पायल झांबरे की मां से सुनेत्रा पवार ने की फोन पर बात, जांच तेज करने मुख्यमंत्री से बोलेंगी
उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार ने कहा कि वे पायल झांबरे प्रकरण की नियमित समीक्षा कर रही हैं और परिवार की मांगें मुख्यमंत्री तक पहुंचाएंगी।
पुणे: पायल झांबरे प्रकरण में राष्ट्रवादी कांग्रेस की अध्यक्ष और उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार ने कहा है कि वे मामले की नियमित समीक्षा कर रही हैं। जांच को फास्टट्रैक पर लाने के लिए वे मुख्यमंत्री से चर्चा करेंगी।
पुणे जिले की पालकमंत्री सुनेत्रा पवार ने कल, गुरुवार 5 तारीख को पायल की मां से फोन पर बात की। उन्होंने मां की बात ध्यान से सुनी और बताया कि वे इस मामले की लगातार खबर ले रही हैं। परिवार की जो भी मांगें हैं, उन्हें मुख्यमंत्री तक पहुंचाने और उन पर फॉलोअप करने का भरोसा भी उन्होंने दिया।
सुनेत्रा पवार के मुताबिक मामले की जांच चल रही है और इस सिलसिले में उन्होंने पुलिस अधीक्षक से भी बात की है। मां को हिम्मत देते हुए उन्होंने कहा, "आपकी भावनाएं मैं समझ सकती हूं। मैं भी एक मां हूं। ऐसी घटनाएं होनी ही नहीं चाहिए, लेकिन दुर्भाग्य से यह घटना हो गई है। इस मुश्किल घड़ी में आपकी भावना और आपका दर्द मैं समझ सकती हूं।" उन्होंने साफ किया कि जांच सही दिशा में और ज्यादा तेजी से हो, इसके लिए यह केस फास्टट्रैक पर लेने के बारे में वे मुख्यमंत्री महोदय से बात करेंगी।
अब मामले की पृष्ठभूमि। पुणे के मुकुंदनगर में अक्षय हाइट्स सोसायटी के एक फ्लैट में सोमवार, 2 नवंबर को पायल अक्षय झांबरे का शव मिला। शुरुआती जानकारी के मुताबिक गले में फंदा लगाकर आत्महत्या किए जाने का संदेह जताया गया है। खबर मिलते ही स्वारगेट पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने शव अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए ससून अस्पताल भेज दिया।
पायल की मौत की खबर के बाद उनके मायके वालों ने ससुराल वालों पर गंभीर आरोप लगाए। रिश्तेदारों को शक है कि यह आत्महत्या नहीं, बल्कि घात हो सकता है।
मायके वालों की शिकायत के मुताबिक शादी के बाद से ससुराल में पायल का लगातार मानसिक और शारीरिक उत्पीड़न किया जा रहा था। आरोप है कि पति अक्षय झांबरे, सास, ससुर और ननद पैसे और सोने की मांग करते थे। रिश्तेदारों का आरोप है कि हर साल दिवाली के आसपास मायके से पांच से दस तोला सोना लाने की मांग की जाती थी। इस बार भी ऐसी मांग की गई थी। शिकायत में दावा है कि आर्थिक हालत की वजह से मायके वाले यह मांग पूरी नहीं कर सकते थे। पायल का परिवार किसान है और सूखे के हालात के कारण उन्होंने अगले सीजन तक का वक्त मांगा था, फिर भी उत्पीड़न चलता रहा। परिवार का आरोप है कि इन मांगों से पायल पर मानसिक दबाव बनाया जा रहा था। इन सभी आरोपों की सच्चाई पुलिस जांच से सामने आएगी।
पुलिस की शुरुआती जानकारी के मुताबिक रविवार, 1 नवंबर को पायल का सास से झगड़ा हुआ था और इसके बाद वे घर से निकल गई थीं। सोमवार, 2 नवंबर की सुबह उनकी तलाश शुरू हुई। परिवार और रिश्तेदार ढूंढ रहे थे, तभी मुकुंदनगर की अक्षय हाइट्स सोसायटी के एक फ्लैट में वे मृत मिलीं। खबर है कि पुलिस को मौके पर कोई सुसाइड नोट नहीं मिला। इसलिए मौत के पीछे की सही परिस्थिति, घर के झगड़े और उत्पीड़न के आरोपों की जांच की जा रही है।
इस मामले में स्वारगेट पुलिस ने कार्रवाई करते हुए पायल के पति अक्षय झांबरे को गिरफ्तार किया है। पति अक्षय, सास मंगल अरविंद झांबरे, ससुर अरविंद झांबरे और ननद अक्षता के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है।
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