शनिवार, 31 अक्टूबर 2026

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लंदन छोड़कर चुपचाप पुणे आई मुग्धा देशमुख गहुंजे के फ्लैट में मृत मिली, मौत की वजह साफ नहीं

लंदन छोड़कर चुपचाप पुणे आई मुग्धा देशमुख गहुंजे के फ्लैट में मृत मिली, मौत की वजह साफ नहीं तस्वीरें सत्यापित नहीं हैं
जुर्म PT24 टीम

लंदन में रहने की बात कहने वाली मुग्धा देशमुख अगस्त से पुणे में थीं। परिवार को इसकी खबर नहीं थी। पुलिस ने दरवाजा तोड़ा तो शव सड़ी हुई हालत में मिला।

पुणे के गहुंजे में लोढ़ा बेलमोंडो सोसाइटी के एक फ्लैट से 34 साल की एक महिला की लाश मिली है। उनका नाम मुग्धा अविनाश देशमुख था। परिवार को लगता था कि वे लंदन में हैं, जबकि वे महीनों पहले भारत लौट आई थीं और घरवालों को इसकी भनक तक नहीं लगी। मौत को संदिग्ध माना जा रहा है। मामला 31 अक्टूबर 2026 को सामने आया।

मुग्धा छत्रपति संभाजीनगर महानगरपालिका के रिटायर्ड मुख्य शहर अभियंता अविनाश देशमुख की बेटी थीं। वे जुलाई 2025 में एमबीए करने लंदन गई थीं। वहां जाने के बाद वे लगातार घर से बात करती रहती थीं, इसलिए घरवालों को कभी शक नहीं हुआ।

आखिरी बातचीत 23 अक्टूबर को हुई। एक खबर के मुताबिक यह बात माता-पिता से हुई, जबकि दूसरी में कहा गया है कि फोन मां से हुआ था। उस कॉल में मुग्धा ने बताया कि वे इंटरव्यू के लिए कहीं जा रही हैं, और फिर जल्दी में फोन रख दिया। अगले दिन परिवार ने नंबर मिलाया तो फोन बंद मिला। पहले घरवालों ने सोचा कि वे किसी काम में फंसी होंगी, पर बार-बार कोशिश के बाद भी बात नहीं हुई तो माता-पिता की फिक्र बढ़ती गई।

इसके बाद पिता ने लंदन में रहने वाली मुग्धा की सहेली निकिता से कहा कि वे पता करें कि मुग्धा कहां हैं। निकिता ने लंदन पुलिस में गुमशुदगी की रिपोर्ट लिखवाई। लंदन पुलिस की पूछताछ में पता चला कि मुग्धा ने अगस्त 2026 में ही ब्रिटेन छोड़ दिया था, यानी वे करीब दो महीने पहले भारत आ चुकी थीं। यह सुनकर परिवार को बड़ा झटका लगा। एक ब्योरे में कहा गया है कि घरवालों ने लंदन की अपनी जान-पहचान की सहेलियों से भी संपर्क किया था।

परेशान घरवालों ने छत्रपति संभाजीनगर में गुमशुदगी की शिकायत दर्ज कराई। एक खबर में इसे पिता की शिकायत बताया गया है, तो दूसरी में कहा गया है कि परिवार सीधे उस्मानपुरा पुलिस स्टेशन पहुंचा था। शिकायत के बाद पुलिस ने तलाश शुरू की। मुग्धा के बैंक स्टेटमेंट, खाते और मोबाइल की लोकेशन खंगाली गई। इसमें चौंकाने वाली बात निकली कि उनके क्रेडिट कार्ड से भारत में जोमैटो और स्विगी जैसे डिलीवरी ऐप पर लगातार खरीदारी हो रही थी। कुछ तकनीकी सबूतों से भी पक्का हुआ कि वे भारत में ही हैं। मोबाइल लोकेशन से पुलिस को गहुंजे की लोढ़ा बेलमोंडो सोसाइटी तक पहुंचने में मदद मिली। पुलिस का कहना है कि मुग्धा अगस्त से इसी फ्लैट में रह रही थीं।

इसके बाद रिश्तेदार छत्रपति संभाजीनगर पुलिस की टीम के साथ पुणे पहुंचे। घर ढूंढने के लिए इस टीम ने पिंपरी-चिंचवड़ की शिरगांव पुलिस की मदद ली। फ्लैट पर दरवाजा खुलवाने की कई कोशिशें हुईं और फोन भी लगाया गया, पर अंदर से कोई आवाज नहीं आई। दरवाजा अंदर से बंद था। यहां दो अलग ब्योरे हैं: एक के मुताबिक पुलिस ने दरवाजा तोड़ा, दूसरे के मुताबिक नकली चाबी से खोला गया। अंदर मुग्धा की लाश सड़ी हुई हालत में मिली।

पुलिस ने बताया कि फ्लैट में एसी और पंखा चालू थे और मुग्धा के आसपास कुछ दवाइयां पड़ी थीं। एक और बात सामने आई है कि 21 अक्टूबर को मुग्धा ने घर में काम करने वाली बाई को आगे से काम पर न आने को कह दिया था।

लाश को पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा गया, लेकिन उससे भी अब तक मौत की सही वजह तय नहीं हो पाई है। पुलिस जांच कर रही है और कड़ियां जोड़ने में लगी है।

कई सवाल अब भी जवाब मांग रहे हैं। मुग्धा ने अगस्त में लंदन क्यों छोड़ा, वे पुणे क्यों आईं और माता-पिता को भारत लौटने की बात क्यों नहीं बताई, यह पता नहीं चल सका है। जांच करने वाले यह भी समझना चाह रहे हैं कि 23 अक्टूबर की आखिरी बातचीत के बाद क्या हुआ और किन हालात में उनकी मौत हुई। पुलिस यह भी देख रही है कि इसमें कोई और पहलू तो शामिल नहीं है।

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