7 लाख के कर्ज पर पुणे के कारोबारी का कथित अपहरण, एक्सप्रेसवे पर पीछा कर छुड़ाया
तस्वीरें सत्यापित नहीं हैं
अलंकार पुलिस ने पनवेल एक्जिट के पास स्कॉर्पियो रोककर 43 साल के कारोबारी को छुड़ाया और एक आरोपी को गिरफ्तार किया। तीन आरोपी अब भी फरार हैं।
पुणे में 7 लाख रुपये के कर्ज के विवाद में 43 साल के एक कारोबारी का चार लोगों ने कथित तौर पर अपहरण कर लिया था। बुधवार, 28 अक्टूबर को अलंकार पुलिस ने पुणे-मुंबई एक्सप्रेसवे पर पीछा करके उन्हें छुड़ा लिया। पुलिस ने पनवेल एक्जिट के पास ट्रैफिक रोककर गाड़ी को घेरा, कारोबारी को आजाद कराया और एक आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। बाकी तीन संदिग्ध रास्ते में ही हाईवे से उतरकर भाग निकले।
मामला दोपहर करीब 12.11 बजे शुरू हुआ। अलंकार पुलिस को मोबाइल डेटा टर्मिनल (MDT) के जरिए कोथरुड के दीपाश्री बंगले से कॉल मिला। पुलिस कॉन्स्टेबल चव्हाण और लोंढे दूसरे जवानों के साथ मौके पर पहुंचे। कॉल करने वाले विनय प्रकाश पावटेकर ने बताया कि चार अनजान लोगों ने एक शख्स को जबरदस्ती काली और मेहंदी रंग की महिंद्रा स्कॉर्पियो (MH01 EF1182) में धकेला और कोथरुड की तरफ निकल गए।
एक पुलिस मार्शल ने गाड़ी का पीछा शुरू किया और थाने को खबर दी। वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक उल्हास कदम ने गाड़ी को ढूंढने और रोकने के लिए पुलिस कॉन्स्टेबल शेलके, यादव, सोनवणे और गोनारकर की टीम बनाई। जल्द पता चला कि स्कॉर्पियो कर्वे रोड, चांदनी चौक और बेंगलुरु-मुंबई हाईवे से होकर मुंबई की तरफ जा रही है। पुलिस ने पुणे सिटी पुलिस कंट्रोल रूम और वरिष्ठ अफसरों को अलर्ट कर दिया।
पुलिस उपायुक्त सागर कावड़े के मार्गदर्शन में पुणे सिटी, पिंपरी-चिंचवड, पुणे ग्रामीण और रायगढ़ की पुलिस, ट्रैफिक पुलिस और हाईवे सुरक्षा स्टाफ ने मिलकर रास्ते में नाकेबंदी की। अलंकार की टीम एक्सप्रेसवे पर थी, तभी खबर मिली कि स्कॉर्पियो पुराने पुणे-मुंबई हाईवे से मुंबई की तरफ मुड़ गई है। टीम खालापुर टोल प्लाजा पार कर चुकी थी, इसलिए वह लौटी और गाड़ी का पीछा करने लगी। खालापुर की हाईवे सुरक्षा टीम को भी गाड़ी रोकने को कहा गया।
आरोपियों ने कथित तौर पर पुलिस की चेतावनी अनसुनी की, टोल प्लाजा के बैरियर तोड़े और मुंबई की तरफ तेजी से भागे। अलंकार की टीम पीछा करती रही और उसने नवी मुंबई पुलिस और हाईवे सुरक्षा कर्मियों को सड़क रोकने के लिए सतर्क किया। आखिरकार पनवेल एक्जिट के पास स्कॉर्पियो के आगे और पीछे ट्रैफिक जाम करके उसे घेर लिया गया। एक आरोपी पकड़ा गया, अपहृत शख्स सही-सलामत छुड़ा लिया गया और गाड़ी जब्त कर ली गई।
वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक कदम ने कहा, "पूछताछ में गिरफ्तार आरोपी ने कथित तौर पर पुलिस को बताया कि बाकी तीन लोग रास्ते में हाईवे से उतरकर भाग गए। उन्हें ढूंढने की कोशिश चल रही है।"
पुलिस के मुताबिक अपहरण की वजह कथित तौर पर पैसों का विवाद थी। शिकायतकर्ता केदार जयंत वांगीकर ने कथित तौर पर अपने दो दोस्तों के लिए आरोपियों से 7 लाख रुपये का कर्ज दिलवाया था। दोस्तों ने रकम वक्त पर नहीं लौटाई तो आरोपी समीर गुलाब शेख ने कथित तौर पर वांगीकर का अपहरण कर लिया और उन्हें जान से मारने की धमकी दी। वांगीकर 43 साल के हैं और कैटरिंग तथा कर्ज से जुड़ा कारोबार करते हैं।
उनकी शिकायत पर अलंकार पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) 2023 की धारा 140(2), 127(2) और 3(5) के तहत मामला दर्ज किया है। कदम ने बताया, "गिरफ्तार आरोपी को कोर्ट में पेश किया गया था और 31 अक्टूबर तक पुलिस कस्टडी में भेजा गया था। अब वह न्यायिक हिरासत में है।" मामले की जांच पुलिस सब-इंस्पेक्टर अमोल माने कर रहे हैं और फरार तीनों आरोपियों की तलाश जारी है।
यह कार्रवाई अतिरिक्त पुलिस आयुक्त राजेश बनसोडे (पश्चिम क्षेत्र), डीसीपी सागर कावड़े (जोन 3) और सहायक पुलिस आयुक्त सुजाता तानवडे (कोथरुड विभाग) के मार्गदर्शन में हुई। टीम में वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक उल्हास कदम, पुलिस निरीक्षक (क्राइम) स्मिता पाटील, SPO तालोले और पुलिस कॉन्स्टेबल शेलके, यादव, सोनवणे, गोनारकर, विशाल मोरे, लोंढे और चव्हाण के साथ अलंकार पुलिस स्टेशन का स्टाफ शामिल था।
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