर घूम रहा था। गश्त के दौरान पुलिसकर्मी शुभम चिंके और सुधीर शिवले को एक सूचना मिली थी। उसी से टीम को पता चला कि नशे का सौदा किस जगह होने की आशंका है।
सूचना मिलने के बाद पुलिस इंस्पेक्टर सुनीता रोकडे की अगुवाई में टीम ने जाल बिछाया। टीम ने लोणीकंद के रहने वाले 35 साल के प्रतीक उर्फ सोन्या दत्तात्रय होले को हिरासत में लिया। तलाशी में उसके पास से कथित तौर पर 19.4 ग्राम मेफेड्रोन, एक देसी पिस्तौल और दो जिंदा कारतूस मिले।
पुलिस के मुताबिक होले से पूछताछ में दो और संदिग्धों का पता चला। ये हैं 26 साल का विशाल शिवाजी मकर और 24 साल का सोमनाथ संजय गोरे, दोनों शिरूर के रहने वाले हैं। इन दोनों के खिलाफ हुई आगे की कार्रवाई में दो और देसी पिस्तौल और तीन जिंदा कारतूस जब्त किए गए।
जांच आगे बढ़ी तो पुलिस नेटवर्क के चार और कथित सदस्यों तक पहुंची। इनमें बाकोरी के 33 साल के विशाल उर्फ दादा रामदास कोल्टे और शिरूर तालुका के रांजणगांव के 34 साल के राजूराम उमेदराम चौधरी शामिल हैं। बाकी दो हैं 28 साल के वैभव बालू खेडकर और 21 साल के शिवम प्रशांत डेडगे, ये दोनों शिरूर के रहने वाले हैं। इन चारों के पास से भी मेफेड्रोन बरामद हुआ।
अब लोणीकंद पुलिस इस कथित सप्लाई चेन की जांच कर रही है। गिरफ्तार लोगों में से हर एक की क्या भूमिका थी, यह भी पुलिस देख रही है। पुलिस के मुताबिक यह कार्रवाई पुणे इलाके में नशीले पदार्थों की बिक्री, भंडारण और वितरण के खिलाफ तेज किए गए अभियान का हिस्सा है।
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