वाकड-रावेत में कचरा उठान ठप, पार्षद राहुल कालाते ने PCMC से मांगी तुरंत कार्रवाई
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भाजपा पार्षद राहुल कालाते ने रायगढ़ (जे) वार्ड ऑफिस इलाके में कचरा उठान और सफाई की दिक्कतों पर पिंपरी-चिंचवड़ महानगरपालिका से तुरंत कदम उठाने की मांग की है।
वाकड, 29 अक्टूबर 2026: भाजपा पार्षद राहुल तानाजी कालाते ने पिंपरी-चिंचवड़ नगर निगम (PCMC) से मांग की है कि रायगढ़ (जे) वार्ड ऑफिस इलाके में कचरा उठान और सफाई की दिक्कतों पर तुरंत ध्यान दिया जाए। उनका कहना है कि इस इलाके में मैनपावर, गाड़ियों और ज़रूरी उपकरणों की कमी है।
कालाते ने नगर आयुक्त डॉ. विजय सूर्यवंशी को एक निवेदन सौंपा है। इसमें उन्होंने कहा कि बढ़ती आबादी की ज़रूरतें पूरी करने के लिए नगर निगम ने नए वार्ड ऑफिस तो खोल दिए, लेकिन उन्हें इतने संसाधन नहीं दिए गए कि जनता को असरदार सेवाएं मिल सकें।
कालाते के मुताबिक मोशी कचरा डिपो में हुई घटना को करीब तीन महीने हो चुके हैं, फिर भी इलाके में कचरा उठान पूरी तरह सामान्य नहीं हुआ है। उन्होंने बताया कि कचरा उठाने वाली गाड़ियों को माल खाली करने में चार से पांच घंटे लग रहे हैं। गाड़ियां कम होने की वजह से फेरे भी घट गए हैं। उन्होंने यह आरोप भी लगाया कि ठेकेदार ज़रूरी गाड़ियां वक्त पर उपलब्ध नहीं करा रहे, जिससे रोज़ का कचरा उठान और सफाई प्रभावित हो रही है।
रायगढ़ (जे) वार्ड ऑफिस के इलाके में वार्ड 16, 25 और 26 आते हैं, जिनकी कुल आबादी तीन लाख से ज़्यादा है। इसमें वाकड, ताथवडे, पुनावले, पिंपले निलख, रावेत, किवले और मामुर्डी जैसे तेज़ी से बढ़ते इलाके शामिल हैं।
कालाते ने कहा कि इलाके की बढ़ती आबादी के हिसाब से गाड़ियां और सफाई कर्मचारी कम पड़ रहे हैं। नतीजा यह है कि कई हाउसिंग सोसायटियों से अनियमित कचरा उठान की शिकायतें नगर निगम को मिल रही हैं। कचरा जमा हो रहा है और बदबू फैल रही है।
नए वार्ड ऑफिस बिना ज़रूरी संसाधनों के खोलने का मकसद क्या है, यह सवाल उठाते हुए कालाते ने कहा कि ये नई प्रशासनिक इकाइयां असल में सेवा देने वाले केंद्र की तरह काम करें, सिर्फ प्रशासनिक फेरबदल बनकर न रह जाएं।
उन्होंने मांग की है कि घर-घर कचरा उठाने वाली गाड़ियों समेत पर्याप्त संख्या में कचरा गाड़ियां, सफाई कर्मचारी और दूसरी ज़रूरी मशीनरी तुरंत तैनात की जाए। साथ ही कचरा उठान के फेरे बढ़ाए जाएं, ठेकेदारों पर नियमित नज़र रखी जाए और तय नियमों का उल्लंघन करने वालों पर कार्रवाई हो।
निवेदन में कचरा उठान के ठेकेदारों की नियमित जांच, मैकेनिकल स्वीपिंग को असरदार ढंग से लागू करने और काम में लापरवाही बरतने वाली एजेंसियों पर सख्त कार्रवाई की मांग भी की गई है। कालाते ने नाले की सफाई के लिए ज़रूरी मशीनों, जिनमें जेटिंग मशीनें शामिल हैं, की कमी की ओर भी ध्यान दिलाया और प्रशासन से यह कमी दूर करने को कहा।
सीवेज ट्रीटमेंट क्षमता भी चिंता की बात: निवेदन में अलग से उठाए गए मुद्दे में कालाते ने कहा कि तेज़ी से शहरी होते इस इलाके में सीवेज ट्रीटमेंट का ढांचा नाकाफी है। उनका आरोप है कि सीवेज मिला गंदा पानी बिना सही ट्रीटमेंट के नालों और प्राकृतिक जलस्रोतों में छोड़ा जा रहा है, जिससे पर्यावरण, जल संसाधनों और लोगों की सेहत को खतरा है।
उन्होंने पर्याप्त क्षमता वाले सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (STP) बनाने, मौजूदा सुविधाओं का विस्तार करने और सख्त निगरानी रखने की मांग की है, ताकि बिना ट्रीटमेंट का पानी प्राकृतिक जलस्रोतों में न जाए। कालाते ने PCMC प्रशासन से इन मुद्दों पर तुरंत कार्रवाई करने और इलाके की बढ़ती आबादी के हिसाब से सफाई और गंदे पानी के प्रबंधन का ढांचा मज़बूत करने की अपील की।
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