मोरवाडी ग्रेड सेपरेटर पर लगा हाइट बैरियर 18 घंटे में गिरा, अज्ञात गाड़ी ने मारी टक्कर
तस्वीरें सत्यापित नहीं हैं
पिंपरी चिंचवाड़ नगर निगम का लगाया लोहे का हाइट बैरियर अज्ञात गाड़ी की टक्कर से गिर गया। ट्रैफिक पुलिस इंस्पेक्टर ने ग्रेड सेपरेटर के नीचे की असली ऊंचाई की जांच की मांग की है।
पिंपरी चिंचवाड़ नगर निगम (PCMC) ने मुंबई-पुणे हाईवे पर मोरवाडी ग्रेड सेपरेटर के नीचे भारी गाड़ियों को फंसने से रोकने के लिए जो हाइट बैरियर लगाया था, वह लगने के 18 घंटे के भीतर ही गिर गया। एक अज्ञात गाड़ी ने उसे टक्कर मार दी।
लोहे का यह बैरियर पुण्यश्लोक अहिल्यादेवी होलकर ग्रेड सेपरेटर पर गुरुवार, 5 नवंबर की सुबह करीब 5.30 बजे लगाया गया था। उसी दिन रात करीब 11 बजे एक अज्ञात गाड़ी ने उसे गिरा दिया। आशंका है कि हादसे के बाद गाड़ी का ड्राइवर सर्विस रोड से भाग निकला।
इससे पहले इसी जगह लगाया गया हाइट बैरियर 48 घंटे के भीतर टूट गया था। ताज़ा घटना ने उस एक तरह के रिकॉर्ड को भी पीछे छोड़ दिया है।
नगर निगम ने यह बैरियर इसलिए लगाया था कि ऊंचे कंटेनर और दूसरी भारी गाड़ियां ग्रेड सेपरेटर में न घुसें और उसके ढांचे को नुकसान न पहुंचे। पहले कई ऊंचे कंटेनर इस ढांचे के नीचे फंस चुके हैं, जिससे उसके स्लैब और हॉरिज़ॉन्टल बीम को नुकसान हुआ है।
मामला 30 अक्टूबर को फिर उभरा, जब एक और कंटेनर हॉरिज़ॉन्टल बीम से रगड़ खा गया और बीम खतरनाक हालत में पहुंच गई। ट्रैफिक पुलिस की चेतावनी के बाद निगम प्रशासन ने 31 अक्टूबर को दोपहर 3 से शाम 5 बजे तक सड़क पर यातायात बंद रखा था।
निगम के सिविल प्रोजेक्ट्स विभाग के कार्यकारी इंजीनियर मनोज बोरसे ने बताया कि गुरुवार तड़के लगाए गए हाइट बैरियर को रात करीब 11 बजे एक अज्ञात गाड़ी ने टक्कर मारकर गिरा दिया।
इस बीच पिंपरी ट्रैफिक पुलिस के इंस्पेक्टर अमित डोलस ने हाइट बैरियर और ग्रेड सेपरेटर के नीचे असल में मिलने वाली ऊंचाई की पूरी जांच की मांग की। उन्होंने यह भी जांचने का सुझाव दिया कि पुल के नीचे डामर की बार-बार बिछाई गई परतों से कहीं ऊंचाई की वास्तविक गुंजाइश तो कम नहीं हो गई।
डोलस ने कहा कि शहर के दूसरे ग्रेड सेपरेटरों पर कंटेनर गाड़ियां अक्सर नहीं फंसतीं। इससे मोरवाडी वाले ढांचे में उपलब्ध ऊंचाई पर सवाल उठते हैं।
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