पुणे महापालिका की ठेकेदारों को चेतावनी, सुरक्षा में ढील हुई तो काम रुकेगा
पुणे महानगरपालिका ने दिवाली की छुट्टियों में चल रहे निर्माण कार्यों पर सुरक्षा नियम सख्त किए हैं। शहर अभियंता कार्यालय के निर्देश के मुताबिक नियम तोड़ने वाले ठेकेदारों पर कॉन्ट्रैक्ट की शर्तों के हिसाब से कार्रवाई होगी।
पुणे में दिवाली की छुट्टियों के दौरान काम की रफ्तार बनाए रखने के नाम पर लोगों और मजदूरों की जान जोखिम में डालने वाले ठेकेदारों को अब बख्शा नहीं जाएगा। पुणे महानगरपालिका ने शहर में चल रहे निर्माण कार्यों को लेकर ठेकेदारों को सख्त चेतावनी दी है। इस बारे में शहर अभियंता कार्यालय ने साफ निर्देश जारी किए हैं।
महापालिका के मुताबिक जहां पर्याप्त मजदूर, कुशल कर्मचारी और जरूरी साधन सामग्री नहीं होगी, वहां काम चालू रखने की इजाजत नहीं दी जाएगी। सुरक्षा नियमों की अनदेखी करने वाले ठेकेदारों पर कॉन्ट्रैक्ट की शर्तों के हिसाब से कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
शहर में पुणे महापालिका के साथ-साथ प्राइवेट कंस्ट्रक्शन कंपनियां और बिल्डर भी सड़कें, पुल और इमारतों समेत कई इन्फ्रास्ट्रक्चर के काम करवा रहे हैं। ऐसी जगहों पर खुले गड्ढे, खुदाई वाले हिस्से, अधूरी सड़कें और इधर-उधर पड़ा निर्माण सामान लोगों के लिए हादसे का खतरा बनाए रखते हैं। दिवाली की छुट्टियों में मजदूर कम हो जाते हैं और जरूरी साधन भी नहीं मिलते, इसलिए यह खतरा और बढ़ जाता है।
बताया गया है कि पिछले साल की छुट्टियों में पर्याप्त साधन सामग्री उपलब्ध न होने की वजह से कुछ निर्माण स्थलों पर हादसे हुए थे। ऐसी घटनाएं दोबारा न हों, इसलिए महापालिका ने इस बार सुरक्षा इंतजाम पर सख्त रुख अपनाया है। छुट्टियों में जहां काम चालू रहेगा, वहां पर्याप्त कुशल और अकुशल मजदूर होना जरूरी है। जरूरी सामान, मशीनरी और तकनीकी स्टाफ न हो तो काम जारी नहीं रखा जा सकेगा। सड़क पर खोदे गए गड्ढों, नालों और खतरनाक हिस्सों के चारों तरफ मजबूत बैरिकेडिंग करनी होगी।
सुरक्षा नियमों के पालन की जिम्मेदारी संबंधित इलाके के जूनियर इंजीनियर और उप अभियंताओं को सौंपी गई है। दिवाली की छुट्टियां शुरू होने से पहले सभी इंजीनियरों को अपने इलाके की निर्माण साइटों का मौका मुआयना करना होगा। इसके बाद परिशिष्ट-अ में तय की गई सेफ्टी कम्प्लायन्स चेकलिस्ट भरकर जमा करना जरूरी किया गया है। जिन साइटों पर पर्याप्त सुरक्षा इंतजाम नहीं होंगे, वहां का काम तुरंत बंद कर दिया जाएगा।
शहर अभियंता अनिरुद्ध पावसकर ने साफ किया है कि काम समय पर पूरा करने के दबाव में लोगों और मजदूरों की सुरक्षा से कोई समझौता नहीं होगा। सुरक्षा नियमों का उल्लंघन या लापरवाही मिली तो संबंधित ठेकेदार की जिम्मेदारी तय की जाएगी और उस पर कॉन्ट्रैक्ट की शर्तों के मुताबिक कड़ी कार्रवाई होगी। महापालिका के इस रुख से निर्माण स्थलों पर जवाबदेही बढ़ गई है।
साइट पर काम करने वाले मजदूरों को हेलमेट, सेफ्टी शूज, सेफ्टी बेल्ट और रिफ्लेक्टिव जैकेट देने की जिम्मेदारी भी ठेकेदारों की होगी। सुरक्षा साधनों के बिना मजदूरों से काम नहीं करवाया जा सकेगा। सिर्फ काम जल्दी निपटाने की हड़बड़ी में सुरक्षा नियमों को नजरअंदाज करना बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
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