पुणे और अहिल्यानगर में नकली शराब के कथित धंधे का भंडाफोड़, 11.55 लाख का माल जब्त, तीन गिरफ्तार
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राज्य उत्पाद शुल्क विभाग ने शुक्रवार को जुन्नर और पारनेर में छापे मारकर नकली ढक्कन और लेबल वाली बताई जा रही शराब पकड़ी। दिवाली से कुछ दिन पहले हुई कार्रवाई में तीन लोग गिरफ्तार हुए हैं।
महाराष्ट्र राज्य उत्पाद शुल्क विभाग ने शुक्रवार को पुणे और उससे सटे अहिल्यानगर जिले में चल रहे कथित नकली शराब के रैकेट का भंडाफोड़ किया। इस कार्रवाई में 11.55 लाख रुपये की शराब जब्त की गई और तीन लोगों को गिरफ्तार किया गया।
यह कार्रवाई दिवाली से बस कुछ दिन पहले हुई है। त्योहार के मौसम में आम तौर पर शराब की मांग बढ़ जाती है।
विभाग को सूचना मिली थी कि जुन्नर तालुका के बेल्हे गांव में बंगारवाड़ी नाम की जगह पर नकली विदेशी शराब बिक्री के लिए छिपाकर रखी गई है। इसके बाद उत्पाद शुल्क विभाग के पुणे डिवीजन की टीम ने वहां छापा मारा। टीम को रॉयल स्टैग व्हिस्की की 96 बोतलें मिलीं, जिन पर कथित तौर पर नकली ढक्कन और लेबल लगे थे। इसके साथ ही जीएम संतरा देसी शराब की 5,040 बोतलें भी बरामद हुईं। इस जगह से जब्त किए गए माल की कीमत 4.27 लाख रुपये आंकी गई है।
गिरफ्तार किए गए तीन लोगों के नाम सचिन गणपत गाडगे (40), ताहिर यूसुफ शेख (43) और सागर रामदास बोरुडे (27) हैं। गाडगे और शेख, दोनों जुन्नर तालुका के निमगांव सावा से जुड़े हैं। बोरुडे पारनेर के एक गांव का रहने वाला है।
पूछताछ के दौरान आरोपियों ने कथित तौर पर अधिकारियों को एक और ठिकाने के बारे में बताया। यह ठिकाना अहिल्यानगर जिले के पारनेर तालुका में अलकुटी गांव में था। उत्पाद शुल्क की टीम वहां पहुंची और रॉयल स्टैग व्हिस्की की 1,392 बोतलें तथा इंपीरियल ब्लू व्हिस्की की 1,728 बोतलें बरामद कीं। इन दोनों तरह की बोतलों पर भी कथित तौर पर नकली ढक्कन और लेबल थे। इस दूसरी जब्ती की कीमत करीब 7.28 लाख रुपये बताई गई है।
दोनों जगहों से जब्त किया गया कुल माल 11.55 लाख रुपये का है।
तीनों के खिलाफ महाराष्ट्र प्रोहिबिशन एक्ट, 1949 के तहत मामला दर्ज किया गया है। अधिकारियों ने बताया कि जांच अभी जारी है। पुलिस और विभाग यह पता लगाने में जुटे हैं कि नकली शराब कहां से आई, उसे कहां बांटा जाना था और इस रैकेट में कोई और लोग भी शामिल थे या नहीं।
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