निगड़ी में खाली फ्लैटों पर कब्जे की कोशिश, PCMC की सख्त कानूनी कार्रवाई की चेतावनी
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पिंपरी-चिंचवड़ म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन ने कहा है कि निगड़ी के पेठ नंबर 22 में झोपड़पट्टी पुनर्वसन प्रोजेक्ट के 640 खाली फ्लैटों में बिना इजाजत घुसने वालों पर सख्त कार्रवाई होगी।
पिंपरी-चिंचवड़ म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन (PCMC) ने साफ चेतावनी दी है कि निगड़ी के पेठ नंबर 22 में झोपड़पट्टी पुनर्वसन प्रोजेक्ट के तहत बने 640 खाली फ्लैटों में जो भी घुसने या उन पर कब्जा करने की कोशिश करेगा, उस पर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। ये फ्लैट अदालत के आदेश की वजह से बंद पड़े हैं।
यह चेतावनी इसलिए दी गई है कि PCMC को खबर मिली है कि कुछ लोग इन खाली फ्लैटों में बिना इजाजत जबरन घुसने और उन पर कब्जा करने की कोशिश कर रहे हैं। कॉर्पोरेशन के पास ऐसी शिकायतें भी आई हैं कि कुछ लोग दूसरों को इन फ्लैटों पर कब्जा करने के लिए उकसा रहे हैं। प्रशासन ने साफ कर दिया है कि जो भी बिना अनुमति इन फ्लैटों में घुसता पाया गया, उस पर कार्रवाई होगी।
यह प्रोजेक्ट जवाहरलाल नेहरू नेशनल अर्बन रिन्यूअल मिशन (JNNURM) और बेसिक सर्विसेज टू द अर्बन पुअर (BSUP) योजना के तहत बनाया गया है। इस योजना में कुल 11,760 फ्लैट बनाने की योजना थी। इनमें से 3,440 फ्लैटों का काम पूरा हो चुका है, और उन 3,440 में से 2,880 फ्लैट पात्र लाभार्थियों को सौंप दिए गए हैं।
बाकी 640 फ्लैट कानूनी विवाद की वजह से खाली पड़े हैं। इस प्रोजेक्ट से जुड़ा एक मामला बॉम्बे हाई कोर्ट में चल रहा है, और कोर्ट ने आदेश दिया है कि 'status quo' यानी मौजूदा स्थिति बनी रहे। इस स्टे की वजह से इन फ्लैटों का आवंटन और निर्माण, दोनों रुके हुए हैं।
कोर्ट के आदेश के मुताबिक इस प्रोजेक्ट में न कोई निर्माण हो सकता है, न आवंटन हो सकता है और न ही कोई और कार्रवाई की जा सकती है। कॉर्पोरेशन के अधिकारियों ने बताया कि इस मामले में अब तक कोई नया कानूनी घटनाक्रम नहीं हुआ है और कोर्ट का आदेश अभी भी लागू है।
आखिर में PCMC ने नागरिकों से अपील की है कि वे किसी भी झूठे आश्वासन के झांसे में न आएं और ऐसा कोई कदम न उठाएं, जिससे वे खुद कानूनी मुश्किल में फंस जाएं।
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