मोशी कचरा डिपो पर 5 नवंबर को आंदोलन, तीन इलाकों के लोग बोले, डिपो बंद करो
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मोशी, चिखली और दुडुळगांव के लोगों ने पिंपरी चिंचवड महानगरपालिका (PCMC) के मोशी कचरा डिपो के मुख्य गेट पर 5 नवंबर को बड़े प्रदर्शन का ऐलान किया है।
पिंपरी चिंचवड महानगरपालिका (PCMC) के मोशी स्थित कचरा डिपो के खिलाफ अब आसपास के गांवों के लोग सड़क पर उतरने की तैयारी में हैं। मोशी, चिखली और दुडुळगांव के निवासियों ने ऐलान किया है कि वे 5 नवंबर को डिपो के मुख्य गेट पर बड़ा प्रदर्शन करेंगे।
उनकी मांग साफ है। या तो डिपो को तुरंत बंद किया जाए, या फिर शहर के कचरे का निपटारा महानगरपालिका के क्षेत्रीय कार्यालयों के जरिए अलग-अलग जगहों पर किया जाए।
यह फैसला गुरुवार, 29 अक्टूबर को मोशी के श्री नागेश्वर महाराज मंदिर में हुई बैठक में लिया गया। बैठक में गांव वाले और हाउसिंग सोसायटियों के सदस्य शामिल थे। लोगों का कहना था कि लैंडफिल से सेहत और पर्यावरण पर पड़ रहे असर को लेकर वे चिंतित हैं।
निवासियों का आरोप है कि पूरे शहर का कचरा मोशी में ही डाला जा रहा है। उनके मुताबिक इससे इलाके का विकास रुक रहा है और उसकी छवि भी खराब हो रही है। उनका कहना है कि डिपो से निकलने वाली मीथेन गैस की वजह से सांस और त्वचा की तकलीफों के मामले बढ़ गए हैं, और बदबू अब करीब पांच किलोमीटर के दायरे में फैल रही है।
लोगों ने यह भी दावा किया कि डिपो से निकलने वाला हानिकारक गंदा तरल सीधे इंद्रायणी नदी में छोड़ा जा रहा है। इससे पानी का प्रदूषण और बढ़ रहा है और इलाके के जानवरों पर भी असर पड़ रहा है।
उनका यह भी कहना है कि कचरे के बढ़ते ढेर, प्रदूषण और बदबू की वजह से यहां घर खरीदने वालों की दिलचस्पी कम हुई है और कंस्ट्रक्शन के कारोबार को नुकसान पहुंचा है। उनके हिसाब से इससे इलाके की आर्थिक तरक्की और इन्फ्रास्ट्रक्चर के काम की रफ्तार धीमी पड़ रही है।
5 नवंबर के प्रदर्शन में तीनों इलाकों के हजारों निवासी, व्यापारी और स्थानीय संगठनों के सदस्य जुड़ने की उम्मीद है। लोगों को भरोसा है कि इस प्रदर्शन से प्रशासन पर दबाव बनेगा और उनकी शिकायतों पर ध्यान दिया जाएगा।
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