पंजाब के नशा विरोधी अभियान पर AAP प्रवक्ता रूबेन मस्कारेनहास ने सरकार का बचाव किया
राहुल गांधी के बयान के जवाब में AAP के राष्ट्रीय प्रवक्ता रूबेन मस्कारेनहास ने पंजाब सरकार के नशा विरोधी काम गिनाए।
पंजाब में अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस और आम आदमी पार्टी (AAP) के बीच बयानबाजी तेज हो गई है। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने पंजाब के मुख्यमंत्री और AAP नेता भगवंत मान पर निशाना साधा। इसके जवाब में AAP के राष्ट्रीय प्रवक्ता एडवोकेट रूबेन मस्कारेनहास ने पंजाब सरकार का पक्ष रखा। मस्कारेनहास मुंबई में रहते हैं।
राहुल गांधी ने अपनी पार्टी का चुनावी अभियान शुरू करते हुए कहा कि AAP ने पंजाब से नशे की समस्या खत्म नहीं की है। गांधी ने यह भी कहा कि लोकसभा में मान उनके साथ बैठकर मजाक करते थे और सुबह 11 बजे तक उनसे "शराब की बू आती है"। गांधी के मुताबिक मान का शराब पीना उनका निजी मामला है, लेकिन अगर नशे से लड़ना है तो मुख्यमंत्री नशे में नहीं होना चाहिए। गांधी ने यह दावा भी किया कि AAP को दिल्ली से चलाया जा रहा है। पंजाब में अगले साल कांग्रेस का मुकाबला AAP से होगा।
मस्कारेनहास ने कहा, "नशे की समस्या खत्म करने के लिए पंजाब सरकार ने किसी भी दूसरी सरकार से ज्यादा काम किया है।" उन्होंने गांधी के बयान का जवाब देते हुए कहा, "पिछली कांग्रेस सरकारों के संस्थागत संरक्षण की वजह से यह समस्या हमें विरासत में मिली। हम जिम्मेदार सरकार हैं और नशा खत्म करने के लिए जो करना पड़ता है, वह हमने किया है।"
मस्कारेनहास के अनुसार, "हमने देश का सबसे बड़ा रिहैब प्रोग्राम चलाया है और रिहैब में आने वाले मरीजों की संख्या चार गुना कर दी है। साथ ही युवाओं तक पहुंचने के बड़े कार्यक्रम शुरू किए हैं, ताकि कलंक की सोच खत्म हो और रिहैब को समाधान के रूप में देखा जाए।" आंकड़े गिनाते हुए उन्होंने कहा, "NDPS एक्ट में सजा की दर पिछली सरकार के समय के 40 फीसदी से बढ़ाकर हमने 91 फीसदी कर दी है।"
राहुल गांधी के "शराब की बू" वाले बयान पर AAP ने कोई तालियां नहीं बजाईं, बल्कि पलटवार किया। मस्कारेनहास ने कहा, "दिल्ली में कांग्रेस बिखरी हुई है। पंजाब का नेतृत्व और शासन पंजाब के सरदार भगवंत सिंह मान के हाथ में है। राहुल गंभीर नेता नहीं हैं और उन्हीं की वजह से देश में तीसरी बार BJP की सरकार बनी है। उन्हें प्रशासन का कोई अनुभव नहीं है और कांग्रेस की किसी भी राज्य सरकार ने उनके किए वादे पूरे नहीं किए। जब देश सड़कों पर है, तब वे छुट्टियों को तरजीह देते हैं।"
राहुल गांधी ने जुबानी मुकाबला शुरू किया और AAP ने जवाब में अपना "मान (मुख्यमंत्री भगवंत मान) की बात" सामने रखा।
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