पुणे में पायल पवार-झांबरे की मौत: पति समेत चार पर दहेज हत्या और आत्महत्या के लिए उकसाने का केस
तस्वीरें सत्यापित नहीं हैं
स्वारगेट पुलिस ने भाई की शिकायत पर पति, सास, ससुर और ननद के खिलाफ मामला दर्ज किया है। पुलिस मामले की गहराई से जांच कर रही है।
पुणे के मुकुंदनगर इलाके में 29 साल की शादीशुदा महिला पायल पवार-झांबरे की मौत से पूरे राज्य में हड़कंप मच गया है। शिकायत के मुताबिक, दिवाली के मौके पर मायके से 10 तोला सोना लाने के लिए ससुराल वाले उन्हें परेशान कर रहे थे। इसी परेशानी से तंग आकर पायल ने ससुराल के परिवार के पुराने फ्लैट में फांसी लगा ली।
मौत से एक रात पहले पायल ने अपने भाई को टेक्स्ट मैसेज भेजा था। इसके बाद उनका फोन बंद हो गया। यह जानकारी अब सामने आई है।
पायल के भाई ऋषीकेश पवार ने पुलिस को दी शिकायत में पूरा घटनाक्रम बताया है। उसी शिकायत के आधार पर पुलिस ने पायल के पति अक्षय अरविंद झांबरे, सास, ससुर और ननद के खिलाफ मामला दर्ज किया है।
शिकायत में कहा गया है कि 30 मार्च 2023 को पायल को बेटी हुई थी। आरोप है कि ससुराल वाले अस्पताल पहुंचे और वहां झगड़ा किया। उन्होंने कहा, "हमें लड़का चाहिए था, तुझे लड़की कैसे हुई, हम इस लड़की को नहीं संभालेंगे," और वहां से चले गए। शिकायत के मुताबिक इसके बाद भी बेटी होने की वजह से उन्हें बार-बार ताने दिए गए, गाली-गलौज की गई और शारीरिक और मानसिक तकलीफ दी जाती रही।
1 नवंबर 2026 को पायल मायके से ससुराल लौटी थीं। रात 9.18 बजे उन्होंने शिकायतकर्ता भाई ऋषीकेश के मोबाइल पर एक टेक्स्ट मैसेज भेजा। उसमें लिखा था, "मेरी सास जिम्मेदार है"। भाई ने फौरन पायल को फोन लगाया, पर उन्होंने फोन नहीं उठाया। फिर भाई ने पायल के पति को फोन किया। शिकायत के मुताबिक पति ने बदतमीजी से टालमटोल वाले जवाब दिए और यह कहकर फोन काट दिया कि घर के झगड़े में मत पड़ो।
पायल के घरवालों ने देर रात तक ससुराल वालों से बात करने की कोशिश की, लेकिन सबके फोन बंद आ रहे थे। सुबह के वक्त ससुराल वालों ने खुद फोन करके बताया कि पायल घर नहीं आई हैं। शक होने पर मायके के लोग मुकुंदनगर में झांबरे पैलेस के ससुराल वाले घर पहुंचे और पायल के बारे में पूछा। शिकायत के मुताबिक किसी ने कुछ नहीं बताया। आखिर में पति अक्षय ने कहा कि पायल सामने वाले फ्लैट में होंगी।
इसके बाद पति और मायके के सारे लोग उस फ्लैट पर पहुंचे, लेकिन दरवाजा अंदर से बंद था। तब भाई ने पीछे की गैलरी वाले दरवाजे का कांच तोड़ा, अंदर घुसे और मुख्य दरवाजा खोला। सबने किचन में देखा तो पायल छत की कड़ी से रस्सी के सहारे लटकी मिलीं।
पुलिस की मदद से उन्हें तुरंत इलाज के लिए ससून अस्पताल ले जाया गया, लेकिन इलाज शुरू होने से पहले ही डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
मृतका के भाई के बयान पर स्वारगेट पुलिस ने पति, सास, ससुर और ननद के खिलाफ दहेज हत्या और आत्महत्या के लिए उकसाने का मामला दर्ज किया है। पुलिस इस मामले की गहराई से जांच कर रही है।
कमेंट
अभी कोई कमेंट नहीं। पहले आप लिखिए।