पायल झांबरे केस में पति के बाद सास-ससुर भी गिरफ्तार, स्वारगेट पुलिस की कार्रवाई
तस्वीरें सत्यापित नहीं हैं
पुणे के मुकुंदनगर की पायल झांबरे की मौत के मामले में स्वारगेट पुलिस ने फरार सास और ससुर को गिरफ्तार किया है। पति पहले ही पुलिस कस्टडी में है।
पुणे के मुकुंदनगर इलाके में हुई पायल झांबरे की मौत के मामले में स्वारगेट पुलिस ने एक और बड़ी कार्रवाई की है। पायल के सास-ससुर घटना के बाद से फरार थे, पुलिस ने उन्हें अब गिरफ्तार कर लिया है। गिरफ्तार किए गए आरोपियों के नाम अरविंद झांबरे (ससुर) और मंगल झांबरे (सास) हैं।
इससे दो दिन पहले पुलिस ने पायल के पति अक्षय झांबरे को गिरफ्तार किया था। पुलिस उसे इस मामले का मुख्य आरोपी बता रही है। उसे शिवाजीनगर कोर्ट में पेश किया गया, जहां कोर्ट ने उसे 4 दिन की पुलिस कस्टडी में भेज दिया। केस दर्ज होने के बाद से सास-ससुर पुलिस को चकमा दे रहे थे, लेकिन स्वारगेट पुलिस ने जांच तेज की और दोनों को हिरासत में ले लिया। अब सास-ससुर भी पुलिस के हाथ लग गए हैं, इसलिए माना जा रहा है कि मामले की कई और बातें सामने आ सकती हैं।
मामला 1 नवंबर का है। 29 साल की शादीशुदा पायल झांबरे ने अपने घर में फांसी लगा ली थी। परिवार का आरोप है कि दहेज की मांग और ससुराल वालों के लगातार शारीरिक और मानसिक उत्पीड़न से तंग आकर पायल ने यह कदम उठाया। परिवार के मुताबिक मरने से पहले पायल ने अपने भाई को मैसेज भेजा था कि "मेरी सास इस सबके लिए जिम्मेदार है।"
इस घटना के बाद स्वारगेट पुलिस स्टेशन में पति के साथ सास, ससुर और ननद के खिलाफ भी केस दर्ज किया गया था। केस दहेज बली और आत्महत्या के लिए उकसाने का है। इस रिपोर्ट में ननद की गिरफ्तारी का जिक्र नहीं है।
परिवार ने पुलिस को बताया है कि पायल की शादी में मायके वालों ने 70 से 80 लाख रुपये खर्च किए थे। इसके बावजूद ससुराल वाले संतुष्ट नहीं थे। परिवार का आरोप है कि शादी के बाद पायल से बार-बार सोने और पैसों की मांग की जाती रही। खासकर दिवाली के त्योहार पर मायके से 10 तोला सोना लाने के लिए उस पर भारी दबाव डाला जा रहा था। परिवार का कहना है कि इसी तकलीफ और लगातार हो रहे टॉर्चर से परेशान होकर पायल ने यह कदम उठाया।
सास-ससुर के पुलिस की गिरफ्त में आने के बाद अब इस मामले की जांच और गहराई से की जा रही है।
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