मुकुंद नगर में 34 साल की महिला की मौत, भाई ने पति और तीन ससुराल वालों पर लगाए आरोप
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मौत से कुछ घंटे पहले महिला के फोन से भाई को मैसेज गया था कि "मेरी सास जिम्मेदार है"। भाई की शिकायत पर स्वारगेट पुलिस स्टेशन में पति, सास, ससुर और ननद के नाम दर्ज हुए हैं।
पुणे के मुकुंद नगर में सोमवार सुबह 34 साल की पायल अक्षय झांबरे अपने ससुराल के फ्लैट में मृत मिलीं। फ्लैट अक्षय हाइट्स कोऑपरेटिव हाउसिंग सोसायटी में है। पायल के भाई ऋषिकेश रवींद्र पवार (31) ने स्वारगेट पुलिस स्टेशन में विस्तृत शिकायत दी है। उनका आरोप है कि दहेज, सोने और पुश्तैनी जायदाद को लेकर सालों तक शारीरिक और मानसिक प्रताड़ना हुई, जिसने पायल को आत्महत्या की तरफ धकेला।
शिकायत में पायल के पति अक्षय अरविंद झांबरे (38), सास मंगल (58), ससुर अरविंद (65) और ननद अक्षता (30) के नाम हैं। परिवार की तरफ से वकील पुष्कर पाटिल और ऋतुराज पासलकर पैरवी कर रहे हैं। शिकायत का एक अहम हिस्सा वह मैसेज है, जो मौत से कुछ घंटे पहले भेजा गया था: "मेरी सास जिम्मेदार है।"
शिकायत के मुताबिक पायल की शादी 13 मार्च 2019 को अक्षय से हुई थी। आरोप है कि मायके वालों ने शादी पर 70-80 लाख रुपये खर्च किए और जोड़े को करीब 50 तोला सोना और 25 लाख रुपये नकद दिए। इसके बावजूद दो-तीन महीने के भीतर सास ने कथित तौर पर हर त्योहार पर मायके से पैसे और सोने की मांग शुरू कर दी। घर के कामों को लेकर भी पायल को कथित रूप से परेशान किया गया और अपने खर्च के लिए पैसे नहीं दिए गए। भाई का कहना है कि शादी बचाने के लिए परिवार बार-बार ये मांगें पूरी करता रहा।
शिकायत में यह भी आरोप है कि 2022 में गर्भावस्था के दौरान पति और ससुराल वाले परिवार की सामाजिक इज्जत का हवाला देकर बार-बार कहते रहे कि बेटा ही होना चाहिए। 30 मार्च 2023 को बेटी हुई तो आरोप है कि अस्पताल में ही उन्होंने पायल से पूछा कि बेटी क्यों हुई, और कहा कि वे मां या बच्ची, किसी की जिम्मेदारी नहीं लेंगे। मायके वालों के मुताबिक सिजेरियन डिलीवरी और इलाज पर करीब 2.5 लाख रुपये उन्होंने ही खर्च किए।
इसके बाद पायल खेड शिवापुर में मायके चली गईं और लगभग एक साल वहीं रहीं। आरोप है कि ससुराल वालों ने उन्हें वापस लेने से इनकार कर दिया। दोनों परिवारों के बुजुर्गों के बीच कई बार बातचीत हुई, तब जाकर वे पति के पास लौटीं। शिकायत के मुताबिक उसके बाद भी प्रताड़ना चलती रही। बेटी के जन्म पर ताने दिए गए और धमकी दी गई कि मांगें पूरी न हों तो वह और उसकी बेटी जान दे दें।
शिकायत कहती है कि पति और सास ने पायल पर दबाव डाला कि वह पिता से खेती की जमीन में अपना हिस्सा मांगे और उसे पति के नाम करवाए। उसे अल्टीमेटम दिया गया कि या तो जायदाद का इंतजाम करे या तलाक लेकर बेटी के साथ घर छोड़ दे। आरोप है कि अगस्त 2026 में जायदाद की मांग पूरी न होने पर उसे घर से निकाल दिया गया। फिर दोनों परिवारों की एक और बैठक हुई, जिसमें मायके वालों ने भरोसा दिया कि बच्ची की पढ़ाई, निजी खर्च और आगे की शादी का पूरा खर्च वे उठाएंगे। इसके बाद पायल और बेटी को वापस ले लिया गया।
1 नवंबर को सुबह करीब 8.30 बजे पायल खेड शिवापुर के श्रीरामनगर में अपने मायके आईं। भाई के मुताबिक वह दिन भर असामान्य रूप से चुप रहीं। शाम को पूछने पर वह रो पड़ीं और कथित तौर पर बताया कि सास अक्सर गाली-गलौज और मारपीट करती है और ससुर शराब पीकर भद्दी गालियां देता है। उन्होंने यह भी बताया कि दिवाली के लिए ससुराल वालों ने पांच तोला सोना मांगा था। भाई ने दो दिन और रुकने को कहा, पर पायल के मुताबिक उन्हें अगले दिन स्कूल से बेटी को लेने के लिए पुणे लौटना था। शाम करीब 6.30 बजे भाई ने उनके लिए कैब करवा दी।
रात 9.18 बजे भाई को पायल के मोबाइल से मैसेज मिला: "मेरी सास जिम्मेदार है।" घबराकर उन्होंने फौरन फोन किया, पर पायल ने नहीं उठाया। फिर उन्होंने पति को फोन किया, जिसने कथित तौर पर गुस्से में कहा कि घरेलू मामलों में दखल न दें और फोन काट दिया। रात में पायल, उनके पति और ससुर को बार-बार फोन लगाया गया, पर कथित तौर पर जवाब नहीं मिला और फोन बंद या पहुंच से बाहर हो गए।
2 नवंबर की सुबह अक्षय ने कथित तौर पर पायल के पिता को बताया कि पायल घर नहीं लौटी हैं। भाई, माता-पिता और रिश्तेदार ससुराल पहुंचे और पूछताछ की। कथित तौर पर अक्षय ने कहा कि पायल बगल के फ्लैट में हो सकती हैं। भाई वहां गए तो फ्लैट अंदर से बंद था। उन्होंने पीछे की गैलरी से कांच तोड़कर अंदर जाकर मुख्य दरवाजा खोला। परिवार ने रसोई में छत के हुक से बंधी रस्सी पर पायल को लटका पाया। भाई ने उन्हें तुरंत नीचे उतारकर बचाने की कोशिश की, पर कोई हरकत नहीं थी।
शिकायत के मुताबिक जब परिवार उन्हें बचाने में लगा था, तब पति कथित तौर पर वहां से चला गया। एक रिश्तेदार ने आपातकालीन हेल्पलाइन 112 पर पुलिस को खबर दी। पुलिस मौके पर पहुंची और शव को पोस्टमॉर्टम के लिए ससून जनरल अस्पताल भेजा। पवार ने चारों ससुराल वालों पर लगातार शारीरिक और मानसिक क्रूरता, बार-बार पैसे और सोने की मांग, पुश्तैनी जायदाद नाम करवाने के दबाव और बेटी के जन्म पर अपमान का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि इसी सब ने पायल को आत्महत्या की ओर धकेला। परिवार ने चारों आरोपियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की है।
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