पुणे के 9 गांवों की विकास योजना में 143 बदलाव प्रस्तावित, सबसे ज्यादा 31 लोहगांव में
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पुणे महानगरपालिका के नगर रचना विभाग ने 2017 में शामिल हुए नौ गांवों की विकास योजना में 143 बदलाव सुझाए हैं। 30 दिन तक जनता इन्हें देख सकेगी, फिर मामला राज्य सरकार के पास जाएगा।
पुणे महानगरपालिका (पीएमसी) की सीमा में 2017 में जोड़े गए नौ गांवों की विकास योजना (डीपी) अब अंतिम मंजूरी के और करीब पहुंच गई है। नागरिकों और जनप्रतिनिधियों की ओर से आई सूचनाओं और आपत्तियों पर गौर करने के बाद पीएमसी के नगर रचना विभाग ने इस योजना में 143 बदलाव प्रस्तावित किए हैं।
ये संशोधन महाराष्ट्र सरकार के राजपत्र में महाराष्ट्र रीजनल एंड टाउन प्लानिंग (एमआरटीपी) एक्ट, 1966 की धारा 28(4) के तहत प्रकाशित किए गए हैं। बदलाव लोहगांव, मुंढवा-केशवनगर, हडपसर (साडेसतरा नली), उंड्री, आंबेगांव बुद्रुक, आंबेगांव खुर्द, धायरी, शिवणे और उत्तमनगर से जुड़े हैं।
प्रारूप डीपी अक्टूबर 2025 में एमआरटीपी एक्ट की धारा 26 के तहत प्रकाशित हुआ था। इसके बाद कुल 7,590 सूचनाएं और आपत्तियां आईं, और संशोधित योजना इन्हीं की जांच के बाद तैयार हुई है।
सरकार की ओर से नियुक्त विशेषज्ञ सदस्यों की एक नियोजन समिति ने मार्च से अप्रैल 2026 के बीच जन सुनवाई की और जुलाई 2026 में अपनी रिपोर्ट सौंपी। नगर निगम प्रशासन की ओर से जारी जानकारी के मुताबिक करीब 70 से 75 फीसदी सूचनाओं और आपत्तियों पर सकारात्मक ढंग से विचार किया गया, और उसी से 143 संशोधन निकले।
कुल बदलावों में से 84, यानी करीब 59 फीसदी, सड़कों के जाल से जुड़े हैं। इनका मकसद सड़कों की कनेक्टिविटी बेहतर करना और आने वाले वक्त की ट्रैफिक जरूरतों को देखते हुए सड़कों का ज्यादा व्यावहारिक नक्शा बनाना है।
इसके अलावा सार्वजनिक आरक्षणों में 28 बदलाव (20 फीसदी) और सुविधा स्थलों में 30 बदलाव (21 फीसदी) किए गए हैं। प्रस्तावित आरक्षणों और सुविधाओं को जमीनी हकीकत और मौजूदा ढांचों के हिसाब से बैठाने के लिए ये संशोधन हुए हैं।
नौ गांवों में सबसे ज्यादा प्रस्तावित बदलाव लोहगांव के हिस्से आए हैं। वहां 31 संशोधन हैं, जो कुल का करीब 22 फीसदी है। धायरी और उंड्री में भी काफी बदलाव हैं, जबकि सबसे कम आंबेगांव खुर्द में हैं, जो कुल का करीब पांच फीसदी है।
प्रस्तावित संशोधनों की सूची और संशोधित नक्शे 30 दिन तक जनता के देखने के लिए रखे जाएंगे। ये पीएमसी की आधिकारिक वेबसाइट www.pmc.gov.in पर, विधान भवन के सामने स्थित नगर रचना कार्यालय में और पीएमसी मुख्यालय में उपलब्ध होंगे।
जनता के देखने की यह अवधि पूरी होने के बाद संशोधित बदलाव एमआरटीपी एक्ट की धारा 30 के तहत अंतिम मंजूरी के लिए महाराष्ट्र सरकार को भेजे जाएंगे।
सरकार की मंजूरी मिलते ही ये नौ गांव अपनी पहली आधिकारिक रूप से स्वीकृत विकास योजना पा लेंगे। तेजी से बढ़ रहे इन इलाकों में आगे के बुनियादी ढांचे, सड़क कनेक्टिविटी और नागरिक सुविधाओं के लिए यही योजना ढांचा बनेगी।
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